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Bhopal News: प्रदेश के अलग-अलग जिलों से उपभोक्ता पहुंचे भोपाल, बताया दर्द, 200 की जगह आ रहा 2000 का बिजली बिल
Mon, 06 Oct 2025 05:10 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 06 Oct 2025 05:10 PM IST
सार
प्रदेशभर से आए सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं ने एकजुट होकर राजधानी भोपाल में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। कोई 10 हजार का बिल दिखा रहा है, तो किसी के घर में दो बार 6-6 हजार का बिल आया।
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बिजली उपभोक्ताओं का भोपाल में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में सोमवार को प्रदेशभर से आए सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई। विरोध प्रदर्शन में महिला और पुरुष दोनों बड़ी संख्या में शामिल हुए। इन उपभोक्ताओं ने कहा कि जिन घरों में पहले 200 रुपये के आसपास बिजली बिल आता था, अब वहां 2000 रुपये या उससे अधिक का बिल भेजा जा रहा है।
स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों को लेकर सामने आई जन-पीड़ा
प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। कोई 10 हजार का बिल दिखा रहा है, तो किसी के घर में दो बार 6-6 हजार का बिल आया। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने बिजली का उतना इस्तेमाल ही नहीं किया, फिर भी बिल हजारों में आ रहा है।
महिलाएं बोलीं- बजट बिगड़ गया
इस प्रदर्शन में शामिल गृहिणियों ने कहा कि रसोई, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च के बीच बिजली का इतना बड़ा बिल अब असहनीय होता जा रहा है। वहीं, पुरुष उपभोक्ताओं ने कहा कि अब मीटर की रीडिंग नहीं, ऐप और रीचार्ज सिस्टम का झंझट है। हर महीने डर लगा रहता है कि अब कितना बिल आएगा।
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स्मार्ट मीटरों ने आम उपभोक्ताओं की आर्थिक कमर तोड़ दी
एसोसिएशन की संयोजक रचना अग्रवाल और पदाधिकारी लोकेश शर्मा के अनुसार, स्मार्ट मीटरों ने आम उपभोक्ताओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। जगह-जगह से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें उपभोक्ताओं के बिल दस गुना तक बढ़े हुए मिले हैं। भोपाल, ग्वालियर, गुना, सीहोर, सतना, इंदौर, देवास, दमोह, जबलपुर जैसे जिलों में उपभोक्ता परेशान हैं। गुना में एक किसान को 2 लाख रुपए तक का बिल थमा दिया गया। कई उपभोक्ता गहने और घरेलू सामान बेचकर बिल भरने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़ें-स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा, भोपाल में बड़ा आंदोलन आज, प्रदेश भर से जुटेंगे लोग
स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं
ये प्रीपेड सिस्टम पर काम करते हैं – मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले भुगतान करो, फिर बिजली पाओ।
बिल बढने की शिकायत आम है – कई लोगों के बिल हजारों में आ रहे हैं, जबकि पहले कुछ सौ रुपए में निपटते थे।
बिजली तुरंत काट दी जाती है – अगर भुगतान में थोड़ी भी देरी हो, तो सप्लाई बंद कर दी जाती है।
बिल की हार्ड कॉपी नहीं दी जा रही – इससे अशिक्षित और तकनीक से दूर उपभोक्ता बेहद परेशान हैं।
स्मार्टफोन न होने पर बिल भरने में दिक्कत – कई लोगों को सिर्फ बिल भरने के लिए नया मोबाइल लेना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में आज हल्की बारिश का अनुमान, अब कमजोर होगा बारिश का
उपभोक्ताओं की 11 प्रमुख मांगें
1. बिजली क्षेत्र के निजीकरण की नीति रद्द हो।
2. बिजली संशोधन विधेयक 2022 को खारिज किया जाए।
3. स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तुरंत रोका जाए।
4. बिजली बिल की हार्ड कॉपी फिर से जारी की जाए।
5. पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने डिजिटल मीटर लगाए जाएं।
6. स्मार्ट मीटर विरोधियों पर दर्ज केस और FIR वापस हों।
7. गलत और बढ़े हुए बिजली बिल तत्काल रद्द किए जाएं।
8. उपभोक्ताओं को सिर्फ उचित और पारदर्शी बिल दिए जाएं।
9. बिजली दरें गरीबों की पहुंच में हों, न्यूनतम स्तर पर तय की जाएं।
10. बिल न भर पाने पर तीन माह की मोहलत मिले, सप्लाई न काटी जाए।
11. हर उपभोक्ता को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए यह उसका अधिकार है।
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स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों को लेकर सामने आई जन-पीड़ा
प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। कोई 10 हजार का बिल दिखा रहा है, तो किसी के घर में दो बार 6-6 हजार का बिल आया। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने बिजली का उतना इस्तेमाल ही नहीं किया, फिर भी बिल हजारों में आ रहा है।
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महिलाएं बोलीं- बजट बिगड़ गया
इस प्रदर्शन में शामिल गृहिणियों ने कहा कि रसोई, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च के बीच बिजली का इतना बड़ा बिल अब असहनीय होता जा रहा है। वहीं, पुरुष उपभोक्ताओं ने कहा कि अब मीटर की रीडिंग नहीं, ऐप और रीचार्ज सिस्टम का झंझट है। हर महीने डर लगा रहता है कि अब कितना बिल आएगा।
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स्मार्ट मीटरों ने आम उपभोक्ताओं की आर्थिक कमर तोड़ दी
एसोसिएशन की संयोजक रचना अग्रवाल और पदाधिकारी लोकेश शर्मा के अनुसार, स्मार्ट मीटरों ने आम उपभोक्ताओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। जगह-जगह से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें उपभोक्ताओं के बिल दस गुना तक बढ़े हुए मिले हैं। भोपाल, ग्वालियर, गुना, सीहोर, सतना, इंदौर, देवास, दमोह, जबलपुर जैसे जिलों में उपभोक्ता परेशान हैं। गुना में एक किसान को 2 लाख रुपए तक का बिल थमा दिया गया। कई उपभोक्ता गहने और घरेलू सामान बेचकर बिल भरने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़ें-स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा, भोपाल में बड़ा आंदोलन आज, प्रदेश भर से जुटेंगे लोग
स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं
ये प्रीपेड सिस्टम पर काम करते हैं – मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले भुगतान करो, फिर बिजली पाओ।
बिल बढने की शिकायत आम है – कई लोगों के बिल हजारों में आ रहे हैं, जबकि पहले कुछ सौ रुपए में निपटते थे।
बिजली तुरंत काट दी जाती है – अगर भुगतान में थोड़ी भी देरी हो, तो सप्लाई बंद कर दी जाती है।
बिल की हार्ड कॉपी नहीं दी जा रही – इससे अशिक्षित और तकनीक से दूर उपभोक्ता बेहद परेशान हैं।
स्मार्टफोन न होने पर बिल भरने में दिक्कत – कई लोगों को सिर्फ बिल भरने के लिए नया मोबाइल लेना पड़ रहा है।
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उपभोक्ताओं की 11 प्रमुख मांगें
1. बिजली क्षेत्र के निजीकरण की नीति रद्द हो।
2. बिजली संशोधन विधेयक 2022 को खारिज किया जाए।
3. स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तुरंत रोका जाए।
4. बिजली बिल की हार्ड कॉपी फिर से जारी की जाए।
5. पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने डिजिटल मीटर लगाए जाएं।
6. स्मार्ट मीटर विरोधियों पर दर्ज केस और FIR वापस हों।
7. गलत और बढ़े हुए बिजली बिल तत्काल रद्द किए जाएं।
8. उपभोक्ताओं को सिर्फ उचित और पारदर्शी बिल दिए जाएं।
9. बिजली दरें गरीबों की पहुंच में हों, न्यूनतम स्तर पर तय की जाएं।
10. बिल न भर पाने पर तीन माह की मोहलत मिले, सप्लाई न काटी जाए।
11. हर उपभोक्ता को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए यह उसका अधिकार है।
