{"_id":"64a17d84101fcfbd47031c65","slug":"mp-news-a-chief-municipal-officer-2-deputy-engineers-dismissed-from-service-in-illegal-consolidation-of-250-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: 250 कर्मचारियों के नियमविरुद्ध संविलियन में एक मुख्य नगर पालिका अधिकारी, 2 उप यंत्री सेवा से बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: 250 कर्मचारियों के नियमविरुद्ध संविलियन में एक मुख्य नगर पालिका अधिकारी, 2 उप यंत्री सेवा से बर्खास्त
Sun, 02 Jul 2023 07:07 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 02 Jul 2023 07:07 PM IST
सार
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अनूपपुर जिले की नवगठित परिषद डोला, डूमरकछार, वनगवां और शहडोल जिले की नगर परिषद बकहो में नियम विरूद्ध कर्मचारियों के संविलियन करने की विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
मंत्री भूपेंद्र सिंह (फाइल फोटा)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश में करीब 250 मानदेय कर्मियों के नियम विरुद्ध संविलियन मामले में एक मुख्य नगर पालिक अधिकारी, दो उप यंत्री को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, एक मुख्य पालिका अधिकारी और कार्यपाल यंत्री के खिाफ विभागीय जांच जांच के बाद दीर्घ शास्ति का निर्णय लिया गया है। साथ ही इन मामले में शासन को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारियों से वसूली करने के निर्देश दिए गए है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अनूपपुर जिले की नवगठित परिषद डोला, डूमरकछार, वनगवां और शहडोल जिले की नगर परिषद बकहो में नियम विरूद्ध कर्मचारियों के संविलियन करने की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद इस मामले में दोषी तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास चंद्र मिश्रा, तत्कालीन उप यंत्री संदी सिंह उरैती और अजीत राव को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनसे आर्थिक क्षति की राशि वसूली के भी निर्देश दिए गए हें। मंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि तत्कालीन मुख्य पालिका अधिकारी जयदीप दीपांकर, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी के विरुद्ध भी विभागीय जांच के बाद दीर्घ-शास्ति का निर्णय लिया गया है। इनका प्रकरण परामर्श के लिये मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है। तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास चंद्र मिश्रा और तत्कालीन उप यंत्री संदीप उरैती के कार्यों से निकायों को हुई आर्थिक क्षति की कुल राशि 2 करोड़ 55 लाख में से अनुपातिक राशि की वसूली की जायेगी। साथ ही उप यंत्री रावत से भी आर्थिक क्षति की कुल राशि 65 लाख में से अनुपातिक राशि की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
बता दे नगर परिषद बकहो, डोला, डूमरकछार एव वनगवां में पंचायतकालीन 3 संविदा कर्मियों एवं 246 मानदेय कर्मियों के नियम विरूद्ध संविलियन के लिए उत्तरदायी पाये गये नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग शहडोल के तत्कालीन संयुक्त संचालक मकबूल खान को विभागीय जांच के बाद 30 दिसंबर 2022 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही इन निकायों को हुई आर्थिक क्षति की कुल 3 करोड़ 20 लाख में से अनुपातिक राशि भी श्री खान से वसूल करने के निर्देश दिये गये थे।
विज्ञापन
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अनूपपुर जिले की नवगठित परिषद डोला, डूमरकछार, वनगवां और शहडोल जिले की नगर परिषद बकहो में नियम विरूद्ध कर्मचारियों के संविलियन करने की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद इस मामले में दोषी तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास चंद्र मिश्रा, तत्कालीन उप यंत्री संदी सिंह उरैती और अजीत राव को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनसे आर्थिक क्षति की राशि वसूली के भी निर्देश दिए गए हें। मंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
मंत्री ने बताया कि तत्कालीन मुख्य पालिका अधिकारी जयदीप दीपांकर, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी के विरुद्ध भी विभागीय जांच के बाद दीर्घ-शास्ति का निर्णय लिया गया है। इनका प्रकरण परामर्श के लिये मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है। तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास चंद्र मिश्रा और तत्कालीन उप यंत्री संदीप उरैती के कार्यों से निकायों को हुई आर्थिक क्षति की कुल राशि 2 करोड़ 55 लाख में से अनुपातिक राशि की वसूली की जायेगी। साथ ही उप यंत्री रावत से भी आर्थिक क्षति की कुल राशि 65 लाख में से अनुपातिक राशि की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
बता दे नगर परिषद बकहो, डोला, डूमरकछार एव वनगवां में पंचायतकालीन 3 संविदा कर्मियों एवं 246 मानदेय कर्मियों के नियम विरूद्ध संविलियन के लिए उत्तरदायी पाये गये नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग शहडोल के तत्कालीन संयुक्त संचालक मकबूल खान को विभागीय जांच के बाद 30 दिसंबर 2022 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही इन निकायों को हुई आर्थिक क्षति की कुल 3 करोड़ 20 लाख में से अनुपातिक राशि भी श्री खान से वसूल करने के निर्देश दिये गये थे।
