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Bhopal: छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम बोले-जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए,गरीब और भी गरीब होते जा रहा
Thu, 09 Jan 2025 06:50 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 09 Jan 2025 06:50 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी टीएस सिंहदेव भोपाल में GST को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होने कहा है कि जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए है। गरीब और भी गरीब होते जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार पर हमला बोला है।
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टीएस देव सिंह की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव गुरुवार को पीसीसी में प्रेसवार्ता कर कहा कि लोग टैक्स से परेशान है। जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए है। गरीब और भी गरीब होते जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में 12 जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है, आज का मुद्दा जीएसटी का है। आज देश में जो स्थिति हम देख रहे हैं टैक्स से लोग परेशान है।
जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए
जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए है। देश के पहले डायरेक्ट टैक्स के जरिए केंद्र सरकार को राजस्व आता था, अब टैक्स ही टैक्स है। वर्तमान स्थिति खराब हो चुकी है। चौंकाने वाले आंकड़े हैं। जीएसटी को लेकर देश की 10 प्रतिशत उच्चतम आय की आबादी सिर्फ 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी अदा कर रहे है। निचली आय की 50 फीसदी आबादी 60 फीसदी जीएसटी दे रहे है।
गरीब या मध्यम वर्गीय के लिए यह बेहद कठिन
सिंहदेव ने कहा कि गरीब के पास घर चलाने के लिए पैसे नहीं है। सिर्फ गरीब नहीं बल्कि मध्यम वर्ग भी जीएसटी में पिस रहा है। टैक्स को इतना विस्तृत और जटिल कर दिया कि एक गरीब या मध्यम वर्गीय के लिए यह बेहद कठिन काम है। अमीरों को फर्क नहीं पड़ता। सरकार ऑनलाइन की बात करती हैं और यह बात हकीकत है कि बिना चार्टर्ड अकाउंटेंट के टैक्स भर पाना संभव नहीं है। सीधे तौर पर छोटे स्तर पर भार डाला जा रहा है। कांग्रेस GST के खिलाफ नहीं है, लेकिन गलत नीति का विरोध हम कर रहे हैं। जीएसटी की गलत नीतियों से राज्य के आर्थिक आंकड़े भी बिगड़े, भरपाई नहीं हो पा रही है।
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एक उत्पाद पर तीन तीन टैक्स
उन्होने कहा कि दुनिया के किसी देशों में ऐसा नहीं है, जो ऐसी नीति अपनाता हो। एक उत्पाद पर तीन तीन टैक्स दे रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स कलेक्शन में विफल है। टैक्स चोरी नहीं रोक पा रहे है। स्वास्थ्य की बात तो इंश्योरेंस में 18% टैक्स वसूला जा रहा है। स्वास्थ्य सरकार की जवाबदारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। GST का जो प्रारूप कांग्रेस ने रखा था उसे केंद्र अपनाए। जीएसटी के दायरे में राहत नहीं, राहत दी तो उद्योगपतियों को, 2019 में करोड़ों की राहत दी गई। जब सीजी में कांग्रेस सरकार थी तब कई बार केंद्र को सरकार में रहकर सुझाव दिया था, लेकिन अमल नहीं किया गया। राष्ट्र में एक कराधान होना चाहिए, राज्यों का अंश ज्यादा किया जाए।
नक्सल पर नहीं होना चाहिए राजनीति
टीएस सिंहदेव ने कहा कि नक्सल पर राजनीति नहीं होना चाहिए। केंद्र ने टारगेट रखा है, हमें दिक्कत भी नहीं, लेकिन फिर अनेक तरीके से टारगेट पूरा करने में लग जाते हैं। फिर जबरन काम करें। निर्दोष नहीं पिसना चाहिए। दिल्ली चुनाव को लेकर कहा कि इंडिया गठबंधन को लेकर लोकसभा में हम एक थे। यह 2024 को लेकर था। इंडिया गठबंधन अभी एक इकाई नहीं है।
नेताप्रतिपक्ष ने बोला सरकार पर हमला
संयुक्त प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जून 2022 के लिए लंबित 16,982 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि राज्यों को जारी की जाएगी। जिसमें मध्य प्रदेश के लिए 730 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मनमाना टैक्स वसूल रही है, जैसे पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 29 फीसदी वेट मध्यप्रदेश में है। ये आम जनता से सीधा जुड़ा हुआ मुद्दा है। सरकार चाहे तो इसको कम कर लोगों को राहत दे सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
पेट्रोल-डीजल में एमपी में सबसे ज्यादा टैक्स
