एमपी: गर्भवती महिला से पुलिस की बर्बरता का आरोप, पांच दिन से घायल थी; परिजन खाट पर लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
बालाघाट में गर्भवती महिला को पोस्ट ऑफिस चोरी का आरोपी बनाकर मारपीट करने का आरोप पुलिस पर लगा है। परिजन घायल महिला को खाट पर कलेक्ट्रेट पहुंचे। एसपी ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंपी।
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बालाघाट जिले के किरनापुर थाना पुलिस पर गर्भवती महिला को चोरी का झूठा आरोपी बनाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। सोमवार को घायल महिला के परिजन उसे खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। महिला की हालत देखकर मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने किरनापुर थाना स्टाफ के चार पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया और मामले की जांच की जिम्मेदारी महिला एसआईटी को सौंप दी। एसपी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा देते हुए महिला के परिजनों से सात दिन का समय मांगा है।
दो सितंबर को पोस्ट ऑफिस में हुई थी चोरी
किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी सावित्री चौधरी (30) दो माह की गर्भवती हैं। उन्होंने बताया कि दो सितंबर को क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस में चोरी हुई थी। आरोप है कि किसी तीसरे व्यक्ति की ओर से लगाए गए आरोप के आधार पर पुलिस कैलाश और उनकी पत्नी को घर से उठाकर थाने ले गई।
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पुलिस पर अमानवीय व्यवहार और मारपीट का आरोप
कैलाश का आरोप है कि थाने में उनके और उनकी पत्नी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। दोनों को अलग-अलग कमरों में ले जाकर गाली-गलौज की गई और चौड़े बेल्ट व डंडे से मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अंगों पर भी चोट पहुंचाई गई, जिससे दोनों बेहोश हो गए।
कैलाश के मुताबिक, मारपीट के दौरान उनकी पत्नी को चोरी करने की बात कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद दोनों को घर छोड़ दिया गया। उनका आरोप है कि पुलिस की मारपीट के कारण उनकी पत्नी पिछले पांच दिनों से गंभीर हालत में घर पर पड़ी हुई थीं।
शिकायत करने पर गांव से बाहर करने की धमकी का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शिकायत करने पर उन्हें किसी झूठे अपराध में फंसाकर गांव से बाहर करने की धमकी भी दी। मामले की जानकारी पूर्व सेना के जवान तोमेश्वर राहंगडाले और अन्य लोगों को मिली, जिसके बाद वे सोमवार को घायल महिला, उसके पति और परिवार के सदस्यों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित झूठी एफआईआर हटाने और मुआवजा देने की मांग की। मामले में एसपी ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंप दी है।
