{"_id":"5c0b8db5bdec22416605a29e","slug":"assembly-election-2018-politicians-offering-special-prayer-to-win-polls-rajasthan-madhya-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"विथानसभा चुनाव: नतीजों से पहले 'जनता' के दरवाजे से 'जनार्दन' के दर पर पहुंचे नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विथानसभा चुनाव: नतीजों से पहले 'जनता' के दरवाजे से 'जनार्दन' के दर पर पहुंचे नेता
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Sat, 08 Dec 2018 05:11 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एग्जिट पोल के बाद कुछ नेता अपनी मुस्कुराहट बिखेर रहे हैं तो कुछ अपनी उदासी छिपाए चिंता में डूब गए हैं। आलम ये है कि चुनावों के खत्म होने के बाद अब ये नेता जनता की शरण से निकलकर जनार्दन की चौखट पर हाजिरी लगा रहे हैं।
सबकी निगाहें 11 दिसंबर की तारीख पर हैं। इस दिन पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम जारी होंगे। मध्यप्रदेश में नेता अपनी किस्मत चमकाने के लिए अपने इष्ट देव को खुश करने में लग गए हैं। आगर-मालवा के बगुलामुखी और दतिया के पीतांबरा पीठ पर आजकल विशेष पूजा के लिए नेताओं का जमघट लगा हुआ है। यहां आने वाले नेताओं में केवल ,मध्यप्रदेश के ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के नेता भी शामिल हैं।
मंदिर के कर्मचारी इन विशेष पूजाओं के प्रबंध में व्यस्त हैं। यूं तो उज्जैन के महाकाल मंदिर पर नेता हाजिरी लगाते रहते हैं मगर इन दिनों 'नलखेड़ा के बगुलामुखी' नेताओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
विज्ञापन
मंदिर के पुजारियों की मानें तो यहां टिकट पाने से लेकर चुनाव में अपनी जीत के लिए नेता विशेष पूजा करवाते हैं। ये सभी पूजा परंपरा और विधान के अनुसार कराई जाती हैं। जीत पक्की करने वाली पूजा में सात घंटे का समय लगता है और इसे 20 पंडित मिलकर संपन्न कराते हैं। कुछ प्रत्याशी तो पांच दिनों तक और कुछ तो उससे भी ज्यादा समय तक इस पूजा को कराते हैं।
खुद नहीं आ पाने वाले नेता अपने रिश्तेदार या करीबियों को भेजकर यहां पूजा करवाते हैं। दो दिन पहले ही यहां राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहू पूजा करने आईं थी। इसी तरह कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर 3 से चुनाव लड़े आकाश विजयवर्गीय, गोविंदपुरा की प्रत्याशी और बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर भी यहां देखे गए। भोपाल से भाजपा के उम्मीदवार रामेश्वर शर्मा और कांग्रेस के महेंद्र सिंह चौहान भी यहां आ चुके हैं।
दतिया का पीतांबरा शक्ति पीठ और उज्जैन का महाकाल मंदिर हमेशा से ही चुनावी मौसम में डिमांड में रहता है। चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी यहां आ चुके हैं।
विज्ञापन
सबकी निगाहें 11 दिसंबर की तारीख पर हैं। इस दिन पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम जारी होंगे। मध्यप्रदेश में नेता अपनी किस्मत चमकाने के लिए अपने इष्ट देव को खुश करने में लग गए हैं। आगर-मालवा के बगुलामुखी और दतिया के पीतांबरा पीठ पर आजकल विशेष पूजा के लिए नेताओं का जमघट लगा हुआ है। यहां आने वाले नेताओं में केवल ,मध्यप्रदेश के ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के नेता भी शामिल हैं।
विज्ञापन
मंदिर के कर्मचारी इन विशेष पूजाओं के प्रबंध में व्यस्त हैं। यूं तो उज्जैन के महाकाल मंदिर पर नेता हाजिरी लगाते रहते हैं मगर इन दिनों 'नलखेड़ा के बगुलामुखी' नेताओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
विज्ञापन
मंदिर के पुजारियों की मानें तो यहां टिकट पाने से लेकर चुनाव में अपनी जीत के लिए नेता विशेष पूजा करवाते हैं। ये सभी पूजा परंपरा और विधान के अनुसार कराई जाती हैं। जीत पक्की करने वाली पूजा में सात घंटे का समय लगता है और इसे 20 पंडित मिलकर संपन्न कराते हैं। कुछ प्रत्याशी तो पांच दिनों तक और कुछ तो उससे भी ज्यादा समय तक इस पूजा को कराते हैं।
खुद नहीं आ पाने वाले नेता अपने रिश्तेदार या करीबियों को भेजकर यहां पूजा करवाते हैं। दो दिन पहले ही यहां राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहू पूजा करने आईं थी। इसी तरह कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर 3 से चुनाव लड़े आकाश विजयवर्गीय, गोविंदपुरा की प्रत्याशी और बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर भी यहां देखे गए। भोपाल से भाजपा के उम्मीदवार रामेश्वर शर्मा और कांग्रेस के महेंद्र सिंह चौहान भी यहां आ चुके हैं।
दतिया का पीतांबरा शक्ति पीठ और उज्जैन का महाकाल मंदिर हमेशा से ही चुनावी मौसम में डिमांड में रहता है। चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी यहां आ चुके हैं।
