{"_id":"5d0a2fee8ebc3e68033f43ab","slug":"bat-become-tension-for-mp-electricity-kamalnath-government-find-solution","type":"story","status":"publish","title_hn":"चमगादड़ गुल करा रहे मध्य प्रदेश की बिजली, कमलनाथ सरकार ऐसे करेगी समस्या का हल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चमगादड़ गुल करा रहे मध्य प्रदेश की बिजली, कमलनाथ सरकार ऐसे करेगी समस्या का हल
Wed, 19 Jun 2019 06:21 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 19 Jun 2019 06:21 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के लिए बिजली समस्या का कारण चमगादड़ हैं। सही पढ़ा आपने, बिजली समस्या को लेकर चमगादड़ ही कमलनाथ सरकार के लिए मुसीबत बन गए हैं। इस वजह से ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने एक निर्देश भी जारी किया है। दरअसल बिजली की समस्या को दूर करने की खातिर अल्ट्रासोनिक डिवाइस लगाई जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि राज्य में बिजली समस्या एक बड़ा मुद्दा है, जिससे सरकार लगातार भाजपा का विरोध झेल रही है। दरअसल भोपाल के कमला पार्क के पास तालाब के किनारे बहुत पेड़ हैं जिन पर सालों से चमगादड़ो का बसेरा है। इन्हीं पेड़ों के नीच से बिजली की लाइने निकलती हैं। अक्सर चमगादड़ इन बिजली की लाइनों से टकरा जाते हैं जिसकी वजह से लाइन में खराबी आ जाती है और घंटों बिजली गुल हो जाती है।
विज्ञापन
समस्या का ऐसे होगा समाधान
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यों और बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा कि ट्रांसफार्मरों की जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित की जाए। जनरल मैनेजर और अन्य अधिकारी क्षेत्र का लगातार दौरा करें। एक जनवरी से अभी तक 60 हजार ट्रांसफार्मर बदले जा चुके हैं। सिंह ने कहा कि अधिकारी सभी फोन अटेंड करें। फोन पर मिलने वाली शिकायतों का तुरंत हल करें।
विज्ञापन
जूनियर इंजीनियर के स्तर पर वाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की भी योजना है, जिसमें शटडाउन एवं ट्रिपिंग आदि के बारे में जानकारी शेयर करने को कहा गया है। ग्रुप में जन-प्रतिनिधि, पत्रकार, व्यापारी एवं किसानों को शामिल किया जाए। जरूरी कार्यो के लिए शटडाउन सुबह 6 से 10 बजे के बीच लें।
