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Koteshwar Mahadev Temple: गर्भगृह में उप सरपंच ने शिवलिंग पर किया गंदा काम; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
Sat, 07 Oct 2023 08:11 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 07 Oct 2023 08:11 PM IST
सार
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची में कोटेश्वर महादेव मंदिर भी शामिल है। उप सरपंच की हरकत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचाने के अपराध में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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कोटेश्वर महादेव मंदिर बालाघाट।
- फोटो : social media
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विस्तार
बालाघाट जिले के लांजी थाना अंतर्गत स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला सामने आया है। उप सरपंच पर शिवलिंग पर पेशाब करने का आरोप लगा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की राष्ट्रीय महत्व के स्मरकों की सूची में कोटेश्वर महादेव मंदिर भी शामिल है। इस मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन करने तथा कांवड़ियां भी जल चढ़ाने आते हैं।
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लांजी थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी के अनुसार ग्राम दिधौरी के उप सरपंच शंकर लाल लिल्हारे उम्र 55 शक्रवार की शाम लगभग चार बजे मंदिर पहुंचे थे। मंदिर के गर्भ गृह में उन्होंने शिवलिंग पर पेशाब कर दी। मंदिर में उपस्थित लोगों ने उप सरपंच को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी उप सरपंच के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचाने के अपराध में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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मंदिर 108 उपलिंगों में शामिल है
गौरतलब है कि कोटेश्वर महादेव मंदिर बालाघाट जिले से लगभग 65 किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के समीप स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था। इस मंदिर 108 उपलिंगों में शामिल है और दधिचि ऋषि की तपोभूमि के रूप में पहचाना जाता है।
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घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची में शामिल किया है। उपलिंग मंदिर होने के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। सावन माह में मेला लगता है और दूर-दूर से कांवड़ियां जल चढ़ाने आते हैं। रोजाना बड़ी संख्या में शिव भक्त भी दर्शन करते पहुंचते हैं। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल व्याप्त है और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
