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निजी कंपनी का इंजीनियर बैरसिया नगर पालिका का स्क्रैप चोरी करते पकड़ाया, केस दर्ज
Sat, 14 Jan 2023 02:33 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 14 Jan 2023 02:33 PM IST
सार
बैरसिया नगर पालिका में नीलगिरी बिल्डर्स कंपनी को वाटर फिल्टर प्लांट की स्थापना और मेंटनेंस का काम मिला था। कंपनी का कॉन्टेक्ट खत्म हुआ तो कंपनी का इंजीनियर शशीकांत पवार प्लांट से एक ट्रक भरकर स्क्रैप चुराकर ले जाने लगा।
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निजी कंपनी के इंजीनियर पर नगर पालिका का स्क्रैप चोरी करने का केस दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल जिले में स्थित बैरसिया में चोरी का एक अलग तरह का मामला सामने आया है। बैरसिया नगर पालिका के वॉटर फिल्टर प्लांट का काम देख रही कंपनी का इंजीनियर फिल्टर प्लांट से एक ट्रक भरकर स्क्रैप चुराकर ले जाते पकड़ाया है। बैरसिया पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर ट्रक जब्त कर लिया है।
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बैरसिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बैरसिया नगर पालिका में नीलगिरी बिल्डर्स कंपनी को वॉटर फिल्टर प्लांट की स्थापना और मेंटनेंस का काम मिला था। कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट खत्म हुआ तो कंपनी का इंजीनियर शशिकांत पवार प्लांट से एक ट्रक भरकर स्क्रैप चुराकर ले जाने लगा। नगर पालिका सीएमओ जाहिद अली ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कंपनी के इंजीनियर शशिकांत पवार पर चोरी का केस दर्ज कर स्क्रैप से भरे ट्रक को कब्जे में ले लिया है। चोरी के स्क्रैप की कीमत ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।
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पहले रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा था
शशिकांत पवार इससे पहले बैरसिया नगर पालिका में संविदा पर उपयंत्री था। आठ साल पहले लोकायुक्त ने इसे रिश्वत लेते ट्रैप किया था। इसके बाद शशिकांत को नगर पालिका ने हटा दिया था। उसके बाद वह नीलगिरी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम कर रहा था। यह कंपनी बैरसिया नगरपालिका के फिल्टर प्लांट की स्थापना और मेंटेनेंस का काम कर रही थी।
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सांठगांठ में शामिल अफसरों पर हो कार्रवाई
इस मामले में स्थानीय लोगों ने भ्रष्ट इंजीनियर की तैनाती पर सवाल उठाए हैं। समाजसेवी नरेंद्र शर्मा ने कहा कि रिश्वत लेते हुए पकड़े गए इंजीनियर की फिर से नगर पालिका में तैनाती कैसे हो गई? ऐसे में सवाल यह है कि अब तक क्या-क्या चोरी गया होगा? इसकी जांच होनी चाहिए। इस मामले में सांठगांठ में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इंजीनियर को तुरंत गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया जाना चाहिए।
