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Bhopal: भोपाल के अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज, पेट में दर्द, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण, जाने कैसे बचें
Sat, 14 Jun 2025 03:49 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 14 Jun 2025 03:49 PM IST
सार
तेज गर्मी के कारण भोपाल के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि 10 फीसदी मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में फीवर, गले में दर्द, लूज मोशन और अन्य पेट संबंधी बीमारियों को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
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जेपी अस्पताल में मरीजों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में पिछले 6 दिन से भीषण गर्मी का दौर जारी है, कई जिलों में लू चल रही है। राजधानी भोपाल में भी पारा43 डिग्री पर चल रहा है। तेज गर्मी के कारण भोपाल के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि 10 फीसदी मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में फीवर, गले में दर्द, लूज मोशन और अन्य पेट संबंधी बीमारियों को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज गर्मी में बाहर निकलने के कारण लोग इन बीमारियों चपेट में लोग आ रहे हैं। चिकित्सकों ने सुझाव दिया है कि जरूरत नहीं होने पर 1 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।
लंबे समय तक धूप और गर्मी से हो रही परेशानी
जेपी अस्तपाल के डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि तेज गर्मी से बचें और घबराहट होने पर पानी और नीबू पीएं। उन्होने बताया कि हीट वेब के दौरान डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, मितली आदि आती है। ऐसे में तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं, पानी पिएं। उन्होने बताया कि लंबे समय तक धूप और गर्मी में रहने पर लोगों को हीट एग्जॉशन हो रहा है। क्योंकि शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना बहाता है। ऐसे में शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है और हीट स्ट्रोक में शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है। शरीर खुद को ठंडा बनाए रखने पसीना नहीं बहा पाता है।
यह भी पढ़ें- एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की द्वितीय परीक्षा की तैयारी पूरी, बोर्ड ने जारी किया प्रवेश पत्र
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गर्भवती महिलाएं के लिए सुझाव
भोपाल के काटजू अस्पताल की डॉ. रचना दुबे ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को इस समय अपनी सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी गई है। उनसे कहा गया कि कूल एवं एयर कंडीशन की हवा लेकर तत्काल धूप मे न निकलें। पानी का सेवन ज्यादा करें। छांछ लस्सी जूस का सेवन करें। आम कैरी का पना लें। जिससे कि शरीर में तरावट रहे।
यह भी पढ़ें- भोपाल और राजस्थान में HUT आतंकियों के ठिकानों पर NIA की रेड, झालावाड़ में खंगाला कपड़ा व्यापारी का घर
यह हैं लक्षण
- तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना।
- चक्कर और उल्टी आना।
- कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना।
- शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना।
- सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना।
- अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना।
- भूख कम लगना।
- बेहोश होना।
बचाव के उपाय
- गर्म दिन में सीधे धूप से बचें
- हल्के रंग के कपड़े पहनें
- सिंथेटिक कपड़े न पहनें
- हाइड्रेटेड रहें
- शराब और कैफीन से बचें
- ठंडी जगह पर रहें
- ठंडे पानी से नहाएं
- काम से ब्रेक लें
- गाड़ी में बच्चों, वयस्कों या पालतू जानवरों को न छोड़े
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लंबे समय तक धूप और गर्मी से हो रही परेशानी
जेपी अस्तपाल के डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि तेज गर्मी से बचें और घबराहट होने पर पानी और नीबू पीएं। उन्होने बताया कि हीट वेब के दौरान डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, मितली आदि आती है। ऐसे में तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं, पानी पिएं। उन्होने बताया कि लंबे समय तक धूप और गर्मी में रहने पर लोगों को हीट एग्जॉशन हो रहा है। क्योंकि शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना बहाता है। ऐसे में शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है और हीट स्ट्रोक में शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है। शरीर खुद को ठंडा बनाए रखने पसीना नहीं बहा पाता है।
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गर्भवती महिलाएं के लिए सुझाव
भोपाल के काटजू अस्पताल की डॉ. रचना दुबे ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को इस समय अपनी सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी गई है। उनसे कहा गया कि कूल एवं एयर कंडीशन की हवा लेकर तत्काल धूप मे न निकलें। पानी का सेवन ज्यादा करें। छांछ लस्सी जूस का सेवन करें। आम कैरी का पना लें। जिससे कि शरीर में तरावट रहे।
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यह हैं लक्षण
- तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना।
- चक्कर और उल्टी आना।
- कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना।
- शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना।
- सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना।
- अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना।
- भूख कम लगना।
- बेहोश होना।
बचाव के उपाय
- गर्म दिन में सीधे धूप से बचें
- हल्के रंग के कपड़े पहनें
- सिंथेटिक कपड़े न पहनें
- हाइड्रेटेड रहें
- शराब और कैफीन से बचें
- ठंडी जगह पर रहें
- ठंडे पानी से नहाएं
- काम से ब्रेक लें
- गाड़ी में बच्चों, वयस्कों या पालतू जानवरों को न छोड़े
