{"_id":"682e07049c53405f890bfa9a","slug":"mp-news-case-of-mortgaging-panchayat-in-guna-sarpanch-and-panch-removed-from-post-fir-registered-2025-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: गुना में पंचायत को गिरवी रखने का मामला, सरपंच और पंच को पद से हटाया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: गुना में पंचायत को गिरवी रखने का मामला, सरपंच और पंच को पद से हटाया गया
Wed, 21 May 2025 10:32 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 21 May 2025 10:32 PM IST
सार
मध्यप्रदेश की पंचायत व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुना जिले की एक महिला सरपंच ने पंचायत को 20 लाख रुपये के कर्ज के बदले गिरवी रख दिया। इस घटना ने ग्रामीण शासन प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार, दबंगई और कागजी हेरफेर की परतें खोलकर रख दी हैं।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के गुना जिले में लोकतंत्र और पंचायत व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां करोद ग्राम पंचायत की महिला सरपंच लक्ष्मीबाई पति शंकर सिंह गौड़ ने चुनाव लड़ने के लिए 20 लाख रुपये का कर्ज लिया और उसके बदले पंचायत से जुड़ी संपत्तियां, दस्तावेज और सील गांव के कर्जदाता हेमराज सिंह धाकड़ को सौंप दी। इस लेनदेन में पंच रणवीर सिंह कुशवाह ने गारंटी दी और बाकायदा स्टांप पेपर पर अनुबंध भी किया गया। 28 नवंबर 2022 को हुए इस समझौते में यह उल्लेख था कि चुनाव जीतने के बाद पंचायत के विकास कार्यों में से 5 प्रतिशत राशि सरपंच को कमीशन के रूप में मिलेगी, जिससे कर्ज चुकाया जाएगा। साथ ही, पंच को सरपंच प्रतिनिधि बनाकर पंचायत के कार्यों की देखरेख की जिम्मेदारी दे दी गई थी।
ये भी पढ़ें- Bhopal: भोपाल-इंदौर मेट्रो में तुर्की की कंपनी को मिला काम, कांग्रेस ने मेट्रो ऑफिस का किया घेराव, लगाए नारे
जानकारी के अनुसार प्रशासन को इस गड़बड़ी की सूचना मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के अंतर्गत दोनों जनप्रतिनिधियों को पद से बर्खास्त कर दिया गया और ऋणदाता पर एफआईआर दर्ज की गई। इसी तरह चाचौड़ा की रामनगर पंचायत में आदिवासी महिला सरपं द्वारा दबंग व्यक्ति से कर्ज लेकर पंचायत की बागडोर सौंपने का मामला भी सामने आया। यहां पर भी आपसी समझौते के तहत दबंग को पंचायत पर नियंत्रण सौंपा गया और बदले में हर वर्ष एक लाख रुपये सरपंच को देने की बात तय हुई। गुना जिला प्रशासन ने मामलों को गंभीर मानते हुए कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है और जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। यह घटनाएं पंचायतों में महिला आरक्षण की आड़ में दबंगों की पकड़ और भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करती हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal: प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal: भोपाल-इंदौर मेट्रो में तुर्की की कंपनी को मिला काम, कांग्रेस ने मेट्रो ऑफिस का किया घेराव, लगाए नारे
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार प्रशासन को इस गड़बड़ी की सूचना मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के अंतर्गत दोनों जनप्रतिनिधियों को पद से बर्खास्त कर दिया गया और ऋणदाता पर एफआईआर दर्ज की गई। इसी तरह चाचौड़ा की रामनगर पंचायत में आदिवासी महिला सरपं द्वारा दबंग व्यक्ति से कर्ज लेकर पंचायत की बागडोर सौंपने का मामला भी सामने आया। यहां पर भी आपसी समझौते के तहत दबंग को पंचायत पर नियंत्रण सौंपा गया और बदले में हर वर्ष एक लाख रुपये सरपंच को देने की बात तय हुई। गुना जिला प्रशासन ने मामलों को गंभीर मानते हुए कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है और जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। यह घटनाएं पंचायतों में महिला आरक्षण की आड़ में दबंगों की पकड़ और भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करती हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal: प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश
