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MP News: बच्चों के डायपर में इस्तेमाल सामग्री अचारपुरा में बनेगी, ओबीटी और जर्मन कंपनी का संयुक्त उपक्रम

Tue, 27 Aug 2024 08:07 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 27 Aug 2024 08:07 PM IST
सार

उज्जैन और जबलपुर के बाद बुधवार को ग्वालियर में इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। इसके बाद सागर और रीवा में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होंगे। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि फरवरी के अंत में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा।

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MP News: Material used in children's diapers will be made in Acharpura, OBT Group and German company invested.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के अचारपुरा में ओबीटी ग्रुप और जर्मनी की कंपनी के संयुक्त उपक्रम का भूमिपूजन किया। इसमें लगभग 125 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके तहत एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया जा रहा है, जो पहले भारत में कहीं नहीं बनता था। बच्चों के डायपर के लिए आवश्यक सामग्री जो आमतौर पर चीन से आयात की जाती थी, अब भारत में निर्मित होगी।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग केवल उद्योगपति के लिए नहीं होता, बल्कि जहां भी उद्योग लगता है, वहां रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, राज्य सरकार को राजस्व मिलता है और देश-दुनिया में हमारे राज्य की साख बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अचारपुरा क्षेत्र में टीडब्ल्यूई-ओबीटी उद्योग समूह द्वारा स्थापित की जा रही वूवन फैब्रिक यूनिट  राज्य में औद्योगीकरण के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस यूनिट के संचालन से 250 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, और स्थानीय व्यक्तियों में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी कौशल का विकास होगा। इस यूनिट से वाणिज्य उत्पादन सितंबर 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है। निवेशक कंपनी ने अपने निवेश को भविष्य में 1000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की योजना बनाई है। 
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औद्योगिकीकरण को दे रहे बढ़ावा
इससे पहले बुधवार को मीडिया से बातचीत में सीएम ने राज्य में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न संभागों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि हम लगातार विभिन्न संभागों में निवेश को लेकर रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।
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सागर और रीवा में भी होंगे कॉनक्लेव
उज्जैन और जबलपुर के बाद बुधवार को ग्वालियर में इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। इसके बाद सागर और रीवा में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होंगे। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि फरवरी के अंत में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा। इस समिट का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
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19 सितंबर को कोलकाता में इंडस्ट्रियल समिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में निवेश के लिए सभी प्रकार की अनुकूलता मौजूद है। प्रदेश में विनम्र, लगनशील, परिश्रमी और समर्पित मानव संसाधन उपलब्ध हैं, और यहां श्रमिक हड़ताल की मानसिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक नेतृत्व और प्रशासकीय व्यवस्था उद्योगों के लिए अनुकूल हैं, और प्रदेश में उद्योग-मित्र नीति भी लागू है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन किया जा रहा है। ग्वालियर, रीवा, और सागर में जल्द ही समिट आयोजित होंगी। इसके साथ ही 19 सितंबर को कोलकाता में इंडस्ट्रियल समिट आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के बड़े निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा।

बैरसिया क्षेत्र में औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचान होगी
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल का बैरसिया क्षेत्र, जो अब तक केवल कृषि के लिए पहचाना जाता था, अब औद्योगिक केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। विधायक विष्णु खत्री और उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपनी बात रखी।


100 साल पुरानी है टीडब्ल्यूई-ओबीटी
टीडब्ल्यूई-ओबीटी प्राइवेट लिमिटेड एक 100 वर्ष पुराना बहुराष्ट्रीय संयुक्त उद्यम है, जिसका मुख्यालय जर्मनी में है। यह समूह नॉन वूवन फैब्रिक, टेक्निकल टैक्सटाइल, फर्नीचर, और चाय के क्षेत्र में कार्यरत है। अचारपुरा में स्थापित की जा रही यूनिट से भारत में नॉन वूवन हाइजीन उत्पाद जैसे एडीएल, टॉप सीट, और बैक सीट का उत्पादन होगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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