200 दलितों को कुएं का पानी पीने से रोका
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 400 किमी दूर अलीराजपुर जिले के घटवानी गांव में आज भी दलितों को सार्वजनिक कुआं के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है और उन्हें इस्तेमाल नहीं किए जा रहे कुएं का पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अनुसूचित जनजाति के भीलाला समुदाय ने आरोप लगाया है कि दलितों को गांव के एक मात्र हाथ से संचालित कुआं के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। गांव में करीब 200 से अधिक दलित रहते हैं। हाल ही में इन लोगों ने जिला कलेक्टर शेखर वर्मा से मुलाकात कर अपने लिए अलग से एक कुएं की मांग की।
वर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय और राजस्व विभाग के अधिकारियों की एक टीम को भेदभाव रोकने के लिए गांव भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि छुआछूत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्मा ने यह भी कहा कि दलितों की मांग पर गांव में एक अन्य हाथ से संचालित कुआं खोदा जाएगा।
कुआं के इस्तेमाल की इजाजत नहीं
सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर आरएस चौहान ने कहा कि एक शिकायत मिली है कि भीलाला समुदाय को पानी निकालने की अनुमति नहीं है।
हम गांव में दलित समुदाय के लिए एक नया हैंडपंप लगाएंगे। मेहताब मंडूर और मुकेश ने कहा कि मौजूदा कुआं उनके घरों से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है लेकिन उन्हें इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं है।
हम पुराने कुएं के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका पानी पीकर हमारे बच्चे अक्सर बीमार ही रहते हैं। गांव की जनसंख्या 930 लोगों की है जिसमें से 200 से अधिक लोग दलित हैं।
