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Aiims NEWS : एम्स के डॉक्टर ने वियना में सीखी नई तकनीकी, भोपाल में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का करेंगे इलाज
Fri, 02 Aug 2024 06:55 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:55 PM IST
सार
एम्स भोपाल के डॉ. केतन मेहरा ने यूरोप के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक मेडिकल यूनिवर्सिटी वियना आस्ट्रिया में दो महीने का क्लिनिकल दौरा किया। इस दौरान डॉ. मेहरा ने कई नई तकनीकी सीखी अब भोपाल में उनका प्रयोग करेंगे।
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वियना में एम्स भोपाल के डॉ केतन मेहरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित एम्स में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा साथ ही अस्पताल में आने वाले कैंसर जैसी जटिल बीमािरयों के इलाज के लिए दूसरे देशोे में उपयोग होने वाली नई तकनीकों का प्रयोग एम्स में करने के लिए चिकित्सकों को दूसरे देशों में भेज कर ट्रेनिंग दी जा रही है। हाल ही में एम्स भोपाल के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. केतन मेहरा ने यूरोप के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक मेडिकल यूनिवर्सिटी वियना, आस्ट्रिया में 1 जून से 31 जुलाई 2024 तक दो महीने का क्लिनिकल दौरा किया। इस दौरान डॉ. मेहरा ने पाया कि विभिन्न स्पेशलिटीज़ जैसे ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी को समन्वित रूप से अपनाकर रोगी देखभाल और प्रबंधन को बेहतर कर सकते हैं।
उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करना भी सीखा
उन्होंने यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर के अलावा प्रोस्टेट कैंसर, ब्लेडर कैंसर और किडनी स्टोन जैसे मामलों में उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करना भी सीखा। इन उन्नत तकनीकों में इमेजिंग विधि, एंडोस्कोपिक प्रक्रिया और सर्जिकल प्रक्रिया शामिल थीं। इमेजिंग विधि में - एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जबकि सर्जिकल प्रक्रिया में रोबोटिक सर्जरी जिसमें रोबोट की सहायता से लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है, ओपन सर्जरी- पारंपरिक ऑपरेशन की विधि तथा ट्रांसप्लांट सर्जरी शामिल थी। डॉ मेहरा ने इस दौरान स्टोन मैनेजमेंट और अन्य सर्जरी के लिए उन्नत लेसर तकनीकों का उपयोग भी सीखा।एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह संकाय और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। एम्स भोपाल ने विभिन्न शैक्षणिक मंचों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विभिन्न सम्मेलनों और कार्यशालाओं में संकाय सदस्यों की भागीदारी न केवल उनके कौशल को बढ़ाती है बल्कि उन्हें नवीनतम प्रगति के साथ अद्यतन भी रखती है।
क्लिनिकल प्रथाओं को बढ़ाने में होगा सहायक
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अजय सिंह ने कहा की डॉक्टर केतन का यह अनुभव एम्स भोपाल में क्लिनिकल प्रथाओं को बढ़ाने में सहायक होंगे। इन उन्नत प्रक्रियाओं को अपनाकर, शैक्षिक कार्यक्रमों को सुदृढ़ करके, शोध सहयोग को बढ़ावा देकर और नई तकनीकों को एकीकृत करके एम्स भोपाल मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण सुधार करेगा और स्वास्थ्य पेशेवरों को लाभान्वित करेगा। प्रोफेसर (डॉ.) सिंह ने डॉ. केतन मेहरा को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
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उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करना भी सीखा
उन्होंने यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर के अलावा प्रोस्टेट कैंसर, ब्लेडर कैंसर और किडनी स्टोन जैसे मामलों में उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करना भी सीखा। इन उन्नत तकनीकों में इमेजिंग विधि, एंडोस्कोपिक प्रक्रिया और सर्जिकल प्रक्रिया शामिल थीं। इमेजिंग विधि में - एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जबकि सर्जिकल प्रक्रिया में रोबोटिक सर्जरी जिसमें रोबोट की सहायता से लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है, ओपन सर्जरी- पारंपरिक ऑपरेशन की विधि तथा ट्रांसप्लांट सर्जरी शामिल थी। डॉ मेहरा ने इस दौरान स्टोन मैनेजमेंट और अन्य सर्जरी के लिए उन्नत लेसर तकनीकों का उपयोग भी सीखा।एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह संकाय और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। एम्स भोपाल ने विभिन्न शैक्षणिक मंचों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विभिन्न सम्मेलनों और कार्यशालाओं में संकाय सदस्यों की भागीदारी न केवल उनके कौशल को बढ़ाती है बल्कि उन्हें नवीनतम प्रगति के साथ अद्यतन भी रखती है।
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क्लिनिकल प्रथाओं को बढ़ाने में होगा सहायक
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अजय सिंह ने कहा की डॉक्टर केतन का यह अनुभव एम्स भोपाल में क्लिनिकल प्रथाओं को बढ़ाने में सहायक होंगे। इन उन्नत प्रक्रियाओं को अपनाकर, शैक्षिक कार्यक्रमों को सुदृढ़ करके, शोध सहयोग को बढ़ावा देकर और नई तकनीकों को एकीकृत करके एम्स भोपाल मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण सुधार करेगा और स्वास्थ्य पेशेवरों को लाभान्वित करेगा। प्रोफेसर (डॉ.) सिंह ने डॉ. केतन मेहरा को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
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