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Bhopal: आईआईटी खड़गपुर और एम्स भोपाल मिलकर करेंगे रिसर्च, मरीजों की मानसिक स्थिति को समझेंगे दोनों संस्थान

Mon, 04 Aug 2025 09:38 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 04 Aug 2025 09:38 PM IST
सार

आईआईटी खड़गपुर और एम्स भोपाल साथ मिलकर रिसर्च करेंगे। इसके लिए एम्स के सेंटर ऑफ हैप्पीनेस और आईआईटी के रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइंस ऑफ हैप्पीनेस के बीच एमओयू हुआ है।

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Bhopal: IIT Kharagpur and AIIMS Bhopal will do research together, both the institutes will understand the ment
एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मरीजों की मानसिक स्थिति को समझने और उसे बेहतर तरीके से संभालने के तरीके खोजने के लिए आईआईटी खड़गपुर और एम्स भोपाल साथ मिलकर रिसर्च करेंगे। इसके लिए एम्स के सेंटर ऑफ हैप्पीनेस और आईआईटी के रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइंस ऑफ हैप्पीनेस के बीच एमओयू हुआ है। आईआईटी खड़गपुर के रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइंस ऑफ हैप्पीनेस के चेयरमैन डॉ. सतिंदर सिंह रेखी इस दौरा मौजूद रहे।
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दो साल से काम कर रहा है सेंटर
एम्स में सेंटर ऑफ हैप्पीनेस की स्थापना 4 अगस्त 2023 को हुई थी। मरीज और उनके परिजन भी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक बोझ से जूझते हैं, जिससे बीमारी से लड़ने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। बीते दो साल से यह सेंटर इन्हीं समस्याओं को दूर करने का काम कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां होने वाली गतिविधियों से सकारात्मक मनोविज्ञान, खुशी और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है।
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आयोजित किए जाते हैं विशेष सत्र
कैंसर पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों, साथ ही ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य था उपचार के दौरान मानसिक तनाव को कम करना और आशावाद बनाए रखना। यहा के मरीजों का कहना है कि इन सत्रों से उन्हें भावनात्मक सहारा मिला और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि मेडिकल छात्र और पैरामेडिक्स अक्सर अत्यधिक मानसिक तनाव में काम करते हैं। खुशी का वैज्ञानिक दृष्टिकोण उन्हें आत्मबल, आशावाद और संतुलन प्रदान करता है। यह पहल समय की मांग ही नहीं, बल्कि आवश्यकता भी है।

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एम्स निदेशक का कार्यकाल पूरा
इधर सोमवार को एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो गया। अब उनकी जगह एम्स दरभंगा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. माधवानंद को एम्स भोपाल का अतिरिक्त चार्ज दिया है। केंद्रीय मंत्रालय ने एम्स भोपाल के नए निदेशक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन भी जारी किया है। इसमें इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक डॉ. माधवानंद कर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक रहेंगे।
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