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल में देश में सबसे ज्यादा टैक्स लग रहा है। भाजपा सरकार अमीरों से कम और गरीबों पर टैक्स का बोझ ज्यादा डाल रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने जो GST के स्लैब कम करने की बात की थी, उन सुझावों को लेना चाहिए ताकि गरीब जनता का भला हो। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2025 में सिर्फ 6.4% GDP ग्रोथ का अनुमान है। यह चार साल का सबसे निचला स्तर है। उन्होंने कहा यह RBI के हालिया 6.6% के ग्रोथ के उस अनुमान से भी कम है, जो खुद ही पहले के 7.2% अनुमान से कम है।
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जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए
जीएसटी की व्यवस्था सिर्फ अमीरों के लिए है। देश के पहले डायरेक्ट टैक्स के जरिए केंद्र सरकार को राजस्व आता था, अब टैक्स ही टैक्स है। वर्तमान स्थिति खराब हो चुकी है। चौंकाने वाले आंकड़े हैं। जीएसटी को लेकर देश की 10 प्रतिशत उच्चतम आय की आबादी सिर्फ 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी अदा कर रहे है। निचली आय की 50 फीसदी आबादी 60 फीसदी जीएसटी दे रहे है।
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गरीब या मध्यम वर्गीय के लिए यह बेहद कठिन
सिंहदेव ने कहा कि गरीब के पास घर चलाने के लिए पैसे नहीं है। सिर्फ गरीब नहीं बल्कि मध्यम वर्ग भी जीएसटी में पिस रहा है। टैक्स को इतना विस्तृत और जटिल कर दिया कि एक गरीब या मध्यम वर्गीय के लिए यह बेहद कठिन काम है। अमीरों को फर्क नहीं पड़ता। सरकार ऑनलाइन की बात करती हैं और यह बात हकीकत है कि बिना चार्टर्ड अकाउंटेंट के टैक्स भर पाना संभव नहीं है। सीधे तौर पर छोटे स्तर पर भार डाला जा रहा है। कांग्रेस GST के खिलाफ नहीं है, लेकिन गलत नीति का विरोध हम कर रहे हैं। जीएसटी की गलत नीतियों से राज्य के आर्थिक आंकड़े भी बिगड़े, भरपाई नहीं हो पा रही है।
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एक उत्पाद पर तीन तीन टैक्स
उन्होने कहा कि दुनिया के किसी देशों में ऐसा नहीं है, जो ऐसी नीति अपनाता हो। एक उत्पाद पर तीन तीन टैक्स दे रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स कलेक्शन में विफल है। टैक्स चोरी नहीं रोक पा रहे है। स्वास्थ्य की बात तो इंश्योरेंस में 18% टैक्स वसूला जा रहा है। स्वास्थ्य सरकार की जवाबदारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। GST का जो प्रारूप कांग्रेस ने रखा था उसे केंद्र अपनाए। जीएसटी के दायरे में राहत नहीं, राहत दी तो उद्योगपतियों को, 2019 में करोड़ों की राहत दी गई। जब सीजी में कांग्रेस सरकार थी तब कई बार केंद्र को सरकार में रहकर सुझाव दिया था, लेकिन अमल नहीं किया गया। राष्ट्र में एक कराधान होना चाहिए, राज्यों का अंश ज्यादा किया जाए।
नक्सल पर नहीं होना चाहिए राजनीति
टीएस सिंहदेव ने कहा कि नक्सल पर राजनीति नहीं होना चाहिए। केंद्र ने टारगेट रखा है, हमें दिक्कत भी नहीं, लेकिन फिर अनेक तरीके से टारगेट पूरा करने में लग जाते हैं। फिर जबरन काम करें। निर्दोष नहीं पिसना चाहिए। दिल्ली चुनाव को लेकर कहा कि इंडिया गठबंधन को लेकर लोकसभा में हम एक थे। यह 2024 को लेकर था। इंडिया गठबंधन अभी एक इकाई नहीं है।
नेताप्रतिपक्ष ने बोला सरकार पर हमला
संयुक्त प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जीएसटी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जून 2022 के लिए लंबित 16,982 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि राज्यों को जारी की जाएगी। जिसमें मध्य प्रदेश के लिए 730 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मनमाना टैक्स वसूल रही है, जैसे पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 29 फीसदी वेट मध्यप्रदेश में है। ये आम जनता से सीधा जुड़ा हुआ मुद्दा है। सरकार चाहे तो इसको कम कर लोगों को राहत दे सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
पेट्रोल-डीजल में एमपी में सबसे ज्यादा टैक्स
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल में देश में सबसे ज्यादा टैक्स लग रहा है। भाजपा सरकार अमीरों से कम और गरीबों पर टैक्स का बोझ ज्यादा डाल रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने जो GST के स्लैब कम करने की बात की थी, उन सुझावों को लेना चाहिए ताकि गरीब जनता का भला हो। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2025 में सिर्फ 6.4% GDP ग्रोथ का अनुमान है। यह चार साल का सबसे निचला स्तर है। उन्होंने कहा यह RBI के हालिया 6.6% के ग्रोथ के उस अनुमान से भी कम है, जो खुद ही पहले के 7.2% अनुमान से कम है।
