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MP News: भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ विशाल प्रदर्शन
Wed, 04 Dec 2024 09:18 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 04 Dec 2024 09:18 PM IST
सार
भोपाल में बुधवार को सकल हिंदू समाज के आह्वान पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए और उन्होंने 2 किमी लंबी रैली निकालकर विरोध जताया। रैली का समापन कमिश्नर संजीव सिंह और जिपं सीईओ ऋतुराज सिंह को ज्ञापन सौंपकर किया गया।
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भोपाल में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन, रैली और सभा का आयोजन कर बांग्लादेश सरकार की कड़ी निंदा क
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
भोपाल में बुधवार को बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में सकल हिंदू समाज के नेतृत्व में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। प्रदर्शन का प्रारंभ भारत माता चौराहा से दोपहर 2 बजे हुआ, जहां से 2 किमी लंबी रैली ने न्यू मार्केट से होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक यात्रा की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता भी थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय समेत कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। रैली का समापन कमिश्नर संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपकर हुआ। प्रदर्शन के दौरान भोपाल के बाजारों में भी असर देखने को मिला। व्यापारियों ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कई बाजारों को बंद रखा। खासतौर से कृषि उपज मंडी में खरीददारी नहीं हुई, और थोक दवा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। वहीं, कई व्यापारी संगठनों जैसे भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्रीज, भोपाल किराना व्यापारी महासंघ, और अन्य व्यापारिक संघों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। जहांगीराबाद बाजार, सब्बन चौराहा वार्ड-34 पूरी तरह से बंद रहे। यहां पर पार्षद पप्पू घाडगे ने बताया कि यहां हिंदू-मुसलबमान व्यापारियों ने स्वेच्छा से मिलकर दुकाने बंद की।
सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री को कभी देश छोड़कर भागने की स्थिति नहीं आती, और यहां की सेना कभी विद्रोह नहीं करती क्योंकि हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में वसुधैव कुटुम्बकम का सिद्धांत कार्य करता है, और इस नफरत की आग को खत्म करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल दायर की है, जिसमें उन्होंने आग्रह किया है कि हेट स्पीच को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए और साथ ही देश की सभी धार्मिक किताबों की समीक्षा की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनमें से कोई किताब नफरत फैलाने वाली बातें तो नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं, चंद कट्टरपंथियों के कारण सबको बदनाम किया जाता है तो मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, मनमोहन सिंह और एलके आडवाणी को पाकिस्तान से
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क्यों भागना पड़ा। फिल्म एक्टर रितिक रोशन के दादा रोशन साहब, प्रेम चोपड़ा, यश चोपड़ा, गीतकर गुलज़ार, लेखक खुशवंत सिंह, खिलाड़ी मिल्खा सिंह समेत कई बड़े लोगों को भागना पड़ा था। तब उन्हें उनके कन्वर्टड मुस्लिम पड़ोसी बचाने क्यों नहीं आए थे। गांधी जी ने कहा था कि आतंकवादी को मारने से आतंक खत्म नहीं होगा। इसी प्रकार जिहादियों को नहीं, जिहादी सोच को खत्म करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज मैं भोपाल की धरती से सभी पुलिस वालों को बताना चाहता हूं कि जब कभी आपको धर्मांतरण की शिकायत मिले, सीधे धर्मांतरण कराने वालों पर एनएसए, यूएपीएस लगाइए, सभी जरूरी धाराएं लगाइए। आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका रास्ता हमने सुप्रीम कोर्ट से खुलवा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में तो 6 करोड़ घुसपैठिए हैं। यह हमारे देश की एकता अखंडता के लिए खतरा हैं । हर तरह के अपराध के लिए एक्ट है, लेकिन डेमोग्राफी बदलने के खिलाफ कुछ नही है। हमारे हाथ से दुर्योधन का ननिहाल कंधार निकल गया, अफगानिस्तान बन गया। राजा भरत का ननिहाल कैकई पाकिस्तान बन गया। बंगाल का एक हिस्सा बांग्लादेश बन गया। भारत के राज्य और केंद्र शासित मिलाकर 9 राज्यों की डेमोग्राफी बदल गई। उपाध्याय ने बताया कि भारत में चल रहे धर्मांतरण, लवजिहाद, लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद के खिलाफ भी आवाज उठाना जरूरी है और इस पर सरकार को उचित कार्रवाही करना चाहिए।
सकल हिन्दू समाज ने अपने ञापन में यह मांग रखी कि बांग्लादेश सरकार से वहां हिन्दुओं पर अत्याचार तत्काल बंद करना सुनिश्चित कराया जाए एवं जेल में बंद इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को अविलंब कारावास से मुक्त करे। इसके साथ हीं भारत सरकार से आह्वान किया कि बांग्लादेश में हिन्दुओं और बाकी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने के मजबूती से प्रयास करे और इसके समर्थन में वैश्विक अभिमत बनाने के यथाशीघ्र कदम उठाए। प्रदर्शन में एक ज्ञापन भी तैयार किया गया। इसका वाचन दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मनोज बांगा ने किया। इस पर मंचासीन सभी पदाधिकारियों के साथ मंच सामने उपस्थित लोगों ने अपना समर्थन देते हुए हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारत माता चौराहे पर चले इस प्रदर्शन के बाद एक विशाल रैली निकाली गई। जो कि रोशनपुरा चौराहे तक करीब तीन किमी चली। इसका नेतृत्व संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने की। रोशनपुरा पहुंचकर रैली की अगुवाई कर रहे संतों ने भोपाल संभाग आयुक्त संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपकर रैली का समापन किया। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।
