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Bhopal: भोपाल में छापेमारी पर दिग्विजय ने पुलिस पर खड़े किए सवाल, लोकायुक्त को हटाने की मांग,PM को लिखा पत्र

Tue, 24 Dec 2024 07:33 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 24 Dec 2024 07:33 PM IST
सार

भोपाल में छापेमारी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रेसवार्ता कर कई खुलासे किए। उन्होने मामले में पुलिस पर भी सवाल खडे़ किए। पीएम मोदी को पत्र लिखा है। मामले से लोकायुक्त को हटाने की मांग की है।

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Bhopal: Digvijay raised questions on police over raid in Bhopal, demanded removal of Lokayukta, wrote letter t
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के जंगल में लावारिस खड़ी कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद होने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पे भोपाल में प्रेसवार्ता कर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है राज्य के परिवहन विभाग के भीतर किस प्रकार से चेक पोस्ट की नीलामी हो रही थी और वसूली चल रही थी। उन्होंने आगे कहा कि यह भी अपने आप में बड़ा सवाल है कि ये सारी संपत्ति क्या सौरभ शर्मा की है? ये एक जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सिंह ने कहा कि इस केस से लोकायुक्त को हटाया जाना चाहिए। इसकी ईडी और आयकर विभाग को केस की जांच सौंपी जाए।
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सोना और कैश बरामदगी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया था। हालांकि, बताया गया कि जब्ती लोकायुक्त और आईटी की टीम ने की है, अगर आईटी सामने नहीं आता तो शायद ये कार्रवाई नहीं हो पाती, हो सकता है कि मेरी जानकारी गलत भी हो।
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परिवहन विभाग राजपूत को देने का था दबाव
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि जब मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बनी थी तब सीएम पर इतना दबाव था कि परिवहन विभाग गोविंद राजपूत को दिया जाए। इसके बाद एक बोर्ड बनाया गया, ऐसा क्यों था ये तो उस समय के कुछ नेता ही बताएंगे। जैसे ही सरकार गिरी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने, उन पर दबाव डालकर बोर्ड को खत्म कर दिया गया। सीएम ने इसे खत्म कर दिया। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि इसके बाद राज्य में फिर से ठेका प्रणाली शुरू हो गई, जो सबसे ज्यादा वसूली करेगा गोविंद राजपूत द्वारा उसी की नियुक्ति हो जाती थी।
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20 साल में किसी पर भी भ्रष्टाचार का केस नहीं चलाया
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इसमें सौरभ शर्मा के साथ संजय श्रीवास्तव, वीरेश, दर्शन सिंह पटेल, ये लोग नीलामी करके वसूली करते थे। इन लोगों की जांच हो तो मनी ट्रैल का पता चल जाएगा। मनोज परमार के घर पर तो ईडी की टीम भी पहुंच गई थी। मगर अब ईडी इसे संज्ञान में नहीं लेगा। शिवराज सिंह चौहान ने 20 साल में किसी पर भी भ्रष्टाचार का केस चलाया हो तो बता दीजिए।


सोना और पैसा कहां से आया?
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सौरभ शर्मा जो आज कल दुबई में है। दुबई ऐसा केंद्र है जहां पर इन्वेस्टमेंट होता है। सरकार और जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए इतना सोना और पैसा कहां से आया और ये किसका है? अगर मामले की जांच ऊपर से किसी सीनियर की देखरेख में नहीं हुई तो इसे दबा दिया जाएगा। कायदे से तो ये जांच मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस की निगरानी में होनी चाहिए।


 
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