मध्यप्रदेश में कोरोना: आज 187 नए केस, संक्रमितों की संख्या 4173 हुई, अब तक 232 मौतें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश में आज कोरोना के 187 नए मामले सामने आए। राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 4173 हो गई है। इनमें से 1937 मरीज ठीक हो गए हैं, जबकि 232 लोगों की मौत हो चुकी है।
Number of #COVID19 cases climbs to 4173 in Madhya Pradesh, with 187 more people testing positive today. Number of active cases & deaths stands at 1937 & 232, respectively: Madhya Pradesh Health Department
— ANI (@ANI) May 13, 2020विज्ञापन
रेड जोन में शामिल इंदौर में 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ना लगभग तय
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल इंदौर के एक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि जिले में लॉकडाउन इस महीने के आखिर तक बढ़ना लगभग तय है और स्थानीय लोगों को इसके लिये मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिये।
गौरतलब है कि इस महामारी के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को खत्म होने वाला है। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने संवाददाताओं से कहा, 'कोविड-19 के हालात को देखते हुए हम 17 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर जन प्रतिनिधियों और अन्य संबद्ध पक्षों से चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे। लेकिन यह लगभग तय है कि जिले में 17 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ेगा।'
उन्होंने कहा, 'लोगों को इस बात के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए कि जिले में लॉकडाउन की मियाद बढ़ाकर 31 मई तक की जा सकती है।'
कुवैत में फंसे 123 भारतीयों को लेकर इंदौर पहुंचा विशेष विमान
कोविड-19 के प्रकोप के कारण कुवैत में फंसे 123 भारतीयों को लेकर कुवैत एयरवेज कॉर्पोरेशन (केएसी) का एक विमान बुधवार रात यहां देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा।
हवाई अड्डे की निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया कि केएसी का विमान रात में 19:57 बजे इंदौर में उतरा। इस विशेष विमान के जरिए कुवैत से 123 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया।
उन्होंने बताया कि सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग और आव्रजन की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ ही इन सभी यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उनके सामान को संक्रमणमुक्त किया जा रहा है।
सान्याल ने बताया कि कुवैत से स्वदेश लौटे सभी यात्रियों को बसों से भोपाल भेजा जा रहा है जहां उन्हें 14 दिनों तक अनिवार्य पृथक-वास में रखा जाएगा। कोविड-19 के प्रकोप के कारण विभिन्न देशों में फंसे अपने नागरिकों को भारत 'वंदे भारत अभियान' के तहत वापस ला रहा है।
लॉकडाउन में पैदल मार्च निकालना पड़ा भारी, कांग्रेस के दो विधायक गिरफ्तार
कोरोना लॉकडाउन के बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन में पैदल मार्च निकाल रहे कांग्रेस के दो विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों विधायकों पर लॉकडाउन के उल्लंघन का आरोप है। ये दोनों विधायक उज्जैन से भोपाल तक पदयात्रा निकालना चाहते थे।
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुपेश कुमार द्विवेदी ने बताया, लॉकडाउन के तहत सभी तरह की गतिविधियों को बंद किया गया है। तराना विधानसभा सीट के विधायक महेश परमार (कांग्रेस) और आलोट विधानसभा सीट के विधायक मनोज चावला (कांग्रेस) ने लोगों को इकट्ठा करके कानून का उल्लंघन किया है इसलिए दोनों विधायकों को आईपीसी सेक्शन 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा में जैन संत प्रमाणसागर के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मामले में सागर जिले के एएसपी प्रवीण भूरिया ने कहा मामला सामाजिक दूरी के मानदंडों और धारा-144 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन का लगता है। वीडियो के सत्यापन के बाद मामला दर्ज करने के लिए बांदा के पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
78 वर्षीय बुजुर्ग ने अस्पताल से कूदकर दी जान
इंदौर में बुधवार सुबह एक बुजुर्ग ने कोरोना के संदेह में अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। महाराजा तुकोजीराव होलकर (एमटीएच) अस्पताल में भर्ती कराए गए 78 वर्षीय बुजुर्ग ने बुधवार सुबह चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों फेफड़ों के गंभीर निमोनिया से जूझ रहा यह उम्रदराज मरीज जांच में कोविड-19 संक्रमित नहीं मिला था और संभवत: उसने अचानक अवसाद में आकर कथित तौर पर खुदकुशी का कदम उठाया। वह रोगी पिछले 19 दिन से अस्पताल में भर्ती था।
एमटीएच के प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की चौथी मंजिल पर भर्ती सत्यपाल आहूजा (78) ने इसी तल से अचानक छलांग लगा दी। उनके पलंग के पास ही खिड़की थी जहां से वह नीचे कूद गए। उन्होंने बताया कि घटना में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
स्वास्थ्य विभाग ने 300 बिस्तरों वाले एमटीएच को 'येलो श्रेणी' के अस्पताल का दर्जा दिया है यानी इसे कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित किया गया है।
शुक्ला ने बताया कि आहूजा को कोविड-19 के संदेह में ही इस अस्पताल में 24 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। हालांकि, वह जांच में इस महामारी से संक्रमित नहीं पाए गए थे। उन्होंने बताया कि आहूजा को एमटीएच अस्पताल में इसलिए भर्ती रखा गया था क्योंकि वह दोनों फेफड़ों के गंभीर निमोनिया से जूझ रहे थे और सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें मेडिकल यंत्रों से ऑक्सीजन दी जा रही थी।
