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Balaghat News: 2.79 करोड़ की धान हेराफेरी के मामले में बड़ी कार्रवाई, अफसरों और मिल संचालकों पर केस दर्ज

Sat, 28 Feb 2026 12:56 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: बालाघाट ब्यूरो Updated Sat, 28 Feb 2026 12:56 PM IST
सार

शासकीय धान की कस्टम मिलिंग से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने बड़ी कार्रवाई कर अधिकारियों और राइस मिल संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Balaghat News: Major Action in 2.79 Crore Paddy Scam, Case Filed Against Officials and Mill Operators
फाइल फोटो

विस्तार

बालाघाट में शासकीय धान की कस्टम मिलिंग से जुड़े 2.79 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने बड़ी कार्रवाई की है। अपराध क्रमांक 39/2026 दर्ज कर मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अधिकारियों और कोसमी स्थित सचदेव राइस मिल के संचालकों को आरोपी बनाया गया है। मामला 8 दिसंबर 2023 से 20 सितंबर 2024 के बीच का बताया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार 2 अप्रैल 2024 को महाराष्ट्र सीमा स्थित रजेगांव इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट पर मिल से जुड़े दो ट्रक (MH 04 F-16528 और CG 04 ZD 4982) रोके गए। इनमें से एक ट्रक ओवरलोड पाया गया, जिस पर 12 हजार रुपये का चालान किया गया।
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प्राथमिक जांच में सामने आया कि ट्रक परसवाड़ा कैंप से धान लेकर कोसमी स्थित मिल जा रहे थे लेकिन दस्तावेजों में लोडिंग का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। चालक का भूलवश सीमा तक पहुंचने का तर्क भी संदिग्ध पाया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि मिल की वास्तविक क्षमता 4 मीट्रिक टन प्रति घंटा थी, जबकि अनुबंध 6 मीट्रिक टन प्रति घंटा के आधार पर किया गया। आरोप है कि बिना क्षमता सत्यापन और निरीक्षण के अनुबंध स्वीकृत किया गया। इसके अलावा कागजों में दर्शाई गई मिलिंग के अनुपात में बिजली खपत आधी से भी कम दर्ज पाई गई, जिससे उत्पादन के आंकड़ों पर सवाल खड़े हुए हैं।


सत्यापन के बिना भुगतान
ट्रक पर्ची, गेटपास, तौल पर्ची और फास्टटैग सत्यापन के बिना ही भुगतान स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। पेनाल्टी और कर कटौती जैसे प्रावधानों की वसूली किए बिना 2.79 करोड़ रुपये जारी किए जाने का आरोप है।

इन पर दर्ज हुआ मामला
EOW ने अभिषेक निषाद (तत्कालीन उप प्रबंधक वित्त), हिरेन्द्र सिंह रघुवंशी (तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी), विवेक तिवारी (वर्तमान जिला विपणन अधिकारी), हरीश कोरी (उप प्रबंधक वित्त), पीयूष माली (तत्कालीन जिला प्रबंधक नान), दुर्गेश बैस (लेखापाल), प्रकाश सचदेव (प्रोप्राइटर) और समीर सचदेव (संचालक) के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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