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पुराने भोपाल में बिजली फॉल्ट के लिए अधिकारियों ने चमगादड़ों को ठहराया जिम्मेदार
Sun, 23 Jun 2019 11:40 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 23 Jun 2019 11:40 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है और बिजली कंपनियों के अधिकारी इस समस्या से इस कदर परेशान हैं कि एक समीक्षा बैठक के दौरान एक अधिकारी ने इस समस्या के लिए चमगादड़ों को दोषी ठहरा दिया। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है। ऐसे में गर्मी के मौसम में अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश में राजनीतिक पारा चढ़ रहा है।
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प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने बिजली आपूर्ति में बाधा के लिये पूर्ववर्ती भाजपा शासन के दौरान खरीदे गए ट्रांसफार्मर की खराब गुणवत्ता को दोषी ठहराया था। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने इस संबंध में कहा कि 14 जून को भोपाल जिले की समीक्षा बैठक के दौरान पॉवर कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल के बड़े तालाब से लगे इलाकों की लाइनों पर चमगादड़ों के लटकने के कारण फाल्ट हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अधिकारियों की बात पर उन्हें भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने उन्हें आपूर्ति लाइनों को इंसुलेशन कर सही करने का निर्देश दिया। मंत्री ने बताया कि उन्होंने चमगादड़ों को बिजली फॉल्ट के लिए जिम्मेदार ठहराने वाले अधिकारी को डांट लगाई। उन्होंने कहा कि यह फॉल्ट के बहुत से कारणों में से एक हो सकता है, लेकिन यह मुख्य कारण नहीं हो सकता।
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उन्होंने ओवर लोड ट्रांसफारमर्स और लाइनों के ठीक से रखरखाव न होने को अघोषित बिजली कटौती की मुख्य वजह बताई। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति लाइनों के रखरखाव को कई सालों से नजरअंदाज किया गया है और अब इनका रखरखाव ठीक करने के निर्देश दिये गए हैं।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस अजीबोगरीब वजह पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘भोपाल में चमगादड़ इसी साल पैदा नहीं हुए हैं। चमगादड़ तो बरसों से हैं, पर पहले तो बिजली कटौती नहीं होती थी। बेहतर होगा कि बहाने बनाने की बजाय बिजली विभाग काम करे और सरकार अपने उत्तरदायित्व की भावना समझे।’ उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस की सरकार आने के बाद ही चमगादड़ पैदा हुए हैं।
