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Anuppur: भटकती युवती को पुलिस ने परिवार से मिलाया, फिंगरप्रिंट और आधार कार्ड डाटा की ली मदद
Sun, 04 Feb 2024 03:30 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, अनूपपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, अनूपपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 04 Feb 2024 03:30 PM IST
सार
अनूपपुर पुलिस के एक सराहनीय कार्य की अब प्रशंसा हो रही है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सीमा पर भटकती मिली मूक-बधिर युवती को तकनीक की मदद से घर पहुंचाया। उसके घरवालों से मिलवाया।
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अनूपपुर पुलिस ने घर से भटक गई मूक-बधिर युवती को परिजन से मिलवा दिया।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अनूपपुर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में लावारिस स्थिति में भटकती बेसहारा मिली मूक-बधिर 26 वर्षीय नवयुवती को पुलिस ने मशक्कत के बाद छत्तीसगढ़ में रहने वाले परिवार से मिला दिया। इसके लिए फिंगरप्रिंट और आधार कार्ड डाटा की मदद ली गई।
टीआई रामनगर अरविंद जैन ने बताया कि 25 जनवरी की रात करीब 9:00 बजे ग्राम डोला निवासी बलदेव सिंह ने मोबाइल पर जानकारी दी थी कि कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर युवती भटकती मिली है। वह बोल और सुन नहीं सकती। सूचना पर मौके पर पहुंचे और युवती को सुरक्षित थाना लाया गया। उसके भोजन-कपड़ों की व्यवस्था की गई। युवती मूक-बधिर होने से परिवार की जानकारी नहीं बता पा रही थी। उसे रात में सुरक्षित वन स्टॉप केंद्र अनूपपुर में रुकवाया गया।
फिंगर प्रिंट से हुई पहचान
टीआई जैन ने बताया कि युवती के परिजनों को तलाशना चुनौती थी। लोक सेवा केंद्र अनूपपुर (ई गवर्नेंस) की मदद से युवती के फिंगरप्रिंट को लिए गए और आधार कार्ड के ऑनलाइन डाटा से अज्ञात युवती के बारे में पतासाजी की गई। युवती के फिंगरप्रिंट, आइरिश और चेहरे आदि से मिलान करके युवती के आधार कार्ड का पता किया गया। युवती कुमारी नारद शिकारी पिता स्वर्गीय नानकू शिकारी (26) निवासी वार्ड नंबर 6, ग्राम हीरापुर थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़ ) की निकली। इसके बाद सहायक उप निरीक्षक विनोद नाहर, प्रधान आरक्षक हरीश डेहरिया एवं महिला आरक्षक कौशल्या बाई द्वारा वन स्टॉप सेंटर, अनूपपुर से महिला को छत्तीसगढ़ रायगढ़ में ग्राम हीरापुर पहुंचकर उसके परिवारजन से मिलवाने का नेक कार्य किया गया।
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10 दिन पहले गांव से हो गई थी लापता
पुलिस को पता चला कि करीब 10 दिन पहले मूक एवं बधिर कुमारी नारद शिकारी घर से रायगढ़ के लिए निकली थी, जो भटकते-भटकते मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित थाना रामनगर क्षेत्र में पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जितेन्द्र सिंह पवार ने टीआई रामनगर अरविंद जैन और उनकी टीम को मूक एवं बधिर युवती के परिवारजन को खोज निकालने और उन तक पहुंचाने के लिए पुरस्कृत किया जाने की घोषणा की है।
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टीआई रामनगर अरविंद जैन ने बताया कि 25 जनवरी की रात करीब 9:00 बजे ग्राम डोला निवासी बलदेव सिंह ने मोबाइल पर जानकारी दी थी कि कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर युवती भटकती मिली है। वह बोल और सुन नहीं सकती। सूचना पर मौके पर पहुंचे और युवती को सुरक्षित थाना लाया गया। उसके भोजन-कपड़ों की व्यवस्था की गई। युवती मूक-बधिर होने से परिवार की जानकारी नहीं बता पा रही थी। उसे रात में सुरक्षित वन स्टॉप केंद्र अनूपपुर में रुकवाया गया।
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फिंगर प्रिंट से हुई पहचान
टीआई जैन ने बताया कि युवती के परिजनों को तलाशना चुनौती थी। लोक सेवा केंद्र अनूपपुर (ई गवर्नेंस) की मदद से युवती के फिंगरप्रिंट को लिए गए और आधार कार्ड के ऑनलाइन डाटा से अज्ञात युवती के बारे में पतासाजी की गई। युवती के फिंगरप्रिंट, आइरिश और चेहरे आदि से मिलान करके युवती के आधार कार्ड का पता किया गया। युवती कुमारी नारद शिकारी पिता स्वर्गीय नानकू शिकारी (26) निवासी वार्ड नंबर 6, ग्राम हीरापुर थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़ ) की निकली। इसके बाद सहायक उप निरीक्षक विनोद नाहर, प्रधान आरक्षक हरीश डेहरिया एवं महिला आरक्षक कौशल्या बाई द्वारा वन स्टॉप सेंटर, अनूपपुर से महिला को छत्तीसगढ़ रायगढ़ में ग्राम हीरापुर पहुंचकर उसके परिवारजन से मिलवाने का नेक कार्य किया गया।
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10 दिन पहले गांव से हो गई थी लापता
पुलिस को पता चला कि करीब 10 दिन पहले मूक एवं बधिर कुमारी नारद शिकारी घर से रायगढ़ के लिए निकली थी, जो भटकते-भटकते मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित थाना रामनगर क्षेत्र में पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जितेन्द्र सिंह पवार ने टीआई रामनगर अरविंद जैन और उनकी टीम को मूक एवं बधिर युवती के परिवारजन को खोज निकालने और उन तक पहुंचाने के लिए पुरस्कृत किया जाने की घोषणा की है।
