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मप्र में 8 साल में 10 हजार किसानों की खुदकुशी

Wed, 20 Feb 2013 02:08 PM IST
भोपाल/इंटरनेट डेस्क
भोपाल/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 20 Feb 2013 02:08 PM IST
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10 thousand farmers commit suicide in 8 years in mp

मध्य प्रदेश में खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए चल रही मुहिम के बीच बीते आठ साल में 10861 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकाड़ों के अनुसार 2004 से 2011 के दौरान स्वरोजगार के लिए कृषि कार्यों से जुड़े 10,861 लोगों ने जान दे दी।

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एनसीआरबी के मुताबिक किसानों की आत्महत्या के मामले में प्रदेश का स्थान देश में चौथा है। अकेले 2011 में 1326 किसानों ने मौत को गले लगाया। 2004 से 2011 तक आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 10861 हैं। इनमें आत्महत्या के कारण पारिवारिक, बीमारी, नशा सहित अन्य रहे हैं।
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एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2004 में 1638, 2005 में 1248, 2006 में 1375, 2007 में 1263, 2008 में 1379, 2009 में 1395, 2010 में 1237 और 2011 में 1326 किसानों ने खुदकुशी की। बीते आठ सालों के खुदकुशी के आंकड़ों पर ध्यान दें तो लगभग हर छह घंटे में एक किसान ने मौत को गले लगाया। इस पर सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि कृषि कार्य से जुड़े लोगों ने पारिवारिक विवाद, नशे की लत, बीमारी, आर्थिक व अन्य कारणों से खुदकुशी की।
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इस संबंध में विधानसभा में महेंद्र सिंह द्वारा पूछे गये सवाल के लिखित जवाब में गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो के अनुसार 2011 में मात्र 16 किसानों ने आर्थिक कारणों से आत्महत्या की है। 347 मामले पारिवारिक विवाद, 326 शारीरिक या मानसिक बीमारी, 129 नशे की लत और 508 मामलों में किसानों ने अन्य वजहों से खुदकुशी की।

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