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MP News: नए साल में बिजली का झटका, 1 जनवरी से एफसीए कास्ट 14 पैसे प्रति यूनिट बढ़ी
Tue, 03 Jan 2023 10:15 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 03 Jan 2023 10:15 AM IST
सार
मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने मध्य प्रदेश पावर मैनजमेंट कंपनी ने एफसीए बढ़ाने प्रस्ताव भेजा था। इस संबंध में आयोग ने अगले तीन माह 31 मार्च तक के लिए एफसीए में 14 पैसे की बढ़ोतरी करने के आदेश जारी कर दिए।
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मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका, एफसीए बढ़ाया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में बिजली की नई दरें तय होने से पहले ही फ्यूल कास्ट एडजस्टमेंट (एफसीए) बढ़ गया है। प्रदेश में एक जनवरी से एफसीए 14 पैसे प्रति यूनिट बढ़ गई हैं। इस संबंध में सोमवार को मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने आदेश जारी कर दिए।
मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने मध्य प्रदेश पावर मैनजमेंट कंपनी ने एफसीए बढ़ाने प्रस्ताव भेजा था। इस संबंध में आयोग ने अगले तीन माह 31 मार्च तक के लिए एफसीए में 14 पैसे की बढ़ोतरी करने के आदेश जारी कर दिए। 31 दिसंबर 2022 तक एफसीए 20 पैसे प्रति यूनिट था। अब यह बढ़कर 34 पैसे प्रति यूनिट हो गया हैं। यह तय दर अगले तीन महीने यानी 31 मार्च 2023 तक रहेंगी।
क्या होता है एफसीए
फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफसीए) बाजार में कोयले या ईधन की कीमत के अनुसार मांग और आपूर्ति के आधार पर हर तीन महीने में बदलती हैं। दरअसल ईधन की कीमत से बिजली उत्पादन की लागत प्रभावित होती है। बिजली कंपनी बढ़ी हुई दर को एफसीए लगाकर उपभोक्ता के बिल में जोड़कर वसूल करती है।
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मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने मध्य प्रदेश पावर मैनजमेंट कंपनी ने एफसीए बढ़ाने प्रस्ताव भेजा था। इस संबंध में आयोग ने अगले तीन माह 31 मार्च तक के लिए एफसीए में 14 पैसे की बढ़ोतरी करने के आदेश जारी कर दिए। 31 दिसंबर 2022 तक एफसीए 20 पैसे प्रति यूनिट था। अब यह बढ़कर 34 पैसे प्रति यूनिट हो गया हैं। यह तय दर अगले तीन महीने यानी 31 मार्च 2023 तक रहेंगी।
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क्या होता है एफसीए
फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफसीए) बाजार में कोयले या ईधन की कीमत के अनुसार मांग और आपूर्ति के आधार पर हर तीन महीने में बदलती हैं। दरअसल ईधन की कीमत से बिजली उत्पादन की लागत प्रभावित होती है। बिजली कंपनी बढ़ी हुई दर को एफसीए लगाकर उपभोक्ता के बिल में जोड़कर वसूल करती है।
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