Ashoknagar News: BJP पार्षद के साथ वेतवा पुल पर हुई लूट की कोशिश, इनकी बताई जा रही लापरवाही
Ashoknagar News: घटना की मुख्य वजह सेतु विभाग द्वारा वेतवा पुल पर किए गए विशेष मरम्मत कार्य हैं, जो कि अधूरा छोड़ दिया गया है। उसी को माना जा रहा है, क्योंकि रात के समय जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया।
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मध्यप्रदेश में लूट की घटनाएं होना शायद आम बात सी हो गई है। ऐसा ही मामला अशोकनगर के तहसील मुंगावली से बीना जाने वाले सेतु पर लूट करने का मामला सामने आया है, जिसमें गुरुवार रात 10 बजे के लगभग चंदेरी से निजी कार्यक्रम से होकर वापस खुरई लौट रही बीजेपी पार्षद मोना जैन और उनके पति धर्मेंद्र जैन जैसे ही वेतवा पुल पर पहुचे। वहां अंधेरा होने व सड़क पर काम होने के चलते सड़क में निकले सरिया के कारण उन्होंने अपनी गाड़ी जैसे ही धीमे की अचानक चार लोगों ने बड़े-बड़े पत्थरो से उनकी गाड़ी को घेर लिया और उन्हें लूटने का प्रयास किया।
इससे उनके साथ गाड़ी में उनकी पत्नी, जो कि खुरई के वार्ड नंबर 20 से भाजपा से पार्षद है और तीन छोटे बच्चे जो इस घटना से इतना डर गए कि वह रोने लगे, जैसे-तैसे वे लोग वहां से निकले तो सीधे कंजिया चौकी पहुंचे, जहां पहले उन्हें तो हमारे जिले में घटना स्थल नहीं आता। यह कहकर टाल दिया गया और काफी देर तक उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
वहीं, इस मामले में कंजिया चौकी प्रभारी का कहना है कि हमे जैसे ही सूचना मिली तो हम पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। जहां हमें कोई नहीं मिला। वहीं, धर्मेंद्र जैन ने अपनी आप बीती सुनाते हुए कहा कि हमारे साथ जो घटना हुई है, उसकी मुख्य वजह पुल पर गड्ढे और पांच से छह जगह सीधे सरिया निकले हुए है, जिस वजह से वहां गाड़ी बहुत धीमी चलानी पड़ रही थी। इसी का फायदा वह लुटेरों ने उठाया लिया और हमारी गाड़ी को घेर लिया। हमने गाड़ी अंदर से बंद कर ली और वह लोग गाड़ी से उतरने के लिए बोलते रहे, मगर हम लोग गाड़ी से नहीं उतरे और यहां-वहां मदद के लिए फोन लगाए, जिससे वे लोग जैसे ही गाड़ी से थोडा दूर हुए तो हमने गाड़ी निकाल ली और सीधे कंजिया चौकी जाकर अपनी पूरी आप बीती सुनाई।
उल्लेखनीय है कि इस घटना की मुख्य वजह सेतु विभाग द्वारा वेतवा पुल पर किए गए विशेष मरम्मत कार्य हैं, जो कि अधूरा छोड़ दिया गया है। उसी को माना जा रहा है, क्योंकि रात के समय जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया, उन्हें अच्छे से पता है कि वेतवा पुल पर से निकलने बाले वाहन धीमी गति से निकलेंगे। क्योंकि पूरे पुल पर जगह-जगह सरिया निकल रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए इस घटना को अंजाम दिया गया।
बार-बार चेताया गया, मगर सेतु विभाग द्वारा नहीं ली गई कोई सुध...
वेतवा पुल पर सेतु विभाग द्वारा बारिश के समय काम चालू किया गया और वह भी अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे वहां से निकलने वाले वाहन चालकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उसी में सेतु विभाग ने पुल पर वनवे कर दिया, जिससे और समस्या आ रही है। रही-सही कसर जगह-जगह सरियों ने पूरी कर दी, जिस वजह से लोगों को अपने वाहन धीमी गति से चलाना पड़ता है। वहीं, ऐसा नहीं है कि इस मामले की जानकारी नदी सेतु विभाग के अधिकारियों को न हो। क्योंकि इस समस्या को लेकर कई बार जानकारी दी गई थी, मगर इनकी द्वारा आज तक इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे आज लोग परेशान हो रहे हैं और अब तो लूट के प्रयास जैसी घटनाएं भी सामने आने लगी हैं।
सेतु विभाग ने बारिश का बहाना लेकर झाड़ा पल्ला...
इस पूरे मामले में सेतु विभाग के अधिकारी कितने लापरवाह हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब पूरी घटना की जानकारी उनको दी गई तो उनका कहना था कि इस घटना में हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है। वहीं, बारिश होने की वजह से हम उसका काम नहीं करा सकते हैं और बारिश बाद ही उसका शेष काम कराया जाएगा। अब इसमें देखने वाली बात यह है कि जब सेतु विभाग को पता था कि बारिश शुरू होने वाली है तो वह काम आधा अधूरा क्यों करवाया गया। क्योंकि अब पूरे चार महीने विभाग द्वारा कामना कराने की बात कही जा रही है तो ऐसे में पूरे चार महीने लोग क्या परेशान होते रहेंगे। लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं घटती रहेंगी, जिसका जिम्मेदार कोई नहीं होगा। ऐसे में प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारियों को चाहिए कि इस मामले में संज्ञान लिया जाए और तत्काल ही इस समस्या का हल निकाला जाए, जिससे लोग अप्रिय घटना से बच सकें।
क्या कहते हैं जिम्मेदार...
भुवना जोशी एसडीओ नदी सेतु विभाग ने कहा, यह जो घटना घटी है उसकी हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। हमारा काम सेतु का है, जो कि बारिश की वजह से पूरा नहीं किया जा सका है और जो भी काम वहां डाला है, उसे भी हम सही नहीं करा सकते हैं। अब बारिश बाद ही शेष काम कराया जाएगा। बीएल पटेल चौकी प्रभारी कंजिया ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि खुरई के पार्षद के साथ कुछ लोगों द्वारा उनकी गाड़ी को घेर लिया गया, जिसके बाद वह चौकी आए थे और हम तुरंत ही मौके पर पहुचे तो वहां हमें कोई नहीं मिला।
