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शिवराज के इंस्टाग्राम पर 40 मिनट: पहले बेटियों ने मामा बोला, फिर बेटों ने, अब तो बुजुर्ग भी मामा बोलते हैं

Fri, 10 Feb 2023 04:57 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 10 Feb 2023 04:57 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को यूथ से उनके प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रूबरू हुए। करीब चालीस मिनट में 20 से अधिक सवालों के जवाब दिए। यह भी बताया कि वह मामा कैसे बने? 
 

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40 minutes on Shivraj's Instagram, First daughters called Mama, then sons, now even elders call Mama
शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनावी साल में हर वर्ग और हर तबके तक पहुंचने और उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह उन्होंने इंस्टाग्राम पर युवाओं से सीधी बातचीत की। सीएम ने उन्हें बताया कि वे मामा कैसे कहलाने लगे। 'रुक जाना नहीं' और 'ऐ भाई जरा देख के चलो' जैसे गाने भी शिवराज ने गुनगुनाए। युवाओं से उन्होंने करीब 40 मिनट तक बातचीत की। 
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सीएम शिवराज सिंह चौहान इंस्टाग्राम पर युवाओं से चर्चा में कहा कि प्रदेश में 'लाड़ली लक्ष्मी योजना' लागू करने की वजह से बेटियों ने उन्हें मामा बोलना शुरू किया। फिर बेटे भी उन्हें मामा बोलने लगे। अब तो स्थिति यह है कि बुजुर्ग भी मामा कहकर संबोधित करते हैं। 
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इंस्टाग्राम पर सीएम का युवाओं से रूबरू होने का यह पहला मौका था। उन्होंने इस दौरान 'रुक जाना नहीं' और 'ऐ भाई जरा देख के चलो' गाने गुनगुना कर युवाओं से जीवन की बारीकी समझाने का प्रयास किया। खास बात यह है कि 'रुक जाना नहीं' योजना भी मध्य प्रदेश में संचालित हो रही है। यह योजना परीक्षाओं में असफल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करती है। 
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एक युवा ने कहा-मुझे एक दिन का सीएम बना दो
एक युवा ने शिवराज से कहा, 'मुझे एक दिन का मुख्यमंत्री बना दीजिए'। इस पर शिवराज बोले, 'वह एक फिल्म (नायक) थी। हमें सीखना चाहिए कि एक दिन में कैसे अंतर ला सकते हैं। हालांकि, फिल्म और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर होता है। मुख्यमंत्री एक दिन का क्यों, परमानेंट बनने का मौका है। राजनीति में आओ, मेहनत करो। एक दिन जरूर कामयाबी मिलेगी।' 

पीएम मोदी को बताया रोल मॉडल
एक युवा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके रोल मॉडल कौन हैं? इस पर शिवराज ने कहा कि गीताजी और स्वामी विवेकानंद से उन्हें प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वे रोल मॉडल मानते हैं। पीएम मोदी ने समृद्ध और शक्तिशाली भारत के निर्माण में अपने आपको झोंक दिया। भारत का यह प्रगति और प्रतिष्ठा का स्वर्णिम काल है। आज भारत आंख झुकाकर नहीं, आंख मिलाकर बात करता है। कोविड की आपदा को हमने अवसर में बदला। अब मोदी जी पूरे देश को आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं तो हम आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश क्यों नहीं बना सकते। हम इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं। हेल्थ और एजुकेशन में भी बेहतर काम कर रहे हैं।  

बछिया को रोटी खिलाकर निकलते हैं 
दिनचर्या को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवराज ने कहा, 'मैं चाहे कितनी ही देर से सोऊं, लेकिन जल्दी उठता हूं। योग-प्राणायाम करता हूं। घर से निकलने से पहले गाय की बछिया को दो रोटी खिलाता हूं। फिर पौधा लगाता हूं। इसके बाद बाकी काम करता हूं। युवाओं को भी दिन की शुरुआत पौधरोपण से करना चाहिए। जन्मदिन-सालगिरह पर एक पौधा जरूर लगाएं।'  

सीएम से किए गए रोचक सवाल, जवाब में यह कहा
बच्चियों को लाड़ली बनाने पर:
मां-बहन और बेटी को जहां मान-सम्मान की नजर से देखा जाता है, वहां भगवान रहते हैं। मैं कन्यापूजन से कार्यक्रम शुरू करता हूं। लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण का अभियान है। पैसा रहेगा तो बच्चों की अच्छी परवरिश होगी। लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये उनके खातों में डालेंगे।
मामा बनने के सफर परः लाड़ली लक्ष्मी योजना से इसकी शुरुआत हुई। बेटी को लखपति बनाने की योजना बनाई। बेटियों ने पहले मामा कहा। फिर बेटे भी कहने लगे। अब तो मेरी उम्र में बड़े भी मुझे मामा कहते हैं।
पसंदीदा फिल्म, गाने के सवाल परः बचपन में परिचय फिल्म देखी थी। संजीव कुमार मेरे पसंदीदा अभिनेता थे। अभिनेत्री के तौर पर जया भादुड़ी हैं। वे भोपाल की बेटी हैं। मेरे तीन गानें पसंदीदा हैं। 'लागा चूनरी में दाग', 'रुक जाना नहीं तू कहीं हार के' और 'ऐ भाई जरा देख के चलो'।
कुर्ता-पायजामे की पोशाक पर: जब घर से बाहर जाता हूं तभी कुर्ता-पायजामा पहनता हूं। घर में तो बेटे कार्तिक और कुनाल की तरह ही पेंट-शर्ट, टी-शर्ट भी पहनता हूं।

बचपन के बारे में: मेरा गांव नर्मदा किनारे था। बचपन में खेत में बैठता था। कई बार पूजा करता था। सोचता था कि भगवान आ जाएं और मुझे गोद में बैठा लें। शरारतें भी खूब कीं।
 
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