{"_id":"5ca20010bdec2213e807066b","slug":"lok-sabha-election-2019-apna-dals-anupriya-patel-writes-to-ec-against-mother-krishna-patel","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने मां की पार्टी के खिलाफ चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने मां की पार्टी के खिलाफ चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी
Mon, 01 Apr 2019 07:07 PM IST
Prabudhh Jain
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Mon, 01 Apr 2019 07:07 PM IST
विज्ञापन
अनुप्रिया पटेल
- फोटो : फाइल फोटो
मिर्जापुर से सांसद और अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां कृष्णा पटेल के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। अपना दल ने जिक्र किया है कि अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल के द्वारा मीडिया में उन्हें अपना दल (कृष्णा गुट) का अध्यक्ष बताया जा रहा है। जबकि निर्वाचन आयोग में अपना दल (कृष्णा गुट) के नाम से कोई भी पार्टी रजिस्टर नहीं है। लगातार मीडिया में कृष्णा पटेल को अपना दल से जोड़कर बताने की वजह से अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल के समर्थकों में भ्रम पैदा हो रहा है।
4 फरवरी 2015 को कृष्णा पटेल की जगह उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल अपना दल की अध्यक्ष बनी थीं। जिसके खिलाफ कृष्णा पटेल ने चुनाव आयोग में अपील की थी। जिस पर चुनाव आयोग ने कहा था वो अपना दल पर किसी का भी अधिकार नहीं मानता है और मामले को आदालत में सुलझाने के लिए कहा था। जिसके बाद कृष्णा पटेल की लखनऊ उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया। आदेश के बाद निर्वाचन आयोग ने अनुप्रिया पटेल के अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया को सही ठहराया था। लेकिन पार्टी पर अधिकार के मामले को सिविल कोर्ट में सुलझाने के लिए कहा था।
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए, उत्तर प्रदेश में अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) का गठबंधन भाजपा के साथ है। अपना दल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर 9 सीटें जीती थी। जबकि कृष्णा पटेल ने अपना दल (कृष्णा गुट) से रोहनिया विधानसभा से नामांकन भरा था लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हे निर्दलीय उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की मौत के बाद से पार्टी को लेकर मां-बेटी में मनमुटाव जारी है। जहां अपना दल (एस) भाजपा के साथ यूपी की सत्ता पर काबिज है। जबकि कृष्णा पटेल का गुट कांग्रेस के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कांग्रेस ने कृष्णा पटेल गुट को दो सीटें दी हैं।
विज्ञापन
4 फरवरी 2015 को कृष्णा पटेल की जगह उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल अपना दल की अध्यक्ष बनी थीं। जिसके खिलाफ कृष्णा पटेल ने चुनाव आयोग में अपील की थी। जिस पर चुनाव आयोग ने कहा था वो अपना दल पर किसी का भी अधिकार नहीं मानता है और मामले को आदालत में सुलझाने के लिए कहा था। जिसके बाद कृष्णा पटेल की लखनऊ उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया। आदेश के बाद निर्वाचन आयोग ने अनुप्रिया पटेल के अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया को सही ठहराया था। लेकिन पार्टी पर अधिकार के मामले को सिविल कोर्ट में सुलझाने के लिए कहा था।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए, उत्तर प्रदेश में अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) का गठबंधन भाजपा के साथ है। अपना दल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर 9 सीटें जीती थी। जबकि कृष्णा पटेल ने अपना दल (कृष्णा गुट) से रोहनिया विधानसभा से नामांकन भरा था लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हे निर्दलीय उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
विज्ञापन
अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की मौत के बाद से पार्टी को लेकर मां-बेटी में मनमुटाव जारी है। जहां अपना दल (एस) भाजपा के साथ यूपी की सत्ता पर काबिज है। जबकि कृष्णा पटेल का गुट कांग्रेस के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कांग्रेस ने कृष्णा पटेल गुट को दो सीटें दी हैं।