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Bhopal: रक्षाबंधन पर मिलावटी मिठाइयों की शिकायत बढ़ी, खराब कर सकती है सेहत, सैंपल की जांच में लग रहा समय

Fri, 08 Aug 2025 02:16 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 08 Aug 2025 02:16 PM IST
सार

भोपाल में कई दुकानों से मिलावटी और खराब मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री बेचने की शिकायत खाद्य विभाग के पास पहुंच रही है। ऐसे में विभाग की टीमें लगातार दुकानों से सैंपल कलेक्ट कर रही है। लेकिन इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग रहा है।

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Bhopal: Complaints of adulterated sweets increased on Rakshabandhan, can harm health, it is taking time to tes
सैंपल लेने पहुंची खाद्य विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मिठाइयों की दुकान में भीड़ लग रही है। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि कई दुकानों से मिलावटी और खराब मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री बेचने की शिकायत खाद्य विभाग के पास पहुंच रही है। ऐसे में विभाग की टीमें लगातार दुकानों से सैंपल कलेक्ट कर रही है। लेकिन इन सैंपलों का जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग रहा है जिस वजह से दुकानदार और लापरवाह होते जा रहे हैं। पहले भी त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी की आपूर्ति के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में पहले से ही सख्त नजर रखी जा रही है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट समय पर नहीं आने से कार्रवाई महज औपचारिकता लग रही है।
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संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर लैब भेजे जा रहे
रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाले मावा, दूध, मिठाई, घी व तेल की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर लैब भेजे जा रहे हैं, और बिना लाइसेंस व लेबलिंग वाले उत्पादों की बिक्री पर सख्ती की जा रही है। भोपाल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि पिछले दो-तीन दिन में करीब 50 से ज्यादा दुकानों से सैंपल लिए गए हैं।
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लीवर, किडनी और आंतों के लिए खतरनाक
विशेषज्ञों की माने तो गर्म मौसम और बढ़ी हुई मांग को देखते हुए सबसे अधिक मिलावट मावा और मिठाइयों में होने की आशंका है। कई मामलों में स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति फैट और रासायनिक रंग का उपयोग कर नकली मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।



मिठाई खरीदने से पहले  यह रहे ध्यान
1- चमकदार, अत्यधिक रंगीन मिठाईयों से बचें ।
2- बिना ब्रांड, बिना पैकेजिंग व बिना बिल के खरीदारी न करें।
3- घर पर दूध, मावा की शुद्धता की जांच के लिए FSSAI द्वारा बताए गए घरेलू परीक्षण अपनाएं।

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शहर के इन दुकानों से लिए सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सोनागिरी स्थित अश्विनी अमृतमूल्य से अश्विनी अमृतमूल्य का नमूना, चूनाभट्टी स्थित छप्पन भोग से मलाई बर्फी, कोलार रोड स्थित श्याम डेयरी एंड स्वीट्स से मावा, सलैया स्थित श्री बीकानेर नमकीन सेंटर से मावा पेडा एवं पतिसा, अयोध्या बायपास स्थित राजस्थान मिष्ठान भण्डार से सोनपपड़ी, बेसन लड्डू एवं नमकीन के नमूने लिए। इसी तरह कोलार स्थित मुरैना गजक एंड डेयरी से मिल्क केक एवं रसगुल्ला, शाहपुरा स्थित मुंबई बड़ा पाव से तेल, मंगलवारा स्थित महेन्द्र मावा भण्डार से मावा, नेहरू नगर स्थित मधुरम स्वीट्स से मिठाई कुंदा, पिपलानी स्थित लॉडर्स कृष्णा ट्रेडर्स से तिलोनी तिल तेल, गोपाल डेयरी से पनीर, मावा एवं दही, विदिशा रोड बैरसिया स्थित श्रीराम किराना से हर्षित नमकीन, कोलार स्थित मिलन नमकीन से राज बर्फी, पिस्ता पेडा एवं लौंग सेव, वाहे गुरु डेयरी से मावा, अयोध्या बायपास स्थित महालक्ष्मी बीकानेर स्वीट्स से मलाई टिकिया, मलाई पेडा एवं सोनपपड़ी, सलैया स्थित मेसर्स चाय हो जाए से मैंदा व दही, जैन डेयरी कोलार से मावा, मंगलवारा छावनी रोड स्थित आनंद मावा से घी एवं मावा के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए।

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धारा 32 के तहत नोटिस दिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंदगी, अस्वच्छ निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय की स्थितियां पाई गईं, साथ ही लाइसेंस एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित न होने पर धारा 32 के तहत नोटिस दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर संबंधित के खिलाफ अधिनियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी
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