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एक शिक्षक का छात्रों को तोहफा: पन्ना में रिटायरमेंट पर मिलने वाली 40 लाख रुपये की राशि बच्चों की शिक्षा के लिए की दान
Wed, 02 Feb 2022 03:50 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 02 Feb 2022 03:50 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के पन्ना में एक शिक्षक ने गरीब बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जीवन भर की कमाई को दान में देने का फैसला किया है।
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पन्ना: शिक्षक ने दान किए 40 लाख रुपये
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के पन्ना में एक शिक्षक ने अनूठी मिसाल पेश की है। जहां आज के समय में लोग किसी जरूरतमंद को भी दान देने से कतराते हैं, ऐसे दौर में एक शिक्षक ने अपने जीवन भर की कमाई बच्चों की शिक्षा के लिए दान में दी है।
पन्ना जिले के संकुल केन्द्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया में विजय कुमार चंदसोरिया सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। रिटायरमेंट पर उन्होंने स्कूल के गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के लिए अपने पीएफ की करीब 40 लाख रुपये की राशि को दान करने की घोषणा की। सहायक शिक्षक चंदसोरिया ने अपने पीएफ में से कभी पैसे नहीं निकाले, जिसके चलते उनके खाते में करीब 40 लाख रुपये जमा हो गए। उन्होंने पीएफ की पूरी राशि को बच्चों की शिक्षा के लिए दान करने का फैसला किया है।
परिवार को फैसले पर गर्व
विजय कुमार चंदसोरिया के फैसले पर उनका पूरा परिवार खुश हैं और परिजनों को उनके फैसले पर गर्व है। शिक्षक विजय कुमार चंदसोरिया का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा है। एक गरीब परिवार में पैदा होने के बाद उन्होंने दूध बेचकर और रिक्शा चलाकर अपनी शिक्षा पूरी की। 1983 में वह रक्सेहा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हुए थे। अपने 39 साल के सेवाकाल में वो हमेशा बच्चों को अपनी सैलरी से कपड़े और उपहार दिलाया करते थे।
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बच्चों के चेहरे की खुशी देखकर ही उन्हें पीएफ की राशि दान करने की प्रेरणा मिली।
विजय कुमार चंसोरिया ने कहा कि मेरे मन में गरीब बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुरू से कुछ करने की इच्छा थी। मेरे पीएफ की राशि बच्चों का उज्जवल भविष्य बनाने के लिए सहायक होगी। मैंने मेरे परिवार वालों से सलाह लेकर अपनी पीएफ निधि को दान करने का फैसला लिया।
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पन्ना जिले के संकुल केन्द्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया में विजय कुमार चंदसोरिया सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। रिटायरमेंट पर उन्होंने स्कूल के गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के लिए अपने पीएफ की करीब 40 लाख रुपये की राशि को दान करने की घोषणा की। सहायक शिक्षक चंदसोरिया ने अपने पीएफ में से कभी पैसे नहीं निकाले, जिसके चलते उनके खाते में करीब 40 लाख रुपये जमा हो गए। उन्होंने पीएफ की पूरी राशि को बच्चों की शिक्षा के लिए दान करने का फैसला किया है।
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परिवार को फैसले पर गर्व
विजय कुमार चंदसोरिया के फैसले पर उनका पूरा परिवार खुश हैं और परिजनों को उनके फैसले पर गर्व है। शिक्षक विजय कुमार चंदसोरिया का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा है। एक गरीब परिवार में पैदा होने के बाद उन्होंने दूध बेचकर और रिक्शा चलाकर अपनी शिक्षा पूरी की। 1983 में वह रक्सेहा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हुए थे। अपने 39 साल के सेवाकाल में वो हमेशा बच्चों को अपनी सैलरी से कपड़े और उपहार दिलाया करते थे।
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बच्चों के चेहरे की खुशी देखकर ही उन्हें पीएफ की राशि दान करने की प्रेरणा मिली।
विजय कुमार चंसोरिया ने कहा कि मेरे मन में गरीब बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुरू से कुछ करने की इच्छा थी। मेरे पीएफ की राशि बच्चों का उज्जवल भविष्य बनाने के लिए सहायक होगी। मैंने मेरे परिवार वालों से सलाह लेकर अपनी पीएफ निधि को दान करने का फैसला लिया।
