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Bhopal: मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्यजीव पर्यटन में बढ़ेगी साझेदारी,सीएम ने काजीरंगा नेशनल पार्क का किया भ्रमण
Sun, 05 Oct 2025 08:10 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 05 Oct 2025 08:10 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि,असम और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों की पहचान प्रकृति, जैव विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि से है। वन्यजीव पर्यटन, चाय उद्योग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में दोनों राज्यों के बीच सहयोग और साझा पहल को और मजबूती दी जाएगी।
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चाय बागान में खेती का जायजा लेने पहुंचे सीएम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने असम प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और असम के चाय बागान का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखा, बल्कि मध्यप्रदेश और असम के बीच ईको-टूरिज्म व वन्यजीव पर्यटन को लेकर विशेष साझेदारी की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि,असम और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों की पहचान प्रकृति, जैव विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि से है। वन्यजीव पर्यटन, चाय उद्योग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में दोनों राज्यों के बीच सहयोग और साझा पहल को और मजबूती दी जाएगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को नई दिशा मिलेगी।
चाय बागानों में श्रमिकों से आत्मीय मुलाकात
मुख्यमंत्री ने चाय बागानों का दौरा करते हुए चाय उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। उन्होंने बागानों में काम करने वाले श्रमिकों और महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनकी मेहनत को सराहा। डॉ. यादव ने चाय उद्योग को “असम की अर्थव्यवस्था का गौरव और परिश्रम की मिसाल” बताया।
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यह भी पढ़ें-सीएम डॉ. यादव आज असम में निवेशकों से करेंगे वन टू वन चर्चा, निवेश की संभावनाएं रखेंगे सामने
काजीरंगा में वन्यजीवों से मिला स्नेह
मुख्यमंत्री ने काजीरंगा नेशनल पार्क के भ्रमण के दौरान हाथियों को गन्ना खिलाया और उन्हें दुलारा। उन्होंने उद्यान में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली और अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की प्रक्रिया को भी देखा। काजीरंगा के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता ने मुख्यमंत्री को खासा प्रभावित किया।
यह भी पढ़ें-छिंदवाड़ा के बाद अब बैतूल में दो मासूमों की मौत, अब तक 16 बच्चों की जान ले चुका जहरीला सिरप
काजीरंगा जैव विविधता की अनमोल धरोहर
गौरतबल है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, एक सींग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह उद्यान हाथी, जंगली भैंसे, दलदली हिरण और विभिन्न पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियों का सुरक्षित आश्रय स्थल है और भारत में वन्यजीव संरक्षण की सबसे सफल कहानियों में से एक है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को प्राकृतिक पर्यटन, राज्यीय सहयोग और सांस्कृतिक समन्वय की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश और असम के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
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चाय बागानों में श्रमिकों से आत्मीय मुलाकात
मुख्यमंत्री ने चाय बागानों का दौरा करते हुए चाय उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। उन्होंने बागानों में काम करने वाले श्रमिकों और महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनकी मेहनत को सराहा। डॉ. यादव ने चाय उद्योग को “असम की अर्थव्यवस्था का गौरव और परिश्रम की मिसाल” बताया।
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काजीरंगा में वन्यजीवों से मिला स्नेह
मुख्यमंत्री ने काजीरंगा नेशनल पार्क के भ्रमण के दौरान हाथियों को गन्ना खिलाया और उन्हें दुलारा। उन्होंने उद्यान में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली और अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की प्रक्रिया को भी देखा। काजीरंगा के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता ने मुख्यमंत्री को खासा प्रभावित किया।
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काजीरंगा जैव विविधता की अनमोल धरोहर
गौरतबल है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, एक सींग वाले गैंडे के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह उद्यान हाथी, जंगली भैंसे, दलदली हिरण और विभिन्न पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियों का सुरक्षित आश्रय स्थल है और भारत में वन्यजीव संरक्षण की सबसे सफल कहानियों में से एक है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को प्राकृतिक पर्यटन, राज्यीय सहयोग और सांस्कृतिक समन्वय की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश और असम के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
