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Bhopal Crime: 16 साल से घर में कैद महिला की इलाज के दौरान मौत, 10 दिन पहले रेस्क्यू कर ले गए थे अस्पताल

Tue, 15 Oct 2024 02:31 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 15 Oct 2024 02:31 PM IST
सार

पांच अक्तूबर को ससुराल वालों की कैद से रिहा कराई गई महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 16 सालों से कैद में थी। मायके वालों की शिकायत के बाद मामला सामने आया था और महिला को रिहा कराया गया था। 

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Bhopal Crime: Woman imprisoned in house for 16 years dies during treatment
भोपाल में 16 साल बाद ससुराल की कैद से रिहा हुई महिला की मौत हो गई। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में ससुराल वालों द्वारा 16 साल से घर में कैद करके रखी गई महिला की इलाज के दौरान सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे मौत हो गई है। नरसिंहपुर निवासी मायके वालों की शिकायत पर दस दिन पहले 5 अक्टूबर को भोपाल की महिला थाना और जहांगीराबाद थाना पुलिस की टीम ने महिला को ससुराल वालों की कैद से रेस्क्यू कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। इस मामले में महिला के पति के खिलाफ पहले ही प्रकरण दर्ज हो चुका है। 
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जानकारी के अनुसार रानू साहू (40) जहांगीराबाद में रहती थी। उसके पिता नरसिंहपुर निवासी किशनलाल साहू ने महिला थाने में शिकायत की थी कि उनकी बेटी की शादी 2006 में भोपाल निवासी योगेन्द्र साहू के साथ हुई थी। उसके बच्चे भी हैं। मेरी बेटी को 2008 से ही पति और अन्य ससुराल वाले उसे एक कमरे में कैद करके रखे हैं, बेटी का इलाज नहीं करा रहे हैं। इसके बाद 5 अक्टूबर को पुलिस ने रानू साहू को रेस्क्यू कर हमीदिया में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई है।
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25 किलो रह गया था वजन
मायके वालों की शिकायत के बाद एनजीओ, पीडि़ता के परिजन को लेकर महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची थी तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाया गया था। 40 साल की पीड़िता हड्डियों का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 
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दो साल बाद मिलना बंद कराया
किशनलाल साहू ने पुलिस को बताया था कि 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताडि़त करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली थी, इसके बाद वे भोपाल आकर पुलिस से शिकायत की थी।
 
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