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Bhopal: बीएमएचआरसी में नर्सिंग छात्रा की मौत, छात्रों का गुस्सा फूटा, लापरवाही का लगाया आरोप, किया प्रदर्शन
Tue, 23 Sep 2025 08:00 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 23 Sep 2025 08:00 PM IST
सार
BMHRC में 23 वर्षीय नर्सिंग छात्रा सुभांगिनी की मौत के बाद छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि खराब भोजन और दूषित पानी के कारण छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी।
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बीएमएचआरसी में विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में एक छात्रा की मौत के बाद हंगामा मच गया है। 23 वर्षीय नर्सिंग छात्रा सुभांगिनी की मौत के बाद छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि खराब भोजन और दूषित पानी के कारण छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी, लेकिन इसके बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया गया। जब उसकी हालत और बिगड़ी तो उसे समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया और उसे घर भेज दिया गया। छात्रों ने अस्पताल की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं तो डॉ. श्रीवास्तव ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए और मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। इससे छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है।
ओरोप पूरी तरह निराधार
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने कहा है कि विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप कि संस्था की कैंटीन में मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता खराब है, पूरी तरह निराधार हैं। संस्थान में पीने के लिए उपयोग होने वाले पानी की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच कराई जाती है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को कराई गई जांच में पानी पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
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छात्रों की मांगें
1- बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक को तत्काल पद से हटाया जाए।
2- छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय व निष्पक्ष जांच हो।
3- दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा मिले।
4- नर्सिंग छात्रों को सुरक्षित व स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण दिया जाए।
यह भी पढ़ें-भोपाल में कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की बीमारी, एम्स के कैंप में हुआ खुलासा
एनएसयूआई का समर्थन
एनएसयूआई ने भी छात्रों का समर्थन किया है और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि बीएमएचआरसी की हालत बद से बदतर हो चुकी है और अस्पताल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं की भी ठीक से व्यवस्था नहीं है, जो चिंता का विषय है। छात्रों ने बताया कि खराब भोजन और दूषित पानी के कारण तीन अन्य छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ गई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं और न्याय की मांग की है।
यह भी पढ़ें-गरबा पंडालों में लगे पोस्टर,जिहादियों को आना मना,धीरेन्द्र शास्त्री बोले-प्रवेश द्वार पर रखें गौमूत्र
पुलिस ने कैंडल मार्च करने से रोका
एनएसयूआई और छात्र छात्राएं शाम 6 बजे BMHRC कैंपस में प्रशासनिक भवन से मुख्य प्रवेश गेट तक दिवंगत आत्मा की शान्ति और छात्रा की न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकालने वाली थी
लेकिन पुलिस प्रशासन ने कैंडल करने से रोक दिया छात्र छात्राएं कैंडल लेकर खड़े रहे ।
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ओरोप पूरी तरह निराधार
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने कहा है कि विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप कि संस्था की कैंटीन में मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता खराब है, पूरी तरह निराधार हैं। संस्थान में पीने के लिए उपयोग होने वाले पानी की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच कराई जाती है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को कराई गई जांच में पानी पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
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छात्रों की मांगें
1- बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक को तत्काल पद से हटाया जाए।
2- छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय व निष्पक्ष जांच हो।
3- दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा मिले।
4- नर्सिंग छात्रों को सुरक्षित व स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण दिया जाए।
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एनएसयूआई का समर्थन
एनएसयूआई ने भी छात्रों का समर्थन किया है और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि बीएमएचआरसी की हालत बद से बदतर हो चुकी है और अस्पताल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं की भी ठीक से व्यवस्था नहीं है, जो चिंता का विषय है। छात्रों ने बताया कि खराब भोजन और दूषित पानी के कारण तीन अन्य छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ गई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं और न्याय की मांग की है।
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पुलिस ने कैंडल मार्च करने से रोका
एनएसयूआई और छात्र छात्राएं शाम 6 बजे BMHRC कैंपस में प्रशासनिक भवन से मुख्य प्रवेश गेट तक दिवंगत आत्मा की शान्ति और छात्रा की न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकालने वाली थी
लेकिन पुलिस प्रशासन ने कैंडल करने से रोक दिया छात्र छात्राएं कैंडल लेकर खड़े रहे ।
