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भोपाल सांसद का शराबबंदी को समर्थन: प्रज्ञा ठाकुर बोलीं- मैं शराब विक्रय का विरोध करती हूं, कांग्रेस बोली- शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरें
Thu, 17 Feb 2022 03:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 17 Feb 2022 03:48 PM IST
सार
अब भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी शराबबंदी का समर्थन किया है। उनके बयान पर कांग्रेस ने तंज कस कर कहा कि कुछ दिन पहले सांसद शराब को औषधि बता रही थीं। अपनी सरकार से शराबबंदी की मांग को लेकर सड़क पर उतरें।
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साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विस्तार
मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। उमा भारती के बाद अब भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी शराबबंदी का समर्थन किया है। उनके बयान पर कांग्रेस ने तंज कस कर कहा कि कुछ दिन पहले सांसद शराब को औषधि बता रही थीं। अपनी सरकार से शराबबंदी की मांग को लेकर सड़क पर उतरें।
सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि शराब बंद होना चाहिए। मैं खुलकर शराब विक्रय का विरोध करती हूं। जिससे हमारे परिवार में क्लेश हो। युवा अवस्था में पुत्र चला जाए तो माता-पिता को कितना कष्ट होता है, यह हम सब जानते हैं। लेकिन राजनीति राजनीति होती है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैंने कहा था कि जो आयुर्वेद में आसव-अरिष्ठ होते हैं, उनमें अल्कोहल होता है। वह औषधि का काम करते हैं। शराब विष का काम करती है। शराब पीने से आंतें गल जाती हैं, लिवर खराब हो जाता है। इस अवस्था में जो आसव-अरिष्ठ दवा दी जाती है, उसे अमृत कहा जाता है। जिससे व्यक्ति मरता है, उसे विष कहा जाता है। उस विष को बंद करना चाहिए। मैं इसका खुलकर विरोध करती हूं। इस पर कोई राजनीति नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस पर भी निशाना साधा
प्रज्ञा ने कहा कि कुछ दिन पहले कुछ कांग्रेसी हमारे बंगले पर शराब की बोतल लेकर आने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो संन्यासी को शराब देने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस हमेशा बुराई का साथ देकर समाज को अधोगति की ओर ले जाने का काम करती है। मैं कांग्रेस की समाजविरोधा मानसिकता का भी विरोध करती हूं। कांग्रेस के उन लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो शराब भेंट करने हमारे बंगले पर पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। तुम्हारी औकात नहीं है संन्यासी को शराब पिलाने की। भगवा को आतंकवाद कहकर जो पाप किया है, उसका फल जन्मजन्मांतर तक भोगना होगा।
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शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरें
प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा कि साधवी जी अभी थोड़े दिन पूर्व ही शराब को औषधि बता रही थीं और आज उसी औषधि को बंद करने की बात कह रही हैं? इन्हें मरीजों की बद्दुआ लगेगी। आज इन्हें शराब से परिवार बर्बाद होते दिख रहे हैं। ऐसा है तो अपनी सरकार से शराबबंदी की मांग करें। शराबबंदी की मांग को लेकर सड़क पर उतरें।
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सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि शराब बंद होना चाहिए। मैं खुलकर शराब विक्रय का विरोध करती हूं। जिससे हमारे परिवार में क्लेश हो। युवा अवस्था में पुत्र चला जाए तो माता-पिता को कितना कष्ट होता है, यह हम सब जानते हैं। लेकिन राजनीति राजनीति होती है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैंने कहा था कि जो आयुर्वेद में आसव-अरिष्ठ होते हैं, उनमें अल्कोहल होता है। वह औषधि का काम करते हैं। शराब विष का काम करती है। शराब पीने से आंतें गल जाती हैं, लिवर खराब हो जाता है। इस अवस्था में जो आसव-अरिष्ठ दवा दी जाती है, उसे अमृत कहा जाता है। जिससे व्यक्ति मरता है, उसे विष कहा जाता है। उस विष को बंद करना चाहिए। मैं इसका खुलकर विरोध करती हूं। इस पर कोई राजनीति नहीं होना चाहिए।
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कांग्रेस पर भी निशाना साधा
प्रज्ञा ने कहा कि कुछ दिन पहले कुछ कांग्रेसी हमारे बंगले पर शराब की बोतल लेकर आने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो संन्यासी को शराब देने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस हमेशा बुराई का साथ देकर समाज को अधोगति की ओर ले जाने का काम करती है। मैं कांग्रेस की समाजविरोधा मानसिकता का भी विरोध करती हूं। कांग्रेस के उन लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो शराब भेंट करने हमारे बंगले पर पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। तुम्हारी औकात नहीं है संन्यासी को शराब पिलाने की। भगवा को आतंकवाद कहकर जो पाप किया है, उसका फल जन्मजन्मांतर तक भोगना होगा।
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शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरें
प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा कि साधवी जी अभी थोड़े दिन पूर्व ही शराब को औषधि बता रही थीं और आज उसी औषधि को बंद करने की बात कह रही हैं? इन्हें मरीजों की बद्दुआ लगेगी। आज इन्हें शराब से परिवार बर्बाद होते दिख रहे हैं। ऐसा है तो अपनी सरकार से शराबबंदी की मांग करें। शराबबंदी की मांग को लेकर सड़क पर उतरें।
