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एमसीयू का सत्रारंभ कार्यक्रम: मानव का मुकाबला नहीं कर सकती तकनीक, प्रिंट मीडिया को एआई से बहुत फायदा
Thu, 21 Aug 2025 10:56 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 21 Aug 2025 10:56 PM IST
सार
एमसीयू के सत्रारंभ कार्यक्रम 'अभ्युदय' के दूसरे दिन वरिष्ठ पत्रकार और लेखक यशवंत व्यास ने कहा कि एआई से घबराने की कोई जरूरत नहीं। प्रिंट मीडिया को एआई से बहुत फायदा होगा। एआई के इस दौर में हाइपर लोकल दुनिया बहुत महत्वपूर्ण है।
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एमसीयू का सत्रारंभ कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि 'एमसीयू' के सत्रारंभ कार्यक्रम 'अभ्युदय' के दूसरे दिन के पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक यशवंत व्यास ने 'एआई के दौर में प्रिंट मीडिया' विषय पर मुख्य वक्त के रूप में संबोधित किया। व्यास ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता 'एआई' एक अच्छा साथी या सेवक हो सकता है। इसका मुकाबला ईमानदारी जैसे गुणों से किया जा सकता है। एआई से घबराने की कोई जरूरत नहीं। प्रिंट मीडिया को एआई से बहुत फायदा होगा। व्यास ने कहा कि एआई के इस दौर में हाइपर लोकल दुनिया बहुत महत्वपूर्ण है, इससे भविष्य में प्रिंट मीडिया में फील्ड रिर्पोटिंग के जॉब्स बढ़ेंगे।
श्रम वाले क्षेत्रों में तकनीक का दखल बढ़ा
प्रारंभिक सत्र में यशवंत व्यास ने कहा कि आधुनिक तकनीक और मानव सभ्यता के विकास में इंटेलिजेंस कोसेंट, फिजिकल कोसेंट, इमोशनल कोसेंट और स्प्रिचुअल कोसेंट जैसे मानवीय गुणों के संदर्भों में कहा कि मशीनें या तकनीक मानव का मुकाबला नहीं कर सकतीं। यह बात जरूर है कि हमारे कई कामों जैसे कि श्रम वाले क्षेत्रों में तकनीक का दखल बढ़ा है। बहुत हद तक आईक्यू आधारित काम में भी इसका समावेश बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी मानवीय गुण बहुत बुनियादी हैं और एआई जैसी तकनीकें इसका मुकाबला नहीं कर सकती हैं। प्रिंट मीडिया में इन्हीं मानवीय गुणों जैसी प्रीमियम वैल्यू पैदा करनी होगी। सूचनाओं की दुनिया में मीडिया को विश्वसनीयता को बढ़ाना होगा। व्यास ने एमसीयू में पत्रकारिता के इतिहास पर केंद्रित प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के ऐतिहासिक घटनाओं के कवरेज के प्रथम पन्नों की गैलरी की प्रशंसा भी की।
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प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता बहुत विशिष्ट रही
एमसीयू के सत्रारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ पत्रकार व्यास के अलावा वरिष्ठ रेडियो उद्घोषक कमल शर्मा, जनसंपर्क विशेषज्ञ डॉ. समीर कपूर, संस्कृतिधर्मी डॉ. सच्चिदानंद जोशी, पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर एवं वरिष्ठ पत्रकार एवं उद्घोषक विनय उपाध्याय के व्याख्यान हुए। स्वागत भाषण में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता खासकर प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता बहुत विशिष्ट रही है। बहुत से समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने इस क्षेत्र में मानदंड स्थापित किए हैं। कार्यक्रम के विविध सत्रों में पत्रकारिता विभाग के समाचार पत्र विकल्प, जनसंचार विभाग के पत्र 'पहल' का विमोचन भी हुआ। पत्रकारिता विभाग की छात्राओं प्रज्ञा एवं विशाखा को पंडित रामेश्वर दयाल स्मृति तथा विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग में 2023-2025 में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने पर छात्रा प्रतिष्ठा पवार को स्व. अंबा प्रसाद स्मृति पुरस्कार दिए गए।
यह भी पढ़ें-MP के 20 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश, शिवपुरी में 1 इंच से ज्यादा गिरा पानी, तेज बारिश का अलर्ट
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श्रम वाले क्षेत्रों में तकनीक का दखल बढ़ा
प्रारंभिक सत्र में यशवंत व्यास ने कहा कि आधुनिक तकनीक और मानव सभ्यता के विकास में इंटेलिजेंस कोसेंट, फिजिकल कोसेंट, इमोशनल कोसेंट और स्प्रिचुअल कोसेंट जैसे मानवीय गुणों के संदर्भों में कहा कि मशीनें या तकनीक मानव का मुकाबला नहीं कर सकतीं। यह बात जरूर है कि हमारे कई कामों जैसे कि श्रम वाले क्षेत्रों में तकनीक का दखल बढ़ा है। बहुत हद तक आईक्यू आधारित काम में भी इसका समावेश बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी मानवीय गुण बहुत बुनियादी हैं और एआई जैसी तकनीकें इसका मुकाबला नहीं कर सकती हैं। प्रिंट मीडिया में इन्हीं मानवीय गुणों जैसी प्रीमियम वैल्यू पैदा करनी होगी। सूचनाओं की दुनिया में मीडिया को विश्वसनीयता को बढ़ाना होगा। व्यास ने एमसीयू में पत्रकारिता के इतिहास पर केंद्रित प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के ऐतिहासिक घटनाओं के कवरेज के प्रथम पन्नों की गैलरी की प्रशंसा भी की।
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प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता बहुत विशिष्ट रही
एमसीयू के सत्रारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ पत्रकार व्यास के अलावा वरिष्ठ रेडियो उद्घोषक कमल शर्मा, जनसंपर्क विशेषज्ञ डॉ. समीर कपूर, संस्कृतिधर्मी डॉ. सच्चिदानंद जोशी, पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर एवं वरिष्ठ पत्रकार एवं उद्घोषक विनय उपाध्याय के व्याख्यान हुए। स्वागत भाषण में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता खासकर प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता बहुत विशिष्ट रही है। बहुत से समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने इस क्षेत्र में मानदंड स्थापित किए हैं। कार्यक्रम के विविध सत्रों में पत्रकारिता विभाग के समाचार पत्र विकल्प, जनसंचार विभाग के पत्र 'पहल' का विमोचन भी हुआ। पत्रकारिता विभाग की छात्राओं प्रज्ञा एवं विशाखा को पंडित रामेश्वर दयाल स्मृति तथा विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग में 2023-2025 में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने पर छात्रा प्रतिष्ठा पवार को स्व. अंबा प्रसाद स्मृति पुरस्कार दिए गए।
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