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भोपाल: सीवेज लाइन में गिरने से इंजीनियर समेत दो की मौत, 20 फीट गहरे गड्ढे की जांच करने उतरे थे नीचे

Mon, 13 Dec 2021 07:15 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 13 Dec 2021 07:15 PM IST
सार

भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र में नगर निगम जोन-1 में सीवेज लाइन का काम करते समय इंजीनियर समेत दो लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये लोग बंद सीवेज की जांच करने नीचे उतरे थे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। 

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Bhopal: Workers cleaning sewage line gutters, two died of suffocation
भोपाल में सीवेज में उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। उन्हें गड्ढे से निकालने की कोशिश करते पुलिसकर्मी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भोपाल में 20 फीट गहरे सीवेज टैंक में इंजीनियर सहित दो लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि बंद पड़े सीवेज की जांच करने नीचे उतरे थे। दोनों के जूते सीवेज टैंक के बाहर पड़े थे। उन्हें देखकर आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई। रस्सी से बांधकर लाशों को बाहर निकाला गया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस मामले में नगर निगम कमिश्नर को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। 
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प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल नगर निगम के जोन क्रमांक 1 के लाऊखेड़ी क्षेत्र का मामला है। सीवेज का काम गुजरात की अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। सीवेज लाइन बंद है। इसके बाद भी बारिश और आसपास के घरों से निकलने वाला पानी उसमें भर गया है। कंपनी के इंजीनियर दीपक सिंह और एक अन्य मजदूर जांच के लिए उतरे थे। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। 
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प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार दोनों की मौत दम घुटने की वजह से हुई। हो सकता है कि उन्होंने बंद सीवेज की हालत देखने नीचे उतरे हो और जहरीली हवा का शिकार हो गए हो। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। सीवेज लाइन कंपनी बना रही है और उसने अभी इसे नगर निगम को नहीं सौंपा है। 10 साल तक लाइन का रखरखाव कंपनी के पास ही रहेगा। 
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उठ रहे हैं संदेह

कंपनी के कुछ लोगों का कहना है कि उनके पास सीवेज लाइन का काम है। हर दिन इंजीनियर और मजदूर जांच करते हैं। रुटीन मेजरमेंट का काम होता है। यह तो बाहर से ही हो जाता है। अंदर जाने की जरूरत ही नहीं थी। दीपक सिंह और मजदूर अंदर क्यों उतरे, यह समझ से परे है।  
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