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Mp weather: भोपाल में दिनभर धूप के बाद शाम को हुई बारिश, भारी बारिश से राहत,औसत से 10 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज
Thu, 05 Sep 2024 08:35 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 05 Sep 2024 08:35 PM IST
सार
प्रदेश में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। गुरुवार को भोपाल समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में 1 जून से 5 सितंबर तक 904.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो वार्षिक मानसून औसत से 10 प्रतिशत अधिक है।
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भोपाल की बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लो प्रेशर एरिया का कमजोर होना और मानसून ट्रफ का आगे निकलने से मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। गुरुवार को भोपाल समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में दिनभर तेज धूप के बाद शाम को बारिश हुई। कई जिलों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली। इधर गुरुवार को भोपाल में कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खुले रहे। साथ ही प्रदेश के छतरपुर के खजुराहो, रीवा, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, ग्वालियर और खरगोन में भी पानी गिरा। जबकि शिवपुरी, मंडला, नरसिंहपुर और रीवा में दिन का तापमान 33 डिग्री के पार रहा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में 1 जून से 5 सितंबर तक 904.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो वार्षिक मानसून औसत से 10 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के अनूपपुर अमरकंटक, डिंडोरी, जबलपुर भेड़ाघाट, छतरपुर खजुराहो, दमोह, दतिया रतनगढ़, मंडला, निवाड़ी ओरछा, टीकमगढ़, उत्तरी बालाघाट में मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। श्योपुर कलां, भिंड, मुरैना, पन्ना, दक्षिण बालाघाट, उमरिया बांधवगढ़ सतना चित्रकूट, मैहर, सिंगरौली, रीवा, कटनी, मऊगंज, सिवनी, सीधी, शहडोल, ग्वालियर, शिवपुरी में आकाशीय बिजली गिराने की संभावना है। नीमच, नरसिंग पुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना के साथ-साथ भोपाल, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, मंदसौर, अशोकनगर, देवास, बुरहानपुर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम पचमढ़ी, खरगोन महेश्वर, राजगढ़, खंडवा ओंकारेश्वर, बैतूल, गुना, सीहोर हरदा बिजली के साथ हल्की आंधी का अनुमानन है।
प्रदेश में 8 सितंबर तक भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश में बताया कि मौजूदा लो प्रेशर एरिया का कमजोर हो गई है और मानसून ट्रफ आगे निकल बताया गई है इस वजह से प्रदेश में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मानसून ट्रफ गुना, सिवनी से गुजर रही है। अगले 24 घंटे में सिस्टम कमजोर हो जाएगा। 8 सितंबर तक भारी बारिश नहीं होगी।
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प्रदेश में वार्षिक औसत से 10 प्रतिशत अधिक
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में 1 जून से 5 सितंबर तक 904.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो वार्षिक मानसून औसत से 10 प्रतिशत अधिक है। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि इस अवधि के दौरान राज्य में आमतौर पर 823.9 मिमी बारिश होती है। आईएमडी के भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने गुरुवार को बताया कि राज्य में 1 जून से 30 सितंबर तक सामान्य बारिश 949 मिमी होती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह 1043.4 मिमी और राज्य के पश्चिमी भाग में 877.3 मिमी होती है। यादव ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश में 823.9 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 953.9 मिमी वर्षा हुई, जो 6 प्रतिशत की वृद्धि है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 766.4 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 867.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 13 प्रतिशत अधिक है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार श्योपुर जिले में 600.5 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 1087.7 मिमी वर्षा हुई, जो 81 प्रतिशत की वृद्धि है।
रीवा जिले में सबसे कम बारिश
आईएमडी के भोपाल केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, रीवा जिले में सबसे कम 572.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 823.3 मिमी है। यह 31 प्रतिशत की गिरावट है। दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से तीन दिन देरी से 21 जून को मध्य प्रदेश में पहुंचा। पूर्वी भाग के बालाघाट जिले में राज्य में पहली मानसूनी वर्षा हुई।
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मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के अनूपपुर अमरकंटक, डिंडोरी, जबलपुर भेड़ाघाट, छतरपुर खजुराहो, दमोह, दतिया रतनगढ़, मंडला, निवाड़ी ओरछा, टीकमगढ़, उत्तरी बालाघाट में मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। श्योपुर कलां, भिंड, मुरैना, पन्ना, दक्षिण बालाघाट, उमरिया बांधवगढ़ सतना चित्रकूट, मैहर, सिंगरौली, रीवा, कटनी, मऊगंज, सिवनी, सीधी, शहडोल, ग्वालियर, शिवपुरी में आकाशीय बिजली गिराने की संभावना है। नीमच, नरसिंग पुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना के साथ-साथ भोपाल, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, मंदसौर, अशोकनगर, देवास, बुरहानपुर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम पचमढ़ी, खरगोन महेश्वर, राजगढ़, खंडवा ओंकारेश्वर, बैतूल, गुना, सीहोर हरदा बिजली के साथ हल्की आंधी का अनुमानन है।
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प्रदेश में 8 सितंबर तक भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश में बताया कि मौजूदा लो प्रेशर एरिया का कमजोर हो गई है और मानसून ट्रफ आगे निकल बताया गई है इस वजह से प्रदेश में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मानसून ट्रफ गुना, सिवनी से गुजर रही है। अगले 24 घंटे में सिस्टम कमजोर हो जाएगा। 8 सितंबर तक भारी बारिश नहीं होगी।
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प्रदेश में वार्षिक औसत से 10 प्रतिशत अधिक
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में 1 जून से 5 सितंबर तक 904.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो वार्षिक मानसून औसत से 10 प्रतिशत अधिक है। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि इस अवधि के दौरान राज्य में आमतौर पर 823.9 मिमी बारिश होती है। आईएमडी के भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने गुरुवार को बताया कि राज्य में 1 जून से 30 सितंबर तक सामान्य बारिश 949 मिमी होती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह 1043.4 मिमी और राज्य के पश्चिमी भाग में 877.3 मिमी होती है। यादव ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश में 823.9 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 953.9 मिमी वर्षा हुई, जो 6 प्रतिशत की वृद्धि है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 766.4 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 867.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 13 प्रतिशत अधिक है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार श्योपुर जिले में 600.5 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले 1087.7 मिमी वर्षा हुई, जो 81 प्रतिशत की वृद्धि है।
रीवा जिले में सबसे कम बारिश
आईएमडी के भोपाल केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, रीवा जिले में सबसे कम 572.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 823.3 मिमी है। यह 31 प्रतिशत की गिरावट है। दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से तीन दिन देरी से 21 जून को मध्य प्रदेश में पहुंचा। पूर्वी भाग के बालाघाट जिले में राज्य में पहली मानसूनी वर्षा हुई।
After a sunny day in Bhopal, it rained in the evening, providing relief from heavy rain, 10% more rain than the average was recorded
भोपाल में दिनभर धूप के बाद शाम को हुई बारिश, भारी बारिश से राहत, कई जिलों में हुई बूंदाबांदी
