{"_id":"61dd7c8d3b3e4b75297404e7","slug":"north-delhi1641905293","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओमिक्रॉन हल्का वेरिएंट है तो फिर क्यों बढ़ रही हैं मौतें: बिधूड़ी","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
ओमिक्रॉन हल्का वेरिएंट है तो फिर क्यों बढ़ रही हैं मौतें: बिधूड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली।
विज्ञापन
प्रदेश भाजपा ने कोरोना के कारण बढ़ती मौत को लेकर चिंता जाहिर की है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि जनवरी के पहले दस दिनों में सरकारी रिकार्ड्स के मुताबिक कोरोना से 70 मौतें हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन बहुत माइल्ड है जबकि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन कह रहे हैं कि ओमिक्रॉन से कोई मौत नहीं हुई। इससे असमंजस की स्थिति बन गई है। सवाल यह है कि फिर ये मौतें कैसे बढ़ रही हैं?
बिधूड़ी ने कहा कि 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली में अब कोरोना के फैलने की आशंका नहीं है क्योंकि सीरो सर्वे के अनुसार 95 फीसदी लोगों में एटीबॉडी है और 99 फीसदी लोगों को वेक्सीन की पहली डोज और 70 फीसदी लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। अब सवाल यह है कि अगर कोरोना का नया वेरिएंट बहुत माइल्ड है और उससे कोई मौत भी नहीं हुई तो क्या डेल्टा वेरिएंट फिर तेजी से फैल रहा है। इसी से लोगों की मौत हो रही है। पुराने वेरिएंट डेल्टा के दोबारा फैलने की कोई आशंका सरकार ने जाहिर नहीं की और न ही जनता को ऐसी कोई सूचना दी है कि डेल्टा फिर से फैल रहा है। सरकार ने जीनोम सिक्वेंसिंग भी लगभग बंद कर दी है जिससे यह पता नहीं लग पा रहा कि आखिर कौन-सा वेरिएंट फैल रहा है। पहली जनवरी से अब तक 70 मौतें हो चुकी हैं जबकि इससे पहले के चार महीनों में सितंबर में 5, अक्टूबर में 4, नवंबर में 7 और दिसंबर में सिर्फ 9 मौतें ही हुई थीं।
----------
सरकार स्पष्ट करे
बिधूड़ी ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या दिल्ली में डेल्टा वेरिएंट फिर से फैल गया है? अगर ऐसा है तो फिर तैयारी भी उसी के अनुसार करनी चाहिए। सरकार इसे बहुत हल्का वेरिएंट बता रही है और लोग भी सरकार की अप्रोच के अनुसार ही इसे हल्के में ले रहे हैं लेकिन मौतें लगातार बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
-------
नवनीत शरण