प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर हैं। जुलाई से बंद मध्यप्रदेश के सभी छह टाइगर रिजर्व एक अक्टूबर से खुल जाएंगे। टूरिस्ट बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्य जीवों को फिर से करीब से देख सकेंगे। मध्यप्रदेश के पर्यटन विभाग ने 29 अगस्त से ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। एमपी टूरिज्म की साइट पर जाकर लोग आसानी से टाइगर रिजर्व के लिए बुकिंग करा सकते हैं। एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी बुकिंग की जा सकती है।
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मध्यप्रदेश में छह टाइगर रिजर्व हैं
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रदेश में हैं छह टाइगर रिजर्व
प्रदेश में 6 टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क हैं। इनमें कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, पेंच, सतपुड़ा और संजय डुबरी नेशनल पार्क शामिल हैं। बारिश के दिनों में सभी पार्कों के कोर एरिया में टूरिस्टों की एंट्री 1 जुलाई को बंद कर दी जाती है। हालांकि, उनकी संख्या में 75% तक कमी आ गई है, क्योंकि कोर एरिया में जानवरों की चहल-कदमी ज्यादा होती है। 30 सितंबर तक कोर एरिया बंद रहते हैं। बारिश का दौर थमने के बाद 1 अक्टूबर से कोर एरिया फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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मध्यप्रदेश में 528 बाघ हैं।
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बाघों का घर है मध्यप्रदेश
देश में सबसे ज्यादा बाघ मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं। अखिल भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट 2018 के अनुसार मध्यप्रदेश 526 बाघों का घर है, जो देश के किसी भी राज्य के लिए सबसे अधिक है। प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना समेत कई टाइगर रिजर्व हैं।