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Bhopal News: बजट के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का झुनझुना लेकर विरोध,उमंग सिंघार बोले-यह बजट आम जनता के लिए नहीं
Sun, 01 Feb 2026 04:10 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 01 Feb 2026 04:10 PM IST
सार
केंद्रीय बजट 2026 के विरोध में भोपाल में कांग्रेस ने झुनझुना लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को दिखावे और खोखले वादों का दस्तावेज बताया।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय आम बजट 2026 के खिलाफ राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में झुनझुना लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन कांग्रेस प्रदेश महामंत्री अमित शर्मा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि बजट से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने महिलाओं, युवाओं और आम जनता के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की। उनका कहना था कि इस बजट में सिर्फ़ वादे हैं, जबकि जमीनी समस्याओं का कोई समाधान नहीं दिया गया, इसलिए वे प्रतीकात्मक रूप से झुनझुना लेकर विरोध दर्ज कराने आई हैं।
यह बजट आम जनता के लिए नहीं
इधर, मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी केंद्रीय बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि दिखावे और खोखले वादों का दस्तावेज़ है। इसमें किसानों, युवाओं, मजदूरों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
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किसान एमएसपी को लेकर सबसे ज्यादा परेशान
उमंग सिंघार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मध्यप्रदेश का किसान एमएसपी को लेकर सबसे ज्यादा परेशान है। मक्का जैसी फसलें 800 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रही हैं, जो लागत से भी कम है। बजट में इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और रोजगार की बातें सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं। मध्यप्रदेश के युवाओं को न तो रोजगार मिला और न ही नए अवसर दिखाई दे रहे हैं। मनरेगा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बदलाव के बावजूद मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और वे पलायन को मजबूर हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई नया प्रावधान नहीं है।
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जल जीवन मिशन पर भी सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने जल जीवन मिशन पर भी सवाल उठाए और कहा कि हर घर नल से जल देने का दावा करने वाली सरकार ने इस योजना के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई। आयुष्मान योजना को लेकर उमंग सिंघार ने कहा कि 70 साल से ऊपर के लोगों को मुफ्त इलाज की घोषणा अच्छी है, लेकिन 70 साल से कम उम्र के करोड़ों गरीब लोगों को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। अंत में उन्होंने कहा कि जनसेवा का अर्थ उद्योगपतियों की सेवा नहीं, बल्कि आम नागरिक की सेवा होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यही वजह है कि पार्टी सड़क पर उतरकर बजट के खिलाफ विरोध जता रही है।
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यह बजट आम जनता के लिए नहीं
इधर, मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी केंद्रीय बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि दिखावे और खोखले वादों का दस्तावेज़ है। इसमें किसानों, युवाओं, मजदूरों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
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किसान एमएसपी को लेकर सबसे ज्यादा परेशान
उमंग सिंघार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मध्यप्रदेश का किसान एमएसपी को लेकर सबसे ज्यादा परेशान है। मक्का जैसी फसलें 800 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रही हैं, जो लागत से भी कम है। बजट में इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और रोजगार की बातें सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं। मध्यप्रदेश के युवाओं को न तो रोजगार मिला और न ही नए अवसर दिखाई दे रहे हैं। मनरेगा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बदलाव के बावजूद मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और वे पलायन को मजबूर हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई नया प्रावधान नहीं है।
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जल जीवन मिशन पर भी सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने जल जीवन मिशन पर भी सवाल उठाए और कहा कि हर घर नल से जल देने का दावा करने वाली सरकार ने इस योजना के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई। आयुष्मान योजना को लेकर उमंग सिंघार ने कहा कि 70 साल से ऊपर के लोगों को मुफ्त इलाज की घोषणा अच्छी है, लेकिन 70 साल से कम उम्र के करोड़ों गरीब लोगों को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। अंत में उन्होंने कहा कि जनसेवा का अर्थ उद्योगपतियों की सेवा नहीं, बल्कि आम नागरिक की सेवा होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यही वजह है कि पार्टी सड़क पर उतरकर बजट के खिलाफ विरोध जता रही है।
