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Bhopal: किडनी रोग के बच्चों के इलाज में एम्स अव्वल, मिला अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार, विश्व के 57 ISN में शामिल
Wed, 12 Feb 2025 07:41 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 12 Feb 2025 07:41 PM IST
सार
AIIMS Bhopal:एम्स को इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी द्वारा 2025 का प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार दिया गया है। यह सम्मान किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के उत्कृष्ट इलाज और 2018 से 2024 तक मैकगिल यूनिवर्सिटी, कनाडा के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया गया है।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज करने में एम्स भोपाल ने कीर्तीमान रचा है। दरअल एम्स लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बना रहा है। अब एम्स को इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (ISN) द्वारा 2025 का प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार दिया गया है। यह सम्मान बाल किडनी रोग के इलाज में उत्कृष्ट योगदान और 2018 से 2024 तक मैकगिल यूनिवर्सिटी, कनाडा के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया गया है। साथ ही, एम्स भोपाल को पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में नामित किया गया।
विश्व के 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों शामिल
यह पुरस्कार डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू, श्रियर के नाम पर दिया जाता है, जो गुर्दा शोध और वैश्विक नेफ्रोलॉजी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाने जाते है। यह सम्मान उन संस्थानों को दिया जाता है जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से नेफ्रोलॉजी इलाज, शिक्षा और शोध में अद्वितीय प्रगति दिखाते हैं। एम्स भोपाल अब विश्व के उन 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों में से एक है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है।
विश्व के 57 ISN में शामिल
एक हजार से ज्यादा बच्चों का किया डायलिसिस
एम्स बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा मलिक ने बताया कि बाल रोग डायलिसिस यूनिट ने पिछले वर्ष में 1000 से अधिक डायलिसिस सत्र और 150 प्लाज्मा एक्सचेंज सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जिससे अनेक बच्चों की जान बचाई गई है। यह पुरस्कार एम्स भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश भट्ट ने विश्व नेफ्रोलॉजी कांग्रेस 2025 में प्राप्त किया। एम्स भोपाल ने बाल किडनी रोग देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाल नेफ्रोलॉजी संघ (IPNA) फैलोशिप और बाल रोग नेफ्रोलॉजी में डीएम कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें दो डीएम फेलो पहले ही नामांकित हो चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य अधिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना और पूरे भारत में बाल रोग नेफ्रोलॉजी सेवाओं का विस्तार करना है।
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इस सम्मान से बढ़ी एम्स की प्रतिष्ठा
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बाल रोग नेफ्रोलॉजी इकाई की समर्पित सेवाओं और अग्रणी कार्यों पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने डॉ. शिखा मलिक (बाल रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. अंबर कुमार और डॉ. गिरीश भट्ट को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारी टीम के बाल किडनी रोग देखभाल को उन्नत बनाने के सतत प्रयासों का प्रमाण है। एम्स भोपाल को आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मिली यह मान्यता न केवल हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगी, बल्कि भारत और अन्य देशों में विभिन्न चिकित्सा केंद्रों को सहयोग प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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विश्व के 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों शामिल
यह पुरस्कार डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू, श्रियर के नाम पर दिया जाता है, जो गुर्दा शोध और वैश्विक नेफ्रोलॉजी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाने जाते है। यह सम्मान उन संस्थानों को दिया जाता है जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से नेफ्रोलॉजी इलाज, शिक्षा और शोध में अद्वितीय प्रगति दिखाते हैं। एम्स भोपाल अब विश्व के उन 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों में से एक है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है।
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विश्व के 57 ISN में शामिल
एक हजार से ज्यादा बच्चों का किया डायलिसिस
एम्स बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा मलिक ने बताया कि बाल रोग डायलिसिस यूनिट ने पिछले वर्ष में 1000 से अधिक डायलिसिस सत्र और 150 प्लाज्मा एक्सचेंज सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जिससे अनेक बच्चों की जान बचाई गई है। यह पुरस्कार एम्स भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश भट्ट ने विश्व नेफ्रोलॉजी कांग्रेस 2025 में प्राप्त किया। एम्स भोपाल ने बाल किडनी रोग देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाल नेफ्रोलॉजी संघ (IPNA) फैलोशिप और बाल रोग नेफ्रोलॉजी में डीएम कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें दो डीएम फेलो पहले ही नामांकित हो चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य अधिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना और पूरे भारत में बाल रोग नेफ्रोलॉजी सेवाओं का विस्तार करना है।
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इस सम्मान से बढ़ी एम्स की प्रतिष्ठा
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बाल रोग नेफ्रोलॉजी इकाई की समर्पित सेवाओं और अग्रणी कार्यों पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने डॉ. शिखा मलिक (बाल रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. अंबर कुमार और डॉ. गिरीश भट्ट को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारी टीम के बाल किडनी रोग देखभाल को उन्नत बनाने के सतत प्रयासों का प्रमाण है। एम्स भोपाल को आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मिली यह मान्यता न केवल हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगी, बल्कि भारत और अन्य देशों में विभिन्न चिकित्सा केंद्रों को सहयोग प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
