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Bhopal News: AI से बनेगी वैक्सीन और मशीन लर्निंग से होगा कैंसर का पता, बीयू में सात दिन चला भविष्य का विज्ञान

Mon, 29 Dec 2025 06:12 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 29 Dec 2025 06:12 PM IST
सार

रकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में एआई, मशीन लर्निंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें वैक्सीन तकनीक, कैंसर निदान, ड्रग डिजाइन और प्रिसीजन मेडिसिन में एआई की भूमिका पर मंथन किया गया। 

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Bhopal News: Vaccines will be developed using AI and cancer will be detected using machine learning; a seven-d
बीयू में राष्ट्रीय कार्यशाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU), भोपाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर आधारित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ने यह साफ कर दिया कि जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य देखभाल का भविष्य अब डेटा और एल्गोरिद्म से तय होगा। देश के विभिन्न शैक्षणिक और शोध संस्थानों से आए विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने कार्यशाला में भाग लेकर अत्याधुनिक शोध और तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए।कार्यशाला के दौरान जीनोमिक्स, प्रोटीओमिक्स, मेटाबोलोमिक्स, मल्टी-ओमिक्स डेटा एनालिसिस, ड्रग डिजाइन और वैक्सीन तकनीक जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह एआई और मशीन लर्निंग की मदद से बीमारियों की पहचान पहले चरण में ही संभव हो रही है और इलाज को ज्यादा सटीक बनाया जा रहा है।
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डेटा एनालिसिस से प्रिसीजन मेडिसिन तक
वक्ताओं ने समझाया कि आज कैंसर निदान, आणविक मार्कर की पहचान और दवा विकास में न्यूरल नेटवर्क आधारित बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। यही तकनीकें आने वाले समय में प्रिसीजन मेडिसिन की नींव रखेंगी, जहां हर मरीज का इलाज उसके जैविक डेटा के अनुसार तय होगा।
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शोधार्थियों और छात्रों के लिए नया रास्ता
कार्यशाला में युवाओं और शोधार्थियों को यह भी बताया गया कि एआई और बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे क्षेत्र केवल तकनीकी नहीं, बल्कि जैव-विज्ञान के लिए भी करियर के नए अवसर खोल रहे हैं। विशेषज्ञों ने अकादमिक शोध को इंडस्ट्री और हेल्थ सेक्टर से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।

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समापन सत्र में वैज्ञानिक संदेश
समापन सत्र में डॉ. किशोर शेंडे ने सात दिवसीय कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संयोजक प्रो. रागिनी गोथलवाल ने सहयोगी संस्थानों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। रजिस्ट्रार प्रो. एस. बी. सिंह ने प्रतिभागियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं, वहीं कुलपति प्रो. एस. के. जैन ने कहा कि मशीन लर्निंग और एआई आधुनिक विज्ञान के केंद्र में हैं और इनके बिना आने वाले शोध की कल्पना संभव नहीं है। कार्यशाला एक स्पष्ट संदेश के साथ संपन्न हुई। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में हो रहा यह मंथन आने वाले वर्षों में जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य देखभाल और प्रिसीजन मेडिसिन की दिशा तय करेगा।
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