फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   After Getting Relief From MP High Court, Congress MLA Kushwaha thanks Narottam Misra

MP News: हाईकोर्ट से राहत मिलते ही गृहमंत्री से मिले कांग्रेस विधायक, बोले- आपकी कृपा से ही संभव हुआ है

Wed, 11 Jan 2023 01:29 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 11 Jan 2023 01:29 PM IST
सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मुरैना के सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा को राहत दी है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी के केस में जमानत देते हुए निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी है। 
 

विज्ञापन
After Getting Relief From MP High Court, Congress MLA Kushwaha thanks Narottam Misra
अजब सिंह कुशवाहा ने नरोत्तम मिश्रा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिलने के अगले ही दिन मुरैना के सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाहा ने गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की। उन्हें मिठाई खिलाई। साथ ही बोले कि 'सब आपकी कृपा से ही संभव हुआ है।' इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।  

विज्ञापन


मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को अजब सिंह कुशवाह को राहत दी थी। ग्वालियर की विशेष कोर्ट से मिली सजा पर जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने आगामी सुनवाई तक रोक लगाई है। इसके साथ ही अजब सिंह की जमानत अर्जी भी स्वीकार कर ली है। हालांकि, न्यायालय ने उनकी पत्नी शीला कुशवाह का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया है। यह फैसला आने के अगले ही दिन कुशवाहा ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की। उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मिठाई भी खिलाई। वीडियो में उन्हें यह भी कहते हुए सुना जा सकता है कि 'सब आपकी कृपा से ही संभव हुआ है।'
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन




धोखाधड़ी के आरोप में सुनाई थी सजा
विधायक अजब सिंह, उनकी पत्नी शीला कुशवाह व दोस्त कृष्ण गोपाल चौरसिया को ग्वालियर की विशेष (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने दो दिसंबर 2022 को धोखाधड़ी के मामले में दो-दो साल की सजा सुनाई थी। विधायक और उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन को अपनी बताकर दो बार बेच दिया। विधायक की ओर से कहा गया कि उक्त मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। 


सरकारी जमीन बेचने का मामला
दरअसल, सरकारी जमीन विधायक की पत्नी के नाम पर थी। उसकी पॉवर ऑफ अटॉर्नी सह-अभियुक्त कृष्ण गोपाल चौरसिया को दी गई थी। चौरसिया ने जमीन पीएम शाक्य को बेच दी थी, जिसके एवज में सात लाख 43 हजार रुपये लिए थे। आवेदक ने कहा कि विधायक चूंकि शीला के पति हैं, इसलिए उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है। यह दलील भी दी गई कि आवेदक वर्तमान में विधायक हैं। यदि सजा पर रोक नहीं लगाई गई तो उनकी विधायकी खतरे में आ जाएगी। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने आवेदक अजब सिंह को जमानत देते हुए सजा पर अंतरिम रोक लगा दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed