फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Madhya Pradesh: Radio-Collared Cheetah Critically Injured, Suspected Attack Raises Security Concerns

मध्यप्रदेश: कूनो की मादा चीता निर्वा का 19 माह का नर शावक घायल मिला, हमले की आशंका; जांच शुरू

Mon, 26 Oct 2026 05:05 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 26 Oct 2026 05:05 PM IST
सार

मादा चीता निर्वा का 19 महीने का नर शावक मुरैना के वन क्षेत्र में घायल मिला, जिसे रेस्क्यू कर कूनो नेशनल पार्क लाया गया है। चोट की वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जबकि वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने रेडियो कॉलर वाले वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Radio-Collared Cheetah Critically Injured, Suspected Attack Raises Security Concerns
चीता (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

विस्तार

मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मादा चीता निर्वा का 19 महीने का एक नर शावक मुरैना के क्षेत्रीय वन मंडल के जंगल में घायल अवस्था में मिला। निगरानी दल ने रविवार की शाम उसे देखा। इसके बाद रात में रेस्क्यू कर कूनो नेशनल पार्क लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वन विभाग के अनुसार, शावक को लगी चोटों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह किन परिस्थितियों में घायल हुआ। वहीं, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने शिकारियों की आशंका जताते हुए कूनो प्रबंधन और वन विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  एमपी राज्यसभा उपचुनाव: पहले दिन कोई नामांकन नहीं, दो नवंबर तक मौका; 12 को वोटिंग
विज्ञापन


रात में किया गया रेस्क्यू, इलाज जारी
कूनो नेशनल पार्क की ओर से सोमवार को जानकारी दी गई कि निर्वा का 19 महीने का नर शावक मुरैना क्षेत्र के वन क्षेत्र में विचरण कर रहा था। 25 अक्टूबर की शाम निगरानी दल को वह घायल मिला। रात में उसे रेस्क्यू कर कूनो लाया गया और चिकित्सकीय जांच के बाद इलाज शुरू किया गया। वन विभाग के मुताबिक, चोट लगने की वजह का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी किसी हमले या शिकार की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: राज्यसभा के लिए 4-5 नामों का पैनल दिल्ली भेजेगी भाजपा, भोपाल-इंदौर-जबलपुर में बड़ी रैलियां


रेडियो कॉलर वाले वन्यजीवों की सुरक्षा पर अजय दुबे ने उठाए सवाल
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सोशल मीडिया पर रेडियो कॉलर वाले चीते के घायल मिलने पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वह पहले भी कूनो और आसपास के इलाकों में रेडियो कॉलर लगे तेंदुओं के शिकार की आशंका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। दुबे ने इस मामले में कूनो प्रबंधन और वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, चीते के घायल होने के पीछे शिकारियों का हाथ होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश:  गायत्री धाम में सीएम मोहन यादव ने किया योग, बोले- मन में सद्भावना और जीवन में सत्कर्म बने रहें

10 तेंदुओं की खालें मिलने का मामला भी चर्चा में
कूनो और चंबल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश में 10 तेंदुओं के कथित शिकार से जुड़े मामले में तेंदुओं की खालें जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उस समय खालों के निशानों का भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के डेटाबेस से मिलान कराने की बात कही गई थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मारे गए तेंदुओं में रेडियो कॉलर वाले तेंदुए भी शामिल थे या नहीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त खालों में रेडियो कॉलर वाले तेंदुओं के अवशेष थे या नहीं।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगा चोट का कारण
वन विभाग के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि शावक के घायल होने की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर चोट के कारण की पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शावक किसी वन्यजीव के साथ संघर्ष में घायल हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।


 


 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed