{"_id":"655f4c8560c7a7eba406ef73","slug":"ashoknagar-gods-were-woken-up-by-taking-out-prabhatferi-the-city-echoed-with-the-sound-of-conch-shells-2023-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Devuthani Ekadashi: प्रभातफेरी निकालकर देवों को जगाया, शंख-झालर की ध्वनि से गूंजा शहर, दीपों से जगमगाईं गलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Devuthani Ekadashi: प्रभातफेरी निकालकर देवों को जगाया, शंख-झालर की ध्वनि से गूंजा शहर, दीपों से जगमगाईं गलियां
Thu, 23 Nov 2023 06:28 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 23 Nov 2023 06:28 PM IST
सार
अशोकनगर में देवउठनी एकादशी पर प्रभातफेरी निकाली गई। देवों को जगाने की मान्यता के चलते सुबर साढ़े चार बजे हजारों लोग इस प्रभातफेरी में शामिल हुए। गलियों को दीपों से सजाया गया। रंगोली बनाई गई।
विज्ञापन
अशोकनगर में निकली प्रभातफेरी में हजारों लोग शामिल हुए।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अशोकनगर जिले में देवउठनी ग्वारस की सुबह हर साल की तरह इस बार भी खास रही। इस बार भी देवों को अनोखे अंदाज से जगाया गया। पुराना बाजार स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर से देवउठनी एकादशी के तड़के सुबह 4:45 बजे श्रद्धालुओं ने मंगल प्रभात फेरी निकाली। शहर की गलियों को लोगों ने दीपो एवं रंगोली से सजाया हुआ था।
पंडित कैलाश पति की शंख की ध्वनि एवं महिलाएं अपने हाथों में दीपक लिए जय श्री राम, जय जय श्री राम के जयकारे लगाते हुए निकलीं। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शहर में ऐसा लगा जैसे सभी शहरवासी देवोत्थान एकादशी के दिन सड़कों, गलियों में उतर आए हैं। जहां तक नजर डालो वहां तक दीपों से जगमगाती हुई गलियां दिखाई दीं।
हर साल बढ़ रहा श्रद्धा का सैलाब
सन 1991 में पंडित कैलाशपति नायक ने प्रभातफेरी हनुमान मंदिर से ध्वज लेकर शुरू की थी। यह 1997 तक चली। 1997 से नित्य प्रभातफेरी निकालना शुरू हुई। करीब एक साल तक प्रभातफेरी के दौरान सुराणा चौराहा से इंदिरा पार्क तक प्रभातफेरी के साथ गाय शामिल रहीं। शुरुआत में जो प्रभातफेरी चंद लोगों से शुरू की थी, वह हजारों की संख्या में पहुंच गई। गलियों को भी दीपों से जगमगाया गया।
विज्ञापन
राज राजेश्वर मंदिर से इस चल समारोह रूपी प्रभातफेरी की शुरुआत की गई। भगवान शिव और पार्वती की आराधना के बाद प्रभात फेरी 4:45 बजे श्री राज राजेश्वर महादेव मंदिर पुराना बाजार से प्रारंभ हुई, जो पाराशर मोहल्ला, विदिशा रोड, लंबरदार गली, चौधरी मोहल्ला, मोती मोहल्ला, प्रोसेशन रोड, बजरिया होते हुए इंदिरा पार्क रामलीला मंच (सुभाष गंज), तुलसी पार्क से स्टेशन रोड, गांधी पार्क होकर वापस माधव भवन गढ़ी, श्री राधा कृष्ण मंदिर पर देव प्रबोधन मंत्रों के उच्चारण के साथ समाप्त हुई।
विज्ञापन
पंडित कैलाश पति की शंख की ध्वनि एवं महिलाएं अपने हाथों में दीपक लिए जय श्री राम, जय जय श्री राम के जयकारे लगाते हुए निकलीं। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शहर में ऐसा लगा जैसे सभी शहरवासी देवोत्थान एकादशी के दिन सड़कों, गलियों में उतर आए हैं। जहां तक नजर डालो वहां तक दीपों से जगमगाती हुई गलियां दिखाई दीं।
विज्ञापन
हर साल बढ़ रहा श्रद्धा का सैलाब
सन 1991 में पंडित कैलाशपति नायक ने प्रभातफेरी हनुमान मंदिर से ध्वज लेकर शुरू की थी। यह 1997 तक चली। 1997 से नित्य प्रभातफेरी निकालना शुरू हुई। करीब एक साल तक प्रभातफेरी के दौरान सुराणा चौराहा से इंदिरा पार्क तक प्रभातफेरी के साथ गाय शामिल रहीं। शुरुआत में जो प्रभातफेरी चंद लोगों से शुरू की थी, वह हजारों की संख्या में पहुंच गई। गलियों को भी दीपों से जगमगाया गया।
विज्ञापन
राज राजेश्वर मंदिर से इस चल समारोह रूपी प्रभातफेरी की शुरुआत की गई। भगवान शिव और पार्वती की आराधना के बाद प्रभात फेरी 4:45 बजे श्री राज राजेश्वर महादेव मंदिर पुराना बाजार से प्रारंभ हुई, जो पाराशर मोहल्ला, विदिशा रोड, लंबरदार गली, चौधरी मोहल्ला, मोती मोहल्ला, प्रोसेशन रोड, बजरिया होते हुए इंदिरा पार्क रामलीला मंच (सुभाष गंज), तुलसी पार्क से स्टेशन रोड, गांधी पार्क होकर वापस माधव भवन गढ़ी, श्री राधा कृष्ण मंदिर पर देव प्रबोधन मंत्रों के उच्चारण के साथ समाप्त हुई।
