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Innovation: भोपाल के युवाओं ने बनाया अनूठा स्टार्टअप, ब्रेन वेव्स की मदद से कर रहे हैं करियर काउंसिलिंग
Sat, 17 Jun 2023 01:09 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:09 PM IST
सार
भोपाल के युवाओं ने एक स्टार्टअप बनाया है जो दिमाग को पढ़ने और मानसिक विकार दूर करने में टेक्नोलॉजी की मदद ले रहा है। इस टेक्नोलॉजी को ब्रेन वेव एनालिसिस कहा जाता है।
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भोपाल के युवाओं ने अनूठा स्टार्टअप बनाया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
क्या आपने कभी सुना है कि आपके दिमाग की क्षमता को जाना जा सकता है? जी हां, यह सच है। आपकी मनःस्थिति और आपकी मानसिक क्षमता का विश्लेषण किया जा सकता है। भोपाल के युवाओं ने एक स्टार्टअप बनाया है जो दिमाग को पढ़ने और मानसिक विकार दूर करने में टेक्नोलॉजी की मदद ले रहा है। इस टेक्नोलॉजी को ब्रेन वेव एनालिसिस कहा जाता है। इसके जरिये सिर्फ दो हजार रुपये में किसी भी व्यक्ति के दिमाग का एनालिसिस किया जा सकता है।
भोपाल के 33 वर्षीय अंकित गुप्ता ने यह टेक स्टार्टअप कंपनी ब्रेन सीडर बनाई है, जो बच्चों की कैरियर काउंसिलिंग के साथ-साथ आम लोगों को मानसिक विकारों से लड़ने में मदद कर रही है। अंकित कहते हैं कि ब्रेन वेव टेक्नोलॉजी न्यूरोसाइंस और बिहेवियर साइंस के आधार पर काम करती है। दिमाग में पांच तरह की तरंगे होती हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों और क्षमताओं की जानकारी देती है। कैरियर काउंसलर और ट्रेनर डॉ. रूपाली बजाज ने बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं है। विशुद्ध रूप से विज्ञान है, जिसे कई वर्षों की रिसर्च से विकसित किया गया है। यह न्यूरो साइंस का हिस्सा है, जिसके आधार पर मानसिक रोगों को भी दूर किया जा सकता है।
तरंगों से कैसे होता है एनालिसिस
डॉ. बजाज का कहना है कि ब्रेन वेव एनालिसिस से पता चलता है कि किसी व्यक्ति के दिमाग में किस तरंग का प्रभाव ज्यादा या कम है। उसके आधार पर बताया जा सकता है कि वह व्यक्ति गहरी नींद लेता है या नहीं। उसका मानसिक संतुष्टि का स्तर कैसा है और वह दिमाग को कितना कंट्रोल कर लेता है। यह जानकारी पता चलने पर उपचार के तौर पर हमने कुछ खास तरह के म्यूजिक विकसित किए हैं। यह दिमाग की तरंगों को संतुलित करने में मदद करता है।
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कैरियर काउंसिलिंग में कैसे करता है मदद
ब्रेन वेव एनालिसिस एक एडवांस साइंटिफिक टूल है। इसके हार्डवेयर और सॉप्टवेयर की मदद से ब्रेन वेव को रिकॉर्ड किया जाता है। विश्लेषण कर पता लगाया जाता है कि किस वेव का प्रभाव कितना है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किसी बच्चे की मानसिक क्षमता क्या है? बदलती जीवनशैली की वजह से बढ़ते तनाव को भी इससे मापा जा सकता है। बच्चे का फोकस कैसा है, उसके सोचने की क्षमता कैसी है, इससे बच्चे के आंतरिक गुणों को जाना जा सकता है। इसके आधार पर उसे यह बताया जा सकता है कि उसे किस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहिए। साथ ही फॉरेन एजुकेशन के लिए कोर्स से लेकर यूनिवर्सिटी को सिलेक्ट करने में भी मदद की जा सकती है।
क्या बताती हैं दिमाग की पांच तरंगें
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भोपाल के 33 वर्षीय अंकित गुप्ता ने यह टेक स्टार्टअप कंपनी ब्रेन सीडर बनाई है, जो बच्चों की कैरियर काउंसिलिंग के साथ-साथ आम लोगों को मानसिक विकारों से लड़ने में मदद कर रही है। अंकित कहते हैं कि ब्रेन वेव टेक्नोलॉजी न्यूरोसाइंस और बिहेवियर साइंस के आधार पर काम करती है। दिमाग में पांच तरह की तरंगे होती हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों और क्षमताओं की जानकारी देती है। कैरियर काउंसलर और ट्रेनर डॉ. रूपाली बजाज ने बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं है। विशुद्ध रूप से विज्ञान है, जिसे कई वर्षों की रिसर्च से विकसित किया गया है। यह न्यूरो साइंस का हिस्सा है, जिसके आधार पर मानसिक रोगों को भी दूर किया जा सकता है।
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तरंगों से कैसे होता है एनालिसिस
डॉ. बजाज का कहना है कि ब्रेन वेव एनालिसिस से पता चलता है कि किसी व्यक्ति के दिमाग में किस तरंग का प्रभाव ज्यादा या कम है। उसके आधार पर बताया जा सकता है कि वह व्यक्ति गहरी नींद लेता है या नहीं। उसका मानसिक संतुष्टि का स्तर कैसा है और वह दिमाग को कितना कंट्रोल कर लेता है। यह जानकारी पता चलने पर उपचार के तौर पर हमने कुछ खास तरह के म्यूजिक विकसित किए हैं। यह दिमाग की तरंगों को संतुलित करने में मदद करता है।
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कैरियर काउंसिलिंग में कैसे करता है मदद
ब्रेन वेव एनालिसिस एक एडवांस साइंटिफिक टूल है। इसके हार्डवेयर और सॉप्टवेयर की मदद से ब्रेन वेव को रिकॉर्ड किया जाता है। विश्लेषण कर पता लगाया जाता है कि किस वेव का प्रभाव कितना है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किसी बच्चे की मानसिक क्षमता क्या है? बदलती जीवनशैली की वजह से बढ़ते तनाव को भी इससे मापा जा सकता है। बच्चे का फोकस कैसा है, उसके सोचने की क्षमता कैसी है, इससे बच्चे के आंतरिक गुणों को जाना जा सकता है। इसके आधार पर उसे यह बताया जा सकता है कि उसे किस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहिए। साथ ही फॉरेन एजुकेशन के लिए कोर्स से लेकर यूनिवर्सिटी को सिलेक्ट करने में भी मदद की जा सकती है।
क्या बताती हैं दिमाग की पांच तरंगें
- अल्फा वेव्सः दिमाग पर कंट्रोल, विचारों में संतुलन के बारे में बताती हैं।
- बीटा वेव्सः किसी भी व्यक्ति की नए काम को सीखने-समझने की क्षमता, याददाश्त, बुद्धिमता को बताती है।
- गामा वेव्सः गुस्सा, मूड स्विंग, बेचैनी, एंजाइटी जैसे विकारों का पता चलता है।
- थीटा वेव्सः सोचने की प्रक्रिया, भावनाओं, जरूरत से ज्यादा सोचने जैसी परिस्थितियां बताती हैं।
- डेल्टा वेव्सः नींद की गुणवत्ता, संतुष्टि, आत्मसम्मान के बारे में बताती हैं।
