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पंचायत चुनावों में बूथ पर झगड़ा करने पर 8 दोषियों को 10-10 साल की सजा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 07:00 PM IST
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पंचायत चुनावों में बूथ पर झगड़ा करने पर 8 दोषियों को 10-10 साल की सजा
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अदालत ने 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया 24 जनवरी 2016 में पंचायत चुनावों के दौरान बूथ पर किया था झगड़ा बूथ कैप्चरिंग मामले में 6 साल बाद सुनाई सजा। संवाद न्यूज एजेंसी नूंह। जिले के इंडरी गांव में 24 जनवरी 2016 पंचायती चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग करने के मामले में 6 साल बाद अदालत ने 8 दोषियों को 10-10 साल सजा सुनाई है। बूथ पर लड़ाई झगड़ा, तोडफ़ोड़, सरकारी संपति को नुकसान करने सहित कई अन्य मामलों के आरोप में नूंह की अतिरिक्त एवं सत्र न्यायधीश प्रशांत राणा की अदालत ने दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपियों को बीते 18 जनवरी को दोषी करार देते हुए अपने फैसले को सुरक्षित रखे हुए था। इस फैसला को 19 जनवरी को सुनाना था लेकिन कारणवश इस दिन फैसला नहीं आ पाया। जिससे शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाकर आरोपियों को जेल भेज दिया। जिन आरोपियों को अदालत ने सजा सुनाई है उनमें मुख्य रूप से जगगी व आनंद पुत्र बनेसिंह निवासी गांव आटा, मोंटी पुत्र महेंद्र निवासी गांव समयपुर बल्लबगढ़ के अलावा अन्य पांच आरोपियों में इंडरी गांव के गुलशन पुत्र किशन सिंह, सचिन पुत्र प्रताप, दीपक पुत्र  अनंगपाल, सतीश पुत्र उमराव व बिल्लू पुत्र नरेंद्र शामिल है। उक्त सभी आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है। अदालत ने इस मामले में तमाम सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर सभी को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। बता दें कि जिले में 24 जनवरी 2016 को पंचायती चुनावों के दौरान उक्त सभी दोषियों ने इंडरी सीनियिर सेकेंडरी स्कूल के बूथ नंबर 116, 117 पर अचानक से जाकर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। इस दौरान सरकारी संपति को भी नुकसान पहुंचाया गया। कई ईवीएम को भी तोडऩे के साथ सरकारी कागजों को भी लूटकर ले गए। मौके पर मौजूद सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। चुनावों के दौरान बूथ पर मौजूद प्रेजाईडिंग ऑफिसर अय्युब खान की शिकायत पर रोजका मेव थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। तभी से यह मामला नूंह की अदालत में विचारधीन था। जिससे इस मामले में अब फैसला आया है। इस दौरान काफी संख्या में इन बूथों पर लोग एकत्रित हो गए जिससे चुनाव को बीच में रोकना पड़ा था। गांव में भी काफी तनाव का माहौल है।
क्या कहते हैं परिजन : इस मामले में दोषियों के परिजनों व इंडरी गांव के सरपंच कमल पंवार ने बताया कि इस मामले की कई धाराओं ने उनके सभी परिजन वर्ष 2017 में बरी हो गए थे। अदालत के इस फैसले से वह संतुष्ट नहीं है इसलिए वह न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटाखटाएंगे। उन्हें उच्च न्यायलय में जरूर न्याय मिलेगा।
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