इस दौरान, कुछ विवाद भी उत्पन्न हुआ जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजारों में दुकानों को बंद करने की कोशिश की, जिसके चलते दुकानदारों के साथ झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान कई साधु-संत और समाज के वरिष्ठ सदस्य मंच पर मौजूद थे, जबकि अन्य नेता जनता के बीच बैठे थे। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बना, जिसमें भोपाल के हर हिस्से से लोग शामिल हुए।
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रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता भी थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय समेत कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। रैली का समापन कमिश्नर संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपकर हुआ। प्रदर्शन के दौरान भोपाल के बाजारों में भी असर देखने को मिला। व्यापारियों ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कई बाजारों को बंद रखा। खासतौर से कृषि उपज मंडी में खरीददारी नहीं हुई, और थोक दवा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। वहीं, कई व्यापारी संगठनों जैसे भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्रीज, भोपाल किराना व्यापारी महासंघ, और अन्य व्यापारिक संघों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। जहांगीराबाद बाजार, सब्बन चौराहा वार्ड-34 पूरी तरह से बंद रहे। यहां पर पार्षद पप्पू घाडगे ने बताया कि यहां हिंदू-मुसलबमान व्यापारियों ने स्वेच्छा से मिलकर दुकाने बंद की।
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सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री को कभी देश छोड़कर भागने की स्थिति नहीं आती, और यहां की सेना कभी विद्रोह नहीं करती क्योंकि हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में वसुधैव कुटुम्बकम का सिद्धांत कार्य करता है, और इस नफरत की आग को खत्म करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल दायर की है, जिसमें उन्होंने आग्रह किया है कि हेट स्पीच को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए और साथ ही देश की सभी धार्मिक किताबों की समीक्षा की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनमें से कोई किताब नफरत फैलाने वाली बातें तो नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं, चंद कट्टरपंथियों के कारण सबको बदनाम किया जाता है तो मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, मनमोहन सिंह और एलके आडवाणी को पाकिस्तान से
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क्यों भागना पड़ा। फिल्म एक्टर रितिक रोशन के दादा रोशन साहब, प्रेम चोपड़ा, यश चोपड़ा, गीतकर गुलज़ार, लेखक खुशवंत सिंह, खिलाड़ी मिल्खा सिंह समेत कई बड़े लोगों को भागना पड़ा था। तब उन्हें उनके कन्वर्टड मुस्लिम पड़ोसी बचाने क्यों नहीं आए थे। गांधी जी ने कहा था कि आतंकवादी को मारने से आतंक खत्म नहीं होगा। इसी प्रकार जिहादियों को नहीं, जिहादी सोच को खत्म करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज मैं भोपाल की धरती से सभी पुलिस वालों को बताना चाहता हूं कि जब कभी आपको धर्मांतरण की शिकायत मिले, सीधे धर्मांतरण कराने वालों पर एनएसए, यूएपीएस लगाइए, सभी जरूरी धाराएं लगाइए। आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका रास्ता हमने सुप्रीम कोर्ट से खुलवा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में तो 6 करोड़ घुसपैठिए हैं। यह हमारे देश की एकता अखंडता के लिए खतरा हैं । हर तरह के अपराध के लिए एक्ट है, लेकिन डेमोग्राफी बदलने के खिलाफ कुछ नही है। हमारे हाथ से दुर्योधन का ननिहाल कंधार निकल गया, अफगानिस्तान बन गया। राजा भरत का ननिहाल कैकई पाकिस्तान बन गया। बंगाल का एक हिस्सा बांग्लादेश बन गया। भारत के राज्य और केंद्र शासित मिलाकर 9 राज्यों की डेमोग्राफी बदल गई। उपाध्याय ने बताया कि भारत में चल रहे धर्मांतरण, लवजिहाद, लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद के खिलाफ भी आवाज उठाना जरूरी है और इस पर सरकार को उचित कार्रवाही करना चाहिए।
सकल हिन्दू समाज ने अपने ञापन में यह मांग रखी कि बांग्लादेश सरकार से वहां हिन्दुओं पर अत्याचार तत्काल बंद करना सुनिश्चित कराया जाए एवं जेल में बंद इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को अविलंब कारावास से मुक्त करे। इसके साथ हीं भारत सरकार से आह्वान किया कि बांग्लादेश में हिन्दुओं और बाकी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने के मजबूती से प्रयास करे और इसके समर्थन में वैश्विक अभिमत बनाने के यथाशीघ्र कदम उठाए। प्रदर्शन में एक ज्ञापन भी तैयार किया गया। इसका वाचन दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मनोज बांगा ने किया। इस पर मंचासीन सभी पदाधिकारियों के साथ मंच सामने उपस्थित लोगों ने अपना समर्थन देते हुए हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारत माता चौराहे पर चले इस प्रदर्शन के बाद एक विशाल रैली निकाली गई। जो कि रोशनपुरा चौराहे तक करीब तीन किमी चली। इसका नेतृत्व संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने की। रोशनपुरा पहुंचकर रैली की अगुवाई कर रहे संतों ने भोपाल संभाग आयुक्त संजीव सिंह को ज्ञापन सौंपकर रैली का समापन किया। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।
इस दौरान, कुछ विवाद भी उत्पन्न हुआ जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजारों में दुकानों को बंद करने की कोशिश की, जिसके चलते दुकानदारों के साथ झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान कई साधु-संत और समाज के वरिष्ठ सदस्य मंच पर मौजूद थे, जबकि अन्य नेता जनता के बीच बैठे थे। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बना, जिसमें भोपाल के हर हिस्से से लोग शामिल हुए।
