{"_id":"59fecf2e4f1c1b68678b996c","slug":"bhopal-gang-rape-victim-demand-hang-for-culprits","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल गैंगरेप पीड़िता बोली-चारों दरिंदों को चौराहे पर फांसी पर टांग दो ,IG और रेलवे एसपी हटाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल गैंगरेप पीड़िता बोली-चारों दरिंदों को चौराहे पर फांसी पर टांग दो ,IG और रेलवे एसपी हटाए गए
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Sun, 05 Nov 2017 07:23 PM IST
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भोपाल गैंगरेप पीड़िता
- फोटो : ANI
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कोचिंग से घर लौटते वक्त गैंगरेप की शिकार छात्रा ने रविवार को मीडिया के सामने आकर चारों आरोपियों को फांसी देने की मांग की। 19 वर्षीय पीड़िता ने कहा कि चारों दरिंदों को जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। उन्हें चौराहे पर फांसी पर टांगना चाहिए। यदि वे छूट गए तो फिर किसी के साथ रेप करेंगे।
इस बीच, गृह विभाग ने इस मामले में पुलिस के दो बड़े अफसरों को भोपाल से हटा दिया। इनमें भोपाल के आईजी योगेश चौधरी और रेलवे पुलिस अधीक्षक अनीता मालवीय शामिल हैं। जयदीप प्रसाद नए आईजी होंगे, जबकि रुचिवर्धन मिश्रा को रेलवे एसपी नियुक्त किया गया है।
31 अक्तूबर की शाम गैंगरेप की शिकार छात्रा को एफआईआर दर्ज कराने के लिए इस थाने से उस थाने भटकना पड़ा था। रविवार को मीडिया के सामने आकर पीड़िता ने कहा कि सबसे बुरा बर्ताव पुलिस ने किया। वे पूरे दिन भटकते रहे पर किसी ने नहीं सुनी।
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केवल हबीबगंज थाने की पुलिस ने कुछ मदद की। बाकी जीआरपी भोपाल और एमपी नगर पुलिस का रवैया ठीक नहीं था। अगर पुलिस मदद करती तो चारों आरोपी उसी दिन पकड़ में आ जाते। पीड़िता ने कहा, ‘हम जब आरोपियों के ठिकाने पर पहुंचे तो कुछ लोगों ने हम पर हमला कर दिया, लेकिन एक आरोपी को पकड़ कर हमने पुलिस के हवाले कर दिया।’
पीड़िता ने भोपाल रेलवे एसपी अनीता मालवीय के रवैये की भी निंदा की। उसने कहा, ‘मैंने एक वीडियो देखा जिसमें मेरी तकलीफ पर मालवीय को हंसी आ रही है। ऐसा रवैया बताता है कि पुलिस कितनी संवेदनहीन है। मेरे माता पिता पुलिस में हैं और पुलिस हमारे ऊपर हंस रही है। अंदाजा लगाइए दूरदराज की लड़कियों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।’
पीड़िता ने कहा कि सिविल सेवा में चयन उसका अब तक सपना था, लेकिन अब यह उसका पैशन हो गया है। वह हर हाल में यूपीएससी में सिलेक्ट होकर दिखाएगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है। चौथा आरोपी अभी फरार है। सरकार ने पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है।
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इस बीच, गृह विभाग ने इस मामले में पुलिस के दो बड़े अफसरों को भोपाल से हटा दिया। इनमें भोपाल के आईजी योगेश चौधरी और रेलवे पुलिस अधीक्षक अनीता मालवीय शामिल हैं। जयदीप प्रसाद नए आईजी होंगे, जबकि रुचिवर्धन मिश्रा को रेलवे एसपी नियुक्त किया गया है।
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31 अक्तूबर की शाम गैंगरेप की शिकार छात्रा को एफआईआर दर्ज कराने के लिए इस थाने से उस थाने भटकना पड़ा था। रविवार को मीडिया के सामने आकर पीड़िता ने कहा कि सबसे बुरा बर्ताव पुलिस ने किया। वे पूरे दिन भटकते रहे पर किसी ने नहीं सुनी।
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केवल हबीबगंज थाने की पुलिस ने कुछ मदद की। बाकी जीआरपी भोपाल और एमपी नगर पुलिस का रवैया ठीक नहीं था। अगर पुलिस मदद करती तो चारों आरोपी उसी दिन पकड़ में आ जाते। पीड़िता ने कहा, ‘हम जब आरोपियों के ठिकाने पर पहुंचे तो कुछ लोगों ने हम पर हमला कर दिया, लेकिन एक आरोपी को पकड़ कर हमने पुलिस के हवाले कर दिया।’
पीड़िता ने भोपाल रेलवे एसपी अनीता मालवीय के रवैये की भी निंदा की। उसने कहा, ‘मैंने एक वीडियो देखा जिसमें मेरी तकलीफ पर मालवीय को हंसी आ रही है। ऐसा रवैया बताता है कि पुलिस कितनी संवेदनहीन है। मेरे माता पिता पुलिस में हैं और पुलिस हमारे ऊपर हंस रही है। अंदाजा लगाइए दूरदराज की लड़कियों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा।’
पीड़िता ने कहा कि सिविल सेवा में चयन उसका अब तक सपना था, लेकिन अब यह उसका पैशन हो गया है। वह हर हाल में यूपीएससी में सिलेक्ट होकर दिखाएगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है। चौथा आरोपी अभी फरार है। सरकार ने पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है।
