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Dhar Dam News: कारम बांध क्षतिग्रस्त होने के मामले में शिवराज ने लिया एक्शन, आठ इंजीनियर निलंबित

Fri, 26 Aug 2022 08:46 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 26 Aug 2022 08:46 PM IST
सार

धार जिले के कारम बांध मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्शन लेते हुए जिम्मेदार आठ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। 

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Dhar Dam News: Shivraj took action in the case of Karam dam damage, eight officers suspended
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के धार जिले के कारम बांध मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्शन लेते हुए जिम्मेदार आठ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। बांध निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड पहले ही किया जा चुका है। 
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बता दें कि धार का निर्माणाधीन कारम बांध बारिश से भर जाने और उसमें दरार होने से हड़कंप जैसी स्थिति बन गई थी। इलाके के 18 गांव खाली करा लिए गए थे। प्रशासन ने दिन-रात एक कर बड़ी मुसीबत को टाला था। इस लापरवाही की जांच के बाद अब सीएम शिवराज एक्शन में दिख रहे हैं। शुक्रवार को सीएम के निर्देश पर आठ अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 
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इन पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पी. जोशी अधीक्षण यंत्री जल संसाधन,  विजय कुमार जत्थाप उपयंत्री, अशोक कुमार उपयंत्री,  दशाबंता सिसोदिया उपयंत्री,  आरके श्रीवास्तव उपयंत्री,  सीएस घटोले मुख्य अभियंता, बीएल निनामा कार्यपालन यंत्री और वकार अहमद सिद्धकी एसडीओ को निलंबित किया गया है। बता दें कि बांध निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों को पहले ही ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। 
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बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने आज ही ट्वीट कर कहा था कि मध्यप्रदेश के धार ज़िले के कारम डैम क्षतिग्रस्त मामले में 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं…? शिवराज सरकार ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाकर पांच दिन में इसकी जांच कर कार्रवाई करने का दावा किया था, लेकिन 11 दिन हो चले हैं, जांच रिपोर्ट कहां है, किसके पास है, अभी तक उसका ही पता नहीं और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं। इस बांध को लेकर जिस तरह की बयानबाजियां हो रही हैं, उसी से समझा जा सकता है कि सरकार लीपापोती में और दोषियों को बचाने में लग गई है। बड़ा ही शर्मनाक है कि 304 करोड़ रुपये इस बांध के निर्माण के नाम पर बर्बाद कर दिए गए और अब ज़िम्मेदार दोषियों को बचाने के लिए इसे तालाब बताने में लग गए हैं। कांग्रेस इस भ्रष्टाचार पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो जाती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
 
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