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MP News: मूंग 8682 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदेगी सरकार, 19 जून से शुरू होगा किसानों का रजिस्ट्रेशन
Sun, 15 Jun 2025 06:20 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 15 Jun 2025 06:20 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार किसानों से ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करेगी। मूंग 8682 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द 7400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों का पंजीयन 19 जून से शुरू होगा।
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सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 19 जून से शुरू होने जा रही है। सरकार द्वारा किसानों से मूंग 8682 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएगी। राज्य सरकार ने उपार्जन की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य दिलाना है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार न सिर्फ समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्र और आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए प्रदेश में कृषि मेलों का आयोजन भी कर रही है। इसके साथ ही किसानों को भविष्य की फसलों के लिए आवश्यक संसाधनों में भी सहायता दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्हें कृषि आधारित उद्योग लगाने में भी सहायता कर रही हैं। प्रदेश सरकार किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें भारतीय किसान संघ ने मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदने को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। साथ ही कांग्रेस ने भी सरकार से मूंग और उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पत्र लिखा था।
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प्रदेश के 36 जिलों में मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक मूंग की कटाई की जाती है, जबकि 13 जिलों में इसी अवधि में उड़द की फसल काटी जाती है। मूंग का संभावित रकबा 14.35 लाख हेक्टेयर है, जिससे करीब 20.23 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है। वहीं, उड़द का संभावित क्षेत्रफल 0.95 लाख हेक्टेयर है और इससे लगभग 1.24 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार न सिर्फ समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्र और आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए प्रदेश में कृषि मेलों का आयोजन भी कर रही है। इसके साथ ही किसानों को भविष्य की फसलों के लिए आवश्यक संसाधनों में भी सहायता दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उन्हें कृषि आधारित उद्योग लगाने में भी सहायता कर रही हैं। प्रदेश सरकार किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें भारतीय किसान संघ ने मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदने को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। साथ ही कांग्रेस ने भी सरकार से मूंग और उड़द को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पत्र लिखा था।
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प्रदेश के 36 जिलों में मई के तीसरे सप्ताह से जून के पहले सप्ताह तक मूंग की कटाई की जाती है, जबकि 13 जिलों में इसी अवधि में उड़द की फसल काटी जाती है। मूंग का संभावित रकबा 14.35 लाख हेक्टेयर है, जिससे करीब 20.23 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है। वहीं, उड़द का संभावित क्षेत्रफल 0.95 लाख हेक्टेयर है और इससे लगभग 1.24 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है।
