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MP News: CM ने बेंगलुरु में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड का निरीक्षण किया,MP में ब्रांच खोलने का आमंत्रण दिया
Wed, 07 Aug 2024 10:17 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 07 Aug 2024 10:17 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी एयरक्रॉफ्ट के माध्यम से भारत ने दुनिया में अलग धाक बनाई है। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के सभी सदस्यों को बधाई। मैं इस संस्थान को मध्य प्रदेश में भी ब्रांच खोलने का आमंत्रण दे रहा हूं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बेंगलुरु पहुंचते ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वदेशी तकनीक से निर्मित लाइट कॉम्बेट एयरक्रॉफ्ट तेजस में बैठकर खुद को गौरवान्वित महसूस किया। मुख्यमंत्री ने एचएएल के विमान एवं हेलीकॉप्टर के निर्माण एवं कार्य को समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एचएएल की देश में कई स्थानों पर यूनिट्स है। मध्य प्रदेश सरकार की मंशा है कि एचएलए एयरोस्पेस एवं रक्षा में से किसी एक डेवलपमेंट विंग की प्रदेश में स्थापना हो। मध्य प्रदेश सरकार इसकी स्थापना के लिए भूमि सहित समस्त आधारभूत सुविधाएं सिंगल विंडो से सारी कार्यवाही त्वरित गति से पूरी करवाएगा। यूनिट स्थापना के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की भी जाएगी, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया आसानी से की जा सके।
मुख्यमंत्री एचएएल के इक्विपिंग एवं फाइनल असेंबली का अवलोकन किया। उन्होंने एलसीए एयरक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग सीक्वेंस को समझा। साथ ही स्ट्रक्चरल, असेंबली, कपलिंग इक्विपिंग एवं टेस्टिंग के चरणों को जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एयरक्रॉफ्ट को जानने की उत्सुकता और गौरव के पल को महसूस करने के लिये स्वयं तेजस एयरक्राफ्ट में बैठे और उसकी सुरक्षा तथा मारक क्षमता की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने ध्रुव हेलीकॉप्टर में बैठकर पायलट से हेलीकॉप्टर की खूबियों को जाना। उन्होंने एच.ए.एल. के अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्वदेशी तकनीक से एयरक्रॉफ्ट एवं रक्षा उपकरण बनाने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एचएएल द्वारा स्वदेशी तकनीक से निर्मित विमान और सुरक्षा उपकरणों से भारतीय नौसेना की क्षमता में वृद्धि हुई, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। साथ ही विजिटर बुक में एंट्री भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एच.ए.एल. के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर सीबी कृष्ण अनंत तेजस लड़ाकू विमान की प्रतिकृति सम्मान स्वरूप भेंट की।
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एचएएल भारत सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र का विशिष्ट उपक्रम है। इस उपक्रम में एयरोनॉटिकल एवं रक्षा क्षेत्र में उपयोगी उत्पादों का निर्माण किया जाता है। यह स्वदेशी सैन्य तथा विमानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है।
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मुख्यमंत्री एचएएल के इक्विपिंग एवं फाइनल असेंबली का अवलोकन किया। उन्होंने एलसीए एयरक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग सीक्वेंस को समझा। साथ ही स्ट्रक्चरल, असेंबली, कपलिंग इक्विपिंग एवं टेस्टिंग के चरणों को जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एयरक्रॉफ्ट को जानने की उत्सुकता और गौरव के पल को महसूस करने के लिये स्वयं तेजस एयरक्राफ्ट में बैठे और उसकी सुरक्षा तथा मारक क्षमता की जानकारी ली।
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मुख्यमंत्री ने ध्रुव हेलीकॉप्टर में बैठकर पायलट से हेलीकॉप्टर की खूबियों को जाना। उन्होंने एच.ए.एल. के अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्वदेशी तकनीक से एयरक्रॉफ्ट एवं रक्षा उपकरण बनाने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एचएएल द्वारा स्वदेशी तकनीक से निर्मित विमान और सुरक्षा उपकरणों से भारतीय नौसेना की क्षमता में वृद्धि हुई, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। साथ ही विजिटर बुक में एंट्री भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एच.ए.एल. के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर सीबी कृष्ण अनंत तेजस लड़ाकू विमान की प्रतिकृति सम्मान स्वरूप भेंट की।
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एचएएल भारत सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र का विशिष्ट उपक्रम है। इस उपक्रम में एयरोनॉटिकल एवं रक्षा क्षेत्र में उपयोगी उत्पादों का निर्माण किया जाता है। यह स्वदेशी सैन्य तथा विमानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है।
