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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: On the lines of Dal Lake, Shikaras will also run in the capital's big lake

Bhopal News: डल झील की तर्ज पर राजधानी की बड़ी झील में भी चलेंगे शिकारे, क्रूज संचालन पर लगी रोक जारी

Thu, 13 Jun 2024 08:27 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 13 Jun 2024 08:27 PM IST
सार

र्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत एनजीटी के आदेश पर राजधानी की बड़ी झील में क्रूज का संचालन बंद हो गया है। नगर निगम भोपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटकों-सैलानियों की सुविधा के तहत बड़ी झील में शिकारा चलाने का निर्णय लिया है। इसका शुभारंभ 14 जून को किया जाएगा। 

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Bhopal News: On the lines of Dal Lake, Shikaras will also run in the capital's big lake
अब भोपाल में चलेंगे शिकारा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झील को प्रदूषण मुक्त रखने व नागरिकों को पर्यटन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम भोपाल शुक्रवार से शिकारा का संचालन शुरू करेगा।
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राजधानी की ऐतिहासिक बड़ी झील को प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से एनजीटी ने यहां पर क्रूज संचालन पर रोक लगा रखी है। अब नागरिकों को पर्यटन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम भोपाल कश्मीर के डल झील की तर्ज पर यहां शिकारा का संचालन करेगा। इसका उद्घाटन महापौर मालती राय द्वारा शुक्रवार को किया जाएगा। प्रातः 10 बजे बोट क्लब पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर परिषद में जलकार्य एवं सीवेज के प्रभारी सदस्य रविन्द्र यती सहित अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे।

एनजीटी के आदेश पर बंद हो गया है क्रूज का संचालन
गौरतलब है कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत एनजीटी के आदेश पर राजधानी की बड़ी झील में क्रूज का संचालन बंद हो गया है। इससे राजधानीवासी एवं देश के विभिन्न अंचलों से आने वाले पर्यटक, सैलानी बड़ी झील में विहार से वंचित हो रहे थे। नगर निगम भोपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटकों-सैलानियों की सुविधा के तहत बड़ी झील में शिकारा चलाने का निर्णय लिया है।
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क्या होता है शिकारा
शिकारा एक प्रकार की लकड़ी की नाव है जो मुख्यत: भारतीय केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर शहर की डल झील में प्रयोग में लाई जाती है। जम्मू कश्मीर के अलावा शिकारे जैसी नावें भारत के राज्य केरल में भी प्रयोग की जाती हैं। शिकारे विभिन्न आकारों में बनाए जाते हैं और लोगों के परिवहन सहित अन्य कई उद्देश्यों के लिए उपयोग में आते हैं। एक सामान्य शिकारे में लगभग छह लोग बैठ सकते हैं, और नाविक इसे पीछे की तरफ से खेता है। वेनिस के गोंडोला नाव की तरह, ये शिकारे जम्मू और कश्मीर के एक सांस्कृतिक प्रतीक माने जाते हैं।
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