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Hartalika Teej 2026 : हरतालिका तीज व्रत का पारण कब और कैसे करें, जानिए संपूर्ण पूजा विधि

Mon, 14 Sep 2026 07:40 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 14 Sep 2026 07:40 PM IST
खास बातें

Hartalika Teej 2026 Puja Muhurat in Hindi: आज सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं हरतालिका तीज की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत से जुड़ी जरूरी जानकारी।

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Hartalika Teej Vrat 2026 Live Puja Samagri Vidhi Shubh Muhurat Mantra Katha and Wishes Updates
हरतालिका तीज पूजा शुभ मुहूर्त और महत्व - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

07:39 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज व्रत का पारण कब करें ?

हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं निर्जला रखती हैं और फिर इस व्रत के अगले दिन पारण करती हैं। पारण सुबह की पूजा-अर्चना के बाद किया जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके अच्छे कपड़े पहने कर भगवान शिव और माता पार्वती के सामने धूप-दीप जलाकर आरती करें और सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। फिर कुछ खाकर और जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें। 
 
07:15 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज पर 16 श्रृंगार क्यों करती हैं सुहागिन महिलाएं ?

हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन 16 श्रृंगार करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं क अनुसार 16 श्रृंगार सौभाग्य और वैवाहिक सुख-समृद्धि का प्रतीक होता है। ऐसे में इस दिन 16 श्रृंगार करके शिव-पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। 
 
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06:34 PM, 14-Sep-2026

प्रदोष काल में कैसे करें हरतालिका तीज की पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज पर प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। ऐसे में इस समय सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करके भगवान शिव और पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। फिर इसके बाद भगवान गणेश की पूजा और ध्यान करें। इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव को गंगाजल, फूल, बेलपत्र, जल और मिठाई अर्पित करें, इसके अलावा माता पार्वती को श्रृंगार की सभी चीजों को अर्पित करते हुए सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें।
05:58 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज पर मां पार्वती को अर्पित करें ये चीजें

आज शाम हरतालिका तीज पर मां पार्वती को सिंदूर, इत्र, लाल, चुनरी, बिंदी, काजल, कंघी, तेल, मेहंदी, पायल, चूड़ियां समेत दूसरी श्रृंगार की चीजें अर्पित करना शुभ होता है। 
05:22 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 Aarti: हरतालिका तीज पर जरूर करें शिव आरती

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी॥ ॐ जय शिव॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ॐ जय शिव॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव॥

त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव॥
04:52 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 Mantra: हरतालिका तीज मंत्र

हरतालिका तीज पर भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप जरूर करें।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा ।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व ।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
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04:29 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Muhurat 2026: हरतालिका तीज पर किसकी होती है पूजा

आज हरतालिका तीज पर विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर पूजा करने का विधान होता है।  
 
03:45 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Muhurat 2026:  हरतालिका तीज प्रदोष काल पूजा मुहूर्त 

हरतालिका तीज पर कई जगहों पर प्रदोष काल में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार आज के दिन प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर रात 08 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। जिसमें सुगाहिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगे। 
03:23 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Vrat Katha:  हरतालिका तीज व्रत की कथा

आज हरतालिका तीज है, यह पर्व सुहागिन महिलाएं अपने पति की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखती हैं। हरतालिका तीज मां पार्वती और भगवान शिव के मिलन की कथा के रूप में हर मनाई जाती है।  पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती अपने कई जन्मों से भगवान शिव को पति के रूप में पाना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने हिमालय पर्वत के गंगा तट पर बाल अवस्था में अधोमुखी होकर तपस्या की थी। 

माता पार्वती बिना अन्न और जल का भी सेवन किए तपस्या में लीन रहती थी, तब देवी पार्वती को इस अवस्था में देखकर उनके माता पिता बहुत दुखी रहते थे। एक दिन देवऋषि नारद भगवान विष्णु की तरफ से पार्वती जी के विवाह के लिए प्रस्ताव लेकर उनके पिता के पास गए। पार्वती जी के पिता ने तुरंत ही इस प्रस्ताव के लिए हां कर दी। जब माता पार्वती को उनके पिता ने उनके विवाह के बारे में बताया तो वह काफी दुखी हो गई।

अपने विवाह की बात को एक सखी से माता पार्वती ने बताया कि पार्वती जी शिव जी को पति रूप में पाने के लिए तप कर रही हैं। लेकिन उनके पिता चाहते की पार्वती का विवाह विष्णु जी से हो जाए। इस पर उनकी उस सहेली ने माता पार्वती को वन में जाने कि सलाह दी। 

तब अपनी सखा की बात को मान कर माता पार्वती ने ऐसा ही किया और वो एक गुफा में जाकर भगवान शिव की तपस्या में लीन हो गई थी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग का बनाया और शिव जी की स्तुति करने लगी। इतनी कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव ने माता पार्वती को दर्शन दिए और उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया।
 
02:56 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज की क्या है पूजा विधि

आज गणेश चतुर्थी तिथि पर हरतालिका तीज का भी त्योहार है। यह पर्व पति-पत्नी के अटूट रिश्तों का त्योहार है। इसमें सुहागिन महिलाएं बालू और मिट्टी से शिव-पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति बनाते हुए उनकी विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना करती हैं। इसमें  रोली,चावल,पुष्प,बेलपत्र,नारियल ,दूर्वा,मिठाई आदि से भगवान का भक्ति भाव से पूजन करें। इसके बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। आरती करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्ति करती हैं। 
 